Travel Guide Vindhyachal
Travel Guide Vindhyachal

विंध्यांचल की ख़ास बात

यह स्थान विशेष रूप से माँ विंध्यवासिनी मंदिर के लिए जाना जाता है जो शक्ति उपासकों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। माँ विंध्यवासिनी के दर्शन के साथ-साथ यहाँ कालिका मंदिर, अष्टभुजा मंदिर, सीता कुंड और कई अन्य धार्मिक स्थल भी स्थित हैं।

Travel Guide Vindhyachal: विंध्यांचल भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। यह न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी प्रसिद्ध है। यह स्थान विशेष रूप से माँ विंध्यवासिनी मंदिर के लिए जाना जाता है जो शक्ति उपासकों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। माँ विंध्यवासिनी के दर्शन के साथ-साथ यहाँ कालिका मंदिर, अष्टभुजा मंदिर, सीता कुंड और कई अन्य धार्मिक स्थल भी स्थित हैं। यदि आप तीन दिनों में विंध्यांचल की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो यह तीन दिन में घूमने की जानकारी आपकी यात्रा को सुगम और यादगार बना सकती है।

Maa Vindhyavasini Temple
Maa Vindhyavasini Temple

पहले दिन की शुरुआत माँ विंध्यवासिनी मंदिर के दर्शन से करें। यह मंदिर गंगा नदी के किनारे स्थित है और यहाँ सालभर भक्तों की भीड़ रहती है। माँ विंध्यवासिनी को शक्ति की देवी माना जाता है और यहाँ की आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। इसके बाद आप कालिका मंदिर और अष्टभुजा मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। अष्टभुजा मंदिर एक ऊँचे पर्वत पर स्थित है और यहाँ से विंध्य पर्वत श्रृंखला का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। मान्यता है कि यहाँ माता सीता ने कुछ समय व्यतीत किया था। मंदिर तक पहुँचने के लिए पैदल मार्ग के साथ-साथ रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है जिससे यात्रा और अधिक रोचक बन जाती है। 

Visit Sita Kund
Visit Sita Kund

दूसरे दिन की शुरुआत सीता कुंड से कर सकते हैं जोकि विंध्य पर्वत क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह वह स्थान माना जाता है जहाँ माता सीता ने वनवास के दौरान विश्राम किया था। यहाँ एक प्राचीन जल कुंड भी स्थित है जिसका जल अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसके बाद आप मार्कंडेय महादेव मंदिर की ओर प्रस्थान करें। यह मंदिर काशी और विंध्यांचल के बीच स्थित है और इसे भगवान शिव का पवित्र धाम माना जाता है। यहाँ की शिवलिंग स्वयंभू मानी जाती है और मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु यहाँ आकर सच्चे मन से प्रार्थना करता है उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। आप तारकेश्वर महादेव मंदिर और अन्य स्थानीय मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। 

Visit Chunar Fort
Visit Chunar Fort

तीसरे दिन की शुरुआत ऐतिहासिक स्थलों की खोज से करें। आप चुनार किला घूमने जा सकते हैं जोकि विंध्यांचल से लगभग 30 किमी की दूरी पर स्थित है। यह किला गंगा नदी के किनारे स्थित है और मुगल व शेरशाह सूरी के समय का ऐतिहासिक धरोहर है। यहाँ से गंगा का मनोरम दृश्य दिखाई देता है और किले के भीतर कई ऐतिहासिक संरचनाएँ देखी जा सकती हैं। इसके बाद आप विंध्य पर्वत श्रृंखला में प्रकृति के सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं। यहाँ कई सुंदर झरने, हरे-भरे जंगल और शांत वातावरण मिलता है। यदि आपको ट्रैकिंग पसंद है तो यह स्थान आपके लिए उत्तम रहेगा।

विंध्याचल एक ऐसा स्थान है जहाँ आध्यात्म, इतिहास और प्रकृति तीनों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। माँ विंध्यवासिनी मंदिर, अष्टभुजा मंदिर, गंगा घाट, सीता कुंड, चुनार किला और विंध्य पर्वत श्रृंखला इस यात्रा को और भी खास बना देते हैं। तीन दिनों की इस यात्रा में आपको धार्मिक शांति, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर अनुभव मिलेगा। यदि आप एक ऐसी यात्रा की योजना बना रहे हैं जो आत्मिक शांति के साथ-साथ रोमांच और सुंदरता से भरपूर हो तो विंध्याचल निश्चित रूप से आपके लिए एक आदर्श स्थान होगा।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...