पुरी में हैं ये 5 खूबसूरत पर्यटन स्थल, एक बार जरूर करें इनका रुख: Puri Tourist Destination
Puri Tourist Destination

पुरी की ख़ास बात

इस जगह की पहचान इतनी ख़ूबसूरत और अलहदा है कि देश दुनिया भर से सैलानी इस जगह पर आते हैं। इस जगह पर आपको वह सबकुछ मिलता है जो एक पर्यटक को चाहिए।

Puri Tourist Destination: ओडिशा हमारे देश भारत का एक बहुत ही प्रमुख राज्य है जो पर्यटन के साथ साथ अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है। इस जगह का रहन सहन, जीवन और संस्कृति बहुत ही लाजवाब है। इसी का एक ख़ूबसूरत सा हिस्सा है पुरी जोकि अपने दर्शनीय स्थलों के लिए जाना जाता है। इस जगह की पहचान इतनी ख़ूबसूरत और अलहदा है कि देश दुनिया भर से सैलानी इस जगह पर आते हैं। इस जगह पर आपको वह सबकुछ मिलता है जो एक पर्यटक को चाहिए। इस जगह पर यदि आप आने का विचार बनते हैं तो आपको कई ख़ूबसूरत समुद्र तटों का दीदार होगा। आप कई तरह के ख़ूबसूरत ऐतिहासिक स्थल देख पायेंगे। पुरी यात्रा के दौरान आपको कई ऐसे गांव भी घूमने को मिल सकते हैं जिन्हें सांस्कृतिक गांव के तौर पर जाना जाता है। इन सभी जगहों को आप अपनी यात्रा का हिस्सा बना सकते हैं। आपको अपनी छुट्टियां बिताने के लिए पुरी बहुत ही माक़ूल जगह है। 

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Puri Tourist Destination
Shri Jagannath Puri Temple

श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर पुरी ही नहीं बल्कि हमारे देश के सबसे बड़े और प्रमुख दर्शनीय स्थलों में गिना जाता है। यह भारत के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक माना जाता है। भगवान जगन्नाथ को समर्पित इस मंदिर के प्रति लोगों के मन में असीम श्रद्धा है। यह मंदिर दुनिया भर में अपनी आस्था के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में लोग अपनी धार्मिक भावनाओं को प्रकट करने के लिए आते हैं। इस मंदिर की बनावट बहुत ही ख़ूबसूरत है जो दूर से ही लोगों को अपनी तरफ़ आकर्षित करता है। कलिंग शैली में बने इस मंदिर की वास्तुकला देखते ही बनती है। इस जगह पर आने वाले लोग भगवान जगन्नाथ के दर्शन करते हैं और इस मंदिर की स्थापत्य कला और शिल्प की सराहना करते नहीं थकते। यह मंदिर धार्मिक आस्था और खूबसूरती की मिसाल है।

Puri beach
Puri beach

श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर के अलावा पुरी का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण यहाँ का बृहद समुद्र तट है। यह बंगाल की खड़ी के किनारे स्थित है। दिन भर इधर उधर घूमने के पश्चात ऐसा लगता है कि पूरी की पूरी की पूरी भीड़ समुद्र तट पर आ गई है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मान्यताओं के अनुसार मंदिर में दर्शन करने के पश्चात समुद्र में डुबकी लगाने को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस जगह से सूर्योदय और सूर्यास्त का नज़ारा भी बहुत ही ख़ूबसूरत दिखाई देता है। लोग डूबते सूरज के मनमोहक दृश्य को देखने के लिए इस जगह पर आते हैं। इस जगह पर आपको कुछ लोग शाम के समय टहलते और सुबह की सैर करते भी दिख जायेंगे। इस जगह पर कई तरह की गतिवधियाँ भी होती रहती हैं। कुल मिलकर यह समझ सकते हैं कि यह जगह बहुत ही ख़ूबसूरत और विविधतापूर्ण है। 

Chilka Lake
Chilka Lake

चिल्का झील पूरी के सबसे ख़ास पर्यटन स्थलों में आता है। यही वजह है कि इस जगह पर देश के कोने कोने से लोग आते हैं। इस बात से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है कि यह भारत ही नहीं बल्कि एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। इस झील के विस्तार का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह पुरी, गंजम और खोरधा उड़ीसा के 3 जिलों तक फैली हुई है। इस जगह पर आपको कई तरह की जैव विविधता देखने को मिलेगी। इस झील में आपको हरे भरे अपने प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कई छोटे छोटे द्वीप भी देखने की मिल जाएँगे। इस जगह पर पहुंचने के लिए आपको पूरी से लगभग 50 किमी की दूरी तय करनी होगी। इस जगह पर सर्दियों में तरह तरह के प्रवासी पक्षी भी आते हैं। इस जगह पर आप बर्ड वाचिंग और बोटिंग का भी मज़ा ले सकते हैं। 

Markandeshwar Temple
Markandeshwar Temple

मार्कंडेश्वर मंदिर को उड़ीसा के सबसे दर्शनीय मंदिरों में से एक माना जाता है। पुरी में स्थित यह एक बहुत ही ख़ूबसूरत और पवित्र मंदिर है। यह मंदिर बहुत ही ख़ूबसूरत है। इसकी बनावट को देखकर सैलानी इस मंदिर की तरफ़ दूर से ही खींचे चले आते हैं। यह आसपास के लोगों ही नहीं बल्कि देश के कोने कोने से आने वाले सैलानियों के भी आस्था का एक बहुत बड़ा केंद्र है। इस मंदिर के निर्माण के सम्बंध में कहा जाता है कि13वीं शताब्दी का है। इस मंदिर में दस भुजाओं वाली नटराज की आकृति मौजूद है। इस जगह पर आपको देवी पार्वती, भगवान मुरुगा गणेश जी के भी दर्शन होंगे। इस जगह पर साथ एक अद्भुत कला से भी आपका परिचय होगा। इस ख़ूबसूरत मंदिर में भगवान शिव के 52 पवित्र मंदिर स्थित हैं। इस जगह पर आकर आपको बहुत ही अच्छा लगेगा। 

Udayagiri and Khandagiri caves
Udayagiri and Khandagiri caves

पुरी में घूमने के लिए बहुत कुछ है लेकिन उदयगिरि और खंडगिरि की गुफाओं की अपनी एक अलग ही बात है। उड़ीसा आकर इस जगह पर नहीं गए तो समझो की आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी। इसलिए आपको इन गुफ़ाओं को देखने जाना ही जाना चाहिए। इन प्राचीन गुफ़ाओं का इतिहास बहुत ही पुराना है। ऐसा बताया जाता है कि इन गुफ़ाओं का निर्माण दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास हुआ था। राजा खारवेल द्वारा बनवाई गई यह गुफायें अपने आपमें कई तरह के रहस्यों को समेटे हुए हैं। कुछ लोग इन गुफाओं को जैन समुदाय से सम्बंधित बताते हैं। ऐसा कहा जाता है कि यह जैन समुदाय द्द्वारा बनाई गई सबसे शुरुआती गुफाओं में से एक हैं। उदयगिरि में कुल 18 और खंडगिरी में 15 गुफाएं हैं। इस जगह पर मौजूद रानी गुफा को सबसे खास माना जाता है।

पुरी वैसे तो किसी भी मौसम में घुमा जा सकता है। लेकिन सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च महीने तक का होता है। इस दौरान सर्दियाँ पड़ती हैं और मौसम बहुत ही ख़ुशनुमा रहता है। इन महीनों में पूरी की जलवायु सुखद होती है। औसतन तापमान 16-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इस दौरान पूरी में पर्यटन शीर्ष पर होता है। देश दुनिया भर से आए सैलानियों की भीड़ लगी रहती है। आप इस जगह पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ भी आ सकते हैं। 

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...