मंदिर जाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियाँ
पूजा पाठ करने के भी अपने नियम है अगर आप उन नियमों को पूर्ण रूप से अपनाते है तभी ही आपको आपकी भक्ति पूजा पाठ का परिणाम मिलता है अथवा सब व्यर्थ हो जाता है। इसीलिए अगर आप रोजाना पूजा के लिए मंदिर जाते है तो भूलकर भी न करें ये काम नहीं तो आपके द्वारा किये गये सरे कर्म निष्फल हो जाएँगे। तो चलिए आपको बताते है कि अगर आप रोजाना मंदिर में पूजा के लिए जा रहे है तो आपको कौन कौन से काम करने से बचना है।
Temple Vastu Tips: ईश्वर में लोगों की भक्ति और श्रद्धा उनके ह्रदय के अनुसार होती है लोग जिस रूप में ईश्वर को मानते है उसी ही रूप में उनको पूजते भी हैं। ईश्वर को खुश करने के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते है कुछ दान दक्षिणा देते है तो कुछ प्रतिदिन पूजा पाठ करते है, लेकिन पूजा पाठ करने के भी अपने नियम है अगर आप उन नियमों को पूर्ण रूप से अपनाते है तभी ही आपको आपकी भक्ति पूजा पाठ का परिणाम मिलता है अथवा सब व्यर्थ हो जाता है। इसीलिए अगर आप रोजाना पूजा के लिए मंदिर जाते है, तो भूलकर भी न करें ये काम नहीं तो आपके द्वारा किये गये सरे कर्म निष्फल हो जाएँगे। चलिए आपको बताते है कि अगर आप रोजाना मंदिर में पूजा के लिए जा रहे है, तो आपको कौन कौन से काम करने से बचना है।
बिना नहाएं कभी भी न करें मंदिर में प्रवेश

भगवान की पूजा स्वच्छ होकर ही करना चाहिए इसीलिए अगर आप रोजाना मंदिर में पूजा के लिए जाते है तो कभी भी बिना नहायें मंदिर में प्रवेश न करें। ऐसा करने से ईश्वर नाराज़ होते है और आपकी पूजा निष्फल हो जाती है।
चप्पल पहनकर मंदिर में न जायें

मंदिर में कभी भी चप्पल या जूता पहनकर प्रवेश न करें। बुजुर्गों और ब्राह्मणों के अनुसार मंदिर में चप्पल पहनकर प्रवेश करना वर्जित माना जाता है। अगर आप ये गलती करते है तो सबसे पहले आपको मंदिर में प्रवेश ही नहीं करने दिया जाएगा अथवा अगर आप प्रवेश कर भी लेते है तो कहा जाता है कि ऐसा करने से ईश्वर अप्रसन्न होते है।
चमड़े के बैग और बेल्ट लेकर न करें पूजा

मंदिर में मांस मच्छी को निषेध माना जाता है। चमड़े के बने बेल्ट और बैग पशुओं की त्वचा से ही बने होते है। इसलिए चमड़े के बने बैग और बेल्ट को कभी भी लेकर मंदिर में नहीं जाना चाहिए।
जल चढ़ाने के लिए जल का लौटा घर से लेकर जाएँ

वास्तु शास्त्र के अनुसार कहा जाता है कि मंदिर में जल चढ़ाना पूजा के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी माना जाता है तो इसीलिए हमेशा अपने घर से ही जल का लौटा भरकर ही मंदिर में जाकर पूजा करें।
मंदिर में दीपक जरुर जलाएं

अगर आप मंदिर पूजा के लिए जाते है तो रोजाना मंदिर में एक दीपक जरुर जलाएं। मंदिर में जला दीपक आपकी ज़िन्दगी में भी रोशनी करता है।
मंदिर में बिना घंटी बजाएं वापस न आएं

मंदिर में प्रवेश करते ही घंटी बजाकर भगवान को अपने आने से अवगत जरुर कराएं। इसके साथ ही जब भी वापस घर जाए तो एक बार मंदिर की घंटी जरुर बजाएं।
मंदिर से लाया हुआ प्रसाद कभी भी अकेले न खाएं

मंदिर में यदि आपको प्रसाद मिलता है तो कभी भी उसे अकले ग्रहण न करें। पूरे परिवारवालों में उसे बांटे। ऐसा करने से ईश्वर खुश होते है और उनकी कृपा परिवारवालों को भी मिलती है।
मंदिर से वापसी में कभी भी खाली लौटा घर न लाएं

मंदिर में जल चढ़ाने के बाद कभी भी लौटे को पूरी तरह से खाली न करें उसमें थोड़ा सा जल बचाकर घर लाएं और पूरे परिवारवालों में उसे बांटें और माथे लगाने को कहें।
