Cookie Challenge Parenting
Cookie Challenge Parenting Credit: Istock

Cookie Challenge Parenting: पेरेंटिंग जितनी मुश्किल होती है उतनी ही मजेदार भी। बच्‍चे को लाइफ लेसन सिखाने और सही-गलत का अंतर का ज्ञान कराने में पेरेंटिंग का विशेष योगदान होता है। हालांकि हर माता-पिता के लिए पेरेंटिंग की अपनी एक अलग परिभाषा होती है। इसी के चलते इनदिनों पेरेंटिंग का नया ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे कुकी चैलेंज पेरेंटिंग का नाम दिया गया है। इस पेरेंटिंग चैलेंज के तहत बच्‍चे को शेयरिंग और केयरिंग के महत्‍व के बारे में जानकारी दी जाती है। कुकी चैलेंज क्‍या है और ये बच्‍चों को कैसे प्रभावित करती है चलिए जानते हैं इसके बारे में।

क्या है कुकी चैलेंज

Cookie Challenge Parenting
What is the cookie challenge

कुकी चैलेंज पेरेंटिंग का एक ऐसा तरीका है जिसके माध्‍यम से बच्‍चा कितना समझदार और दयालू है इसका पता लगाया जा सकता है। इस चैलेंज से बच्‍चे की मोटर स्किल और शेयरिंग हैबिट को डेवलप करने में मदद मिल सकती है। साथ ही पता लगाया जा सकता है कि बच्‍चा पेरेंट्स और अपने सिबलिंग के बारे में क्‍या सोचता है।

कुकी चैलेंस को कैसे करते हैं अप्‍लाई

इस चैलेंज के तहत माता-पिता और बच्‍चे के सामने एक-एक नैपकीन रखे जाते हैं। बच्‍चे के नैपकिन के नीचे दो कुकीज रखते हैं और पेरेंट्स का नैपकिन खाली होता है। बारी-बारी से बच्‍चे और पेरेंट्स से नैपकिन को हटाने और उसके नीचे रखे सामान को देखने के लिए कहा जाता है। इसके बाद पेरेंट्स अपने बच्‍चे की प्रतिक्रिया देखते हैं कि बच्‍चा वह दोनों कुकीज स्‍वयं के लिए रखता है या पेरेंट्स के साथ शेयर करता है। यदि शेयर करता है तो बच्‍चा आपके प्रति संवेदनशील व केयरिंग है और यदि नहीं तो वह स्‍वयं की आवश्‍यकताओं और पसंद को अधिक प्राथमिकता देता है।

कुकी चैलेंज के फायदे

– कुकी चैलेंज करने से बच्‍चे की भावनाओं के बारे में बता लगाया जा सकता है।

– इससे बच्‍चे की शेयरिंग हैबिट को डेवलप करने में आसानी हो सकती है।

– बच्‍चे छोटी उम्र से ही चुनौतियों का सामना करना सीखता है।

– कुकी शेयर करने से बच्‍चा अच्‍छा डिसीजन मेकर बन सकता है।

– इस चैलेंज के माध्‍यम से पेरेंट्स और बच्‍चे के बीच भावनात्‍मक संबंध मजबूत होता है।

– बच्‍चे को शेयर करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा सकता है।

अगर बच्‍चा असफल होता है तो क्‍या करें

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What to do if the child fails

– बच्‍चे को कुकी शेयर करने के लिए फोर्स न करें।

– पेरेंट्स बच्‍चे की असफलता के लिए उसे स्‍वार्थी न मानें।

– बच्‍चे को समझाते हुए उसके विचार का समर्थन करें।

– बच्‍चे को सही और गलत के विषय में समझाएं।

– उसे कुकी देने के लिए प्रोत्‍साहित करें।

– बच्‍चे को शेयरिंग के महत्‍व के बारे में बताएं।

– कुकी शेयर न करने पर बच्‍चे पर गुस्‍सा करने से बचें।

शेयरिंग की आदत को ऐसे करें डेवलप

– बच्‍चे में शेयरिंग की आदत धीरे-धीरे डेवलप होती है। पेरेंट्स बच्‍चे की इस आदत को सहानुभूति और रचनात्‍मक तरीके से बढ़ावा दें।

– कई बार बच्‍चे अपनी पसंदीदा चीजों को शेयर करने से कतराते हैं। ऐसी स्थिति में बच्‍चे को फोर्स न करें।

– शेयरिंग की आदत डेवलप करने के लिए बच्‍चे को पर्याप्‍त मात्रा में चीजें लाकर दें।

– शेयर करने पर बच्‍चे की तारीफ कर उसे प्रोत्‍साहित करें।

– घर से ही शेयर करने की आदत डालें।