Summary: पेरेंट्स के लिए सुरक्षित मार्गदर्शन टिप्स
टीनएज में क्रश और अट्रैक्शन सामान्य हैं। पेरेंट्स को डांटने या रोकने की बजाय समझ, शांत संवाद, सीमाएं और सही मार्गदर्शन देकर बच्चे को सुरक्षित व जिम्मेदार बनाना चाहिए।
Handle Teenage Relationships: टीनएज बच्चों के विकास का वह चरण है जिसमें उनके अंदर कई शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलाव आते हैं। इसी उम्र में बच्चा पहली बार किसी से जुड़ाव या शुरुआती प्यार की भावना को महसूस करता है। वह महसूस करता है माता-पिता, दोस्त, परिवार से अलग किसी और से जुड़ाव को। इस स्थिति का पता चलने पर माता-पिता घबरा जाते हैं और बच्चों को कंट्रोल करने के लिए उन्हें डांटना, डरना शुरू कर देते हैं। परंतु माता-पिता का इस तरह का बर्ताव बच्चों को और जिद्दी बनता है। आईए जानते हैं इस लेख में टीनएज रिलेशनशिप को माता-पिता किस तरह हैंडल करें।
टीनएज लव क्या है और क्यों होता है
टीनएज लव को हम तीन चरणों में समझ सकते हैं क्रश, अट्रैक्शन और शुरुआती प्यार।
क्रश: यह बहुत थोड़े समय का आकर्षण है जो किसी व्यक्ति के रंग, रूप या व्यक्तित्व को देखकर होता है।

अट्रैक्शन: यह स्थिति क्रश के बाद की है, इसमें बच्चा भावनात्मक या शारीरिक रूप से किसी के प्रति आकर्षित होता है।
शुरुआती प्यार: यह स्थिति आकर्षण के बाद की है। बच्चे सामने वाले के प्रति अपने आकर्षण को प्यार समझ लेते हैं।
टीनएज में ऐसा क्यों होता है: इस उम्र में बच्चों के अंदर हार्मोनल बदलाव और शारीरिक बदलाव तेजी से होते हैं। जिसके कारण वह अपने या दूसरों के बदलावों के प्रति आकर्षित होते हैं। टेस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन उनके अंदर बहुत से शारीरिक बदलाव और जिज्ञासाओं को जन्म देते हैं।
वर्तमान समय में कम उम्र में बच्चों का क्रश, प्यार, रिलेशनशिप जैसे बातों को करने या जानने का एक कारण सोशल मीडिया, फिल्म, वेब सीरीज में देखे गए रोमांटिक और इंटिमेसी सीन भी कारण होते हैं। इस तरह के सीन बच्चों के अंदर जिज्ञासा और आकर्षण दोनों को बढ़ाता है।
पेरेंट्स की गलतियां जो करते हैं
अपने बच्चों के टीनएज रिलेशनशिप के बारे में पता चलने पर पेरेंट्स की सबसे पहली प्रतिक्रिया बच्चे पर गुस्सा करने के तौर पर होती है। वह बच्चे को धमकाना, डांटना या शर्मिंदा करना शुरू कर देते हैं। बच्चे के साथ माता-पिता का इस तरह का बर्ताव पेरेंट्स और बच्चे के बीच दूरी को बढ़ाता है और बच्चा आपसे ज्यादा अपने नए रिलेशनशिप में भरोसा और प्यार देखाता है।
टीनएज में बच्चा चाहता है आप उसकी भावना को समझे। ऐसे में जब आप उसके पहले क्रश को बेवकूफी कहते हैं तो उसे लगता है आप उसे नहीं समझते और वह आपसे दूरी बनाते हैं।
बहुत से माता-पिता बच्चों की तुलना अपने जमाने से करने लगते हैं जो कि बच्चों के लिए ज्यादा इरिटेटिंग होता है और वह आपकी राय लेने से बचता है।
टीनएज रिलेशनशिप, इस तरह संभाले पेरेंट्स
अगर आपको लगता है, आपका बच्चा किसी रिलेशनशिप में है तो उसे डांटने की बजाय धैर्य से काम ले। उसकी भावनाओं को नकारे नहीं, बल्कि उससे बात करें। उससे जाने की वह जिससे आकर्षित है उसकी क्या बात है उसे पसंद है। इससे बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है। आपकी बात सुनने के लिए तैयार होता है। बच्चे से बातचीत के दौरान ताने या मजाक का टोन ना अपनाएं। इसे बच्चा अपने भावनाओं पर हमले की तरह देखा है।
बच्चों के लिए एक रूटीन टाइम टेबल बनाएं। जिसमें उनके पढ़ाई, खेल, सोशल मीडिया सभी का समय सुनिश्चित करें।
बच्चों को उनकी तथा दूसरों की फिजिकल बाउंड्री, सहमति के बारे में समझाएं साथ ही इसे तोड़ने पर किस तरह की सजा का प्रावधान है यह भी बताएं, ताकि बच्चा अवेयर हो सके।
बच्चों को एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी सिखाएं इससे उसकी व्यस्तता बढ़ेगी और उसकी ऊर्जा सही दिशा में लगेगी।
