Teen health and hygiene care
Teen health and hygiene care

Summary: हाइजीन सेहत की पहली सीढ़ी

टीनएज में बच्चों को प्राइवेट पार्ट्स की सफाई और हाइजीन सिखाना उनके आत्मविश्वास और स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

Teen Health and Hygiene Care: अपने शरीर की साफ-सफाई हर उम्र के व्यक्ति के लिए जरूरी है चाहे वह बड़ा हो या छोटा। छोटे बच्चों की सफाई का ख्याल पेरेंट्स रखते हैं, बड़े खुद अपनी सफाई का ख्याल रख सकते हैं, पर टीनएज की शुरुआत में ना तो पेरेंट्स बच्चों की सफाई को सुनिश्चित कर पाते हैं ना ही बच्चा खुद से कर पता है। टीनएज, इस उम्र में धीरे-धीरे बच्चा किशोरावस्था की तरफ बढ़ने लगता है। उसके शरीर तथा प्राइवेट पार्ट्स में बदलाव नजर आने लगते हैं। ऐसे में बच्चों को अपने शरीर से जुड़े साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। लेकिन पेरेंट्स कैसे अपने बच्चों को उनके शरीर में हो रहे बदलाव और उसके साफ-सफाई के प्रति जागरूक करें आइए जानते हैं इस लेख में।

अपने शरीर को साफ रखना सिर्फ आपको क्लीन दिखाने के लिए नहीं है बल्कि आपकी शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।

नियमित रूप से अपने शरीर की सफाई करना आपको गंदगी और पसीने से होने वाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है।

इसके अलावा नियमित सफाई आपको फंगल इन्फेक्शन, खुजली, रेसेज, बदबू जैसे समस्याओं के खतरे को कम करता है।

शारीरिक साफ-सफाई न सिर्फ आपको शारीरिक तौर पर स्वास्थ्य बनती है बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी बढ़ती है।

Teen health and hygiene care
Teen health and hygiene care

रोजाना नहाते समय अपने प्राइवेट पार्ट्स को हल्के गुनगुने पानी से साफ करें। प्राइवेट पार्ट के आसपास के हिस्से को भी हल्का साबुन लगाकर साफ करें।

रोजाना के उपयोग के लिए साफ और कॉटन का अंडरवियर इस्तेमाल करें।

खेल-कूद, एक्सरसाइज के बाद पसीने से होने वाले बदबू या इंफेक्शन से बचाव के लिए तुरंत कपड़े बदले।

प्राइवेट पार्ट के आसपास बढ़ने वाले बालों को समय-समय पर ट्रिम करें, ताकि वहां किसी तरह के इंफेक्शन या गंदगी से बचा जा सके।

रोजाना अपने प्राइवेट पार्ट्स को पानी से साफ करें। अपने प्राइवेट पार्ट को साफ करने के लिए बहुत ज्यादा साबुन का उपयोग ना करें।

पीरियड्स के दौरान इन्फेक्शन या लीकेज से बचने के लिए 4 से 6 घंटे में पैड्स बदलें।

फैंसी अंडरवियर की जगह कॉटन अंडरवियर का इस्तेमाल करें। पसीने या व्हाइट डिसचार्ज से गिला होने पर अंडरवियर बदले।

अपने प्राइवेट पार्ट्स पर या उनके आसपास किसी तरह के खुशबू वाले या हर्श प्रोडक्ट का इस्तेमाल ना करें।

अपने बच्चों को समझाने के लिए उनके उम्र के अनुसार भाषा का चुनाव करें। अगर बच्चा बड़ा है तो आप स्वस्थ से जुड़ी बातें बता सकते हैं।

सेम जेंडर कांसेप्ट का इस्तेमाल करें अर्थात लड़कों से पिता और लड़कियों से माता बात करें। ऐसा करने से आप और बच्चा दोनों कंफर्टेबल महसूस करते हैं।

प्राइवेट पार्ट्स को टैबू की बजाय शरीर का एक जरूरी हिस्सा समझकर उसकी सफाई के महत्व को समझाएं।

बच्चों को समझाएं प्राइवेट पार्ट्स में होने वाली परेशानियों को वह आपसे या डॉक्टर से साझा कर सकते हैं इसमें शर्म करने की जरूरत नहीं है बल्कि समय पर इसका इलाज या सही सुझाव मिलने से वह गंभीर समस्या से बच सकते हैं।

पेरेंट्स के लिए सुझाव: अगर पेरेंट्स अपने और अपने बच्चों के बीच सही जानकारी के दौरान शर्म का माहौल नहीं चाहते तो अपने बच्चों को कम उम्र से ही सही जानकारी दें उनके, प्राइवेट अंगों के बारे में भी।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...