Dangerous trend in children due to uncontrolled information
Dangerous trend in children due to uncontrolled information Credit: Istock

Parenting Mistakes of 2024: पेरेंटिंग बेहद मुश्किल काम है। हर वर्ष की शुरूआत में माता-पिता अपने बच्‍चे के बेहतर भविष्‍य के लिए कई नई रणनीतियां बनाते हैं। कुछ रणनीतियां सफल हो जाती हैं और कुछ गलतियों के रूप में सामने आती हैं। 2024 की शुरूआत में भी पेरेंट्स ने बच्‍चों के लिए कई योजनाएं और नियम बनाए होंगे। जिसे लागू करना यकीनन किसी चुनौती से कम नहीं था। बेहतरीन प्‍लानिंग के बावजूद पेरेंट्स की कुछ रणनीतियां फेल हो गई और कुछ से बच्‍चों को सीख मिली। साल के अंत में कुछ ऐसी पेरेंटिंग मिस्‍टेक के बारे में जानते हैं, जिनसे सबक लेकर 2025 में बच्‍चों के भविष्‍य को आकार देने में मदद मिल सकती है। चलिए जानते हैं इसके बारे में।

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बनें भावनात्‍मक रूप से मजबूत

Parenting Mistakes of 2024
Become emotionally strong

बच्‍चे अपनी बात मनवाने के लिए पेरेंट्स के सामने कई तरह के टेंट्रम करते हैं। जिसे देख पेरेंट्स भी भावनाओं में बह जाते हैं और बच्‍चे की हर डिमांड पूरी कर देते हैं। आने वाले साल में पेरेंट्स ऐसी गलती न दोहराएं। बच्‍चे अपनी बात को मनवाने के लिए आपके इमोशंस से खेलते हैं। इसलिए अपनी भावनाओं को मजबूत रखें और अपने डिसीजन पर अडि़ग रहें।

बच्‍चों को लेने दें निर्णय

एक अच्‍छी पेरेंटिंग वह होती है जिसमें पेरेंट्स और बच्‍चे दोनों एक दूसरे के डिसीजन यानी निर्णय का सम्‍मान करें। सदियों से पेरेंट्स ही बच्‍चे के लिए क्‍या अच्‍छा है और क्‍या बुरा, ये निर्णय लेते आ रहे हैं। यदि आप भी ऐसी गलती कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। आपके द्वारा लिए गए डिसीजन जरूरी नहीं है कि बच्‍चा एक्‍सेप्‍ट करे। इसलिए नए साल में बच्‍चे को अपने डिसीजन खुद लेने दें। इससे बच्‍चों का सेल्‍फ कॉन्‍फिडेंस बढ़ता है और भविष्‍य में वह अच्‍छे डिसीजन मेकर के रूप में उभर सकते हैं।

डिजिटल बाउंड्री करें सेट

आजकल हर बच्‍चा डिजीटली स्‍मार्ट बन रहा है। आपके मोबाइल में कौन सा एप कैसे काम करता है, कौन सी फिल्‍म किस प्‍लेटफॉर्म पर मिलेगी या मोबाइल गेम कैसे ऑपरेट किए जाते हैं ये हर बच्‍चा पेरेंट्स से बेहतर जानता है। नई चीजों की जानकारी होना अच्‍छी बात है लेकिन बच्‍चे का जरूरत से ज्‍यादा स्‍कीन का उपयोग करना उनकी मानसिकता को प्रभावित कर सकता है। यदि 2024 में आपने अपने बच्‍चे का स्‍क्रीन टाइम बढ़ाया है तो आने वाले साल में ये गलती न दोहराएं। बच्‍चों के लिए स्‍क्रीन टाइम निर्धारित करें। दिन में एक से दो घंटे ही बच्‍चों को टीवी या मोबाइल देखने दें।

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सोशल स्किल सिखाएं

पेरेंट्स अपनी गलतियों से लें सबक
teach social skills

तेजी से बढ़ते डिजीटल वर्ल्‍ड में बच्‍चों को सोशल स्किल सिखाना बेहद जरूरी है। आजकल बच्‍चे सोशल गेदरिंग और पार्टियों में जाने से कतराते हैं। वह अपने दोस्‍तों और मोबाइल तक ही सीमित रहना पसंद करते हैं। नए साल में बच्‍चे को सोशल एथिक्‍स और परिवार की अहमियत के बारे में सिखाएं। ताकि बच्‍चे का सामाजिक विकास हो सके।

बच्‍चों से रहें कनेक्‍टेड

घर, परिवार और ऑफिस की जिम्‍मेदारियों के चलते पेरेंट्स  बेहद बिजी हो गए हैं। खासकर मैट्रो सिटीज में पेरेंट्स के पास बच्‍चों के लिए समय नहीं होता। पेरेंट्स का बच्‍चों के साथ कनेक्‍टेड रहना न केवल बच्‍चों के शारीरि‍क और मानसिक विकास के लिए आवश्‍यक है बल्कि इससे बच्‍चे के मन में पेरेंट्स के प्रति प्रेम व सम्‍मान भी बरकरार रहता है। नए साल में पेरेंट्स रेजेलुशन लें कि वह बच्‍चे के साथ क्‍वालिटी टाइम बिताएंगे और हमेशा कनेक्‍टेड रहेंगे।