Kids Diet for Exam
Kids Diet for Exam Credit: Istock

Kids Diet for Exam: आजकल छोटे-छोटे बच्‍चों पर पढ़ाई का काफी प्रेशर होता है, ऐसे में बच्‍चा नया टॉपिक याद करते ही पिछला भूलने लगता है। हालांकि ऐसा सभी बच्‍चों के साथ संभव नहीं होता, कुछ बच्‍चे एक बार में ही सभी प्रश्‍नों के जवाब याद कर लेते हैं। चीजों को भूलना कई कारणों पर निर्भर करता है। लेकिन इसका मुख्‍य कारण है याद्दाश्‍त और पोषण की कमी। जी हां, पोषक तत्‍वों की कमी की वजह से बच्‍चे की याद्दाश्‍त कमजोर होती है और उसे फोकस करने में कठिनाई महसूस हो सकती है। ऐसे में भारतीय रसोई में इस्‍तेमाल की जाने वाली हल्‍दी आपका काम आसान कर सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार हल्‍दी में करक्‍यूमिन होता है जो याददाश्‍त बढ़ाने में मदद करता है और इससे एकाग्रता भी बढ़ती है। हल्‍दी याददाश्‍त बढ़ाने में कैसे काम करती है और इसके क्‍या फायदे हैं चलिए जानते हैं इसके बारे में। 

हल्‍दी कैसे करती है काम

How does turmeric work
How does turmeric work

कई अध्‍ययनों से साबित हो चुका है कि हल्‍दी में मौजूद करक्‍यूमिन याददाश्‍त को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाती है। आपको बता दें कि करक्‍यूमिन में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दिमाग को नुकसान से बचाकर उसमें सुधार करती है। हल्‍दी दिमाग में नए न्‍यूरॉन्‍स के विकास को बढ़ावा देता है जिससे याददाश्‍त में सुधार हो सकता है।

हल्‍दी के फायदे

अल्‍जाइमर में फायदेमंद: अल्‍जाइमर में मरीज की याददाश्‍त धीरे-धीरे कम हो जाती है। नियमित रूप से हल्‍दी का सेवन करने से अल्‍जाइमर रोग के विकास को रोकने में मदद मिल सकती है।

ब्रेन सूजन कम करे: हल्‍दी में शक्तिशाली सूजनरोधी गुण होते हैं। ये मस्तिष्‍क में होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा ये न्‍यूरॉन्‍स को क्षति से बचाता है।

ब्रेन एजिंग को रोके: क्रॉनिक इंफ्लेमेशन ब्रेन को उम्र से पहले बूढ़ा कर सकता है। हल्‍दी सूजन को कम करके हेल्‍दी ब्रेन को बनाए रखने में मदद कर सकती है।

बूस्‍ट शॉर्ट-टर्म मेमोरी: हल्‍दी साइनैप्टिक प्‍लास्टिसिटी और न्‍यूरोजेने‍सिस में सुधार करके शॉर्ट-टर्म मेमोरी को बूस्‍ट कर सकती है।

हल्‍दी के नुकसान

– हल्‍दी का जरूरत से ज्‍यादा सेवन करने से पाचन संबंधित समस्‍याएं आ सकती हैं।

– हल्‍दी कुछ दवाओं जैसे ब्‍लड थिनर और डायबिटीज के साथ लेने से उसकी प्रक्रिया धीमी कर सकती है।

– हल्‍दी का अधिक सेवन करने से पिंपल्‍स की समस्‍या हो सकती है।

– हल्‍दी से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है जिससे त्‍वचा में चकत्‍ते, पेट में गड़बड़ी और सिरदर्द हो सकता है।

बच्‍चे की डाइट में हल्‍दी को कैसे करें शामिल

How to include turmeric in child's diet
How to include turmeric in child’s diet

– बच्‍चे की याददाश्‍त बढ़ाने के लिए हल्‍दी का पानी दिया जा सकता है।

– इसका उपयोग व्‍यंजनों में किया जा सकता है।

– इसके अलावा चाय और स्‍मूदी में भी हल्‍दी को शामिल किया जा सकता है।

– बच्‍चे को नियमित रूप से हल्‍दी वाला दूध दे सकते हैं।

– हल्‍दी को शहद के साथ भी दिया जा सकता है।

इन बातों का रखें ध्‍यान

– बच्‍चा यदि छोटा है तो उसे कम मात्रा में ही हल्‍दी देनी चाहिए।

– हल्‍दी की तासीर गर्म होती है इसलिए एक दिन में 1-2 टेबल स्‍पून से ज्‍यादा हल्‍दी का सेवन न करें।

– 12 साल से अधिक उम्र की लड़कियों को सीमित मात्रा में ही हल्‍दी का सेवन करने दें। इससे जल्‍दी पीरियड्स आने की संभावना बढ़ सकती है।

– दूध में हल्‍दी देते समय दूध को उबालना न भूलें।

– दिन में दो बार से ज्‍यादा हल्‍दी का उपयोग न करें। इससे पाचन संबंधित समस्‍या आ सकती है।