Easy To Learn Communication: सभी बच्चे एक से नहीं होते हैं। कई बच्चे आसानी से अनजान लोगों के साथ बातचीत कर पाते हैं पर कई नहीं। ऐसा क्यों? बहुत से माता-पिता इस बात से चिंतित रहते हैं, क्यों उनका बच्चा लोगों के बीच में बात नहीं कर पता, या वह दूसरे बच्चों के साथ बात नहीं करता, ग्रुप में अलग-अलग रहता है, इस तरह की परेशानियों से कैसे निपटा जा सकता है। इस तरह के सवाल और चिंता बहुत से माता-पिता के हैं। आज इस लेख में हम इन्हीं सवालों पर विचार करेंगे और जानेंगे किस तरह हम अपने बच्चों के अंदर बातचीत की कला को बढ़ा सकते हैं। किस तरह माता-पिता बच्चों को एक हेल्दी कम्युनिकेशन सीख सकते हैं। आईए जानते हैं;
अपने बच्चों को स्वीकार करें
बच्चों को कुछ भी नया सीखाने से पहले अपने बच्चों को स्वीकार करें। उसकी कमियों को गिनाने की बजाय समझे। जब आप अपने बच्चों की कमियों को समझ कर उनके डर को कम करते हैं तो वह बेहतर तरीके से सीखते हैं।
हो सकता है आपका बच्चा अनजान लोगों से बात करने में डरता हो, आप एकदम से इस डर को खत्म नहीं कर सकते। शुरुआत में आप खुद अपने बच्चों से बातें करें। उनकी पसंद की बातें करें, इससे बच्चों के अंदर बात करने का मन बढ़ेगा और धीरे-धीरे लोगों से बात करने में उसका डर भी घटेगा।
प्रश्नों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे

अगर आपका बच्चा आपसे किसी प्रकार का प्रश्न करें तो उसे इग्नोर ना करें। हो सकता है, बच्चों के द्वारा पूछा गया प्रश्न आपके लिए बचकानी हो, लेकिन वह बच्चों की बातचीत करने की उत्साह को बढ़ाने के लिए जरूरी है। जब आप बच्चे को इग्नोर करते हैं तो बातचीत करने के उसके उत्साह में कमी आती है।
बच्चों के प्रश्नों का उत्तर दें। उनके अंदर उठ रही जिज्ञासा को पूरा करें। जब बच्चे को अपने एक सवाल का जवाब मिल जाता है तो वह अपना अगला सवाल आपसे पूछने के लिए स्वतंत्र और भय मुक्त महसूस करता है। इस तरह के सवाल जवाब के साथ आप अपने बच्चों को कम्युनिकेशन सीख सकते हैं।
बच्चों से टॉय टॉक करें
अगर आपका बच्चा कम्युनिकेशन सीखने की शुरुआती दौर में मतलब दो से पांच साल के बीच का है तो आप अपने बच्चों के साथ टॉय टॉक कर सकते हैं।
टॉय टॉक का अर्थ है, खिलौनों के द्वारा बातचीत। आप अपने बच्चों के पसंदीदा खिलौने को चुनकर अपने बच्चों से बात कर सकते हैं। इस तरह की बातचीत से आप अपने बच्चों को इमोशंस भी सिखा सकते हैं। जैसे; खुशी, डर, भय, अकेलापन, दुख आदि।
टॉय टॉक बच्चों को कम्युनिकेशन सीखाने का अच्छा तरीका होने के साथ-साथ बच्चों का पसंदीदा खेल भी है, जो बच्चों को खेलना बहुत पसंद है। टॉय टॉक से खेल-खेल में बच्चा कम्युनिकेशन भी सीख जाता है।
कहानियों की मदद ले
बच्चों को कहानी सुना बहुत पसंद होता है। आप शुरुआत में बच्चों को कहानी सुनाएं, धीरे-धीरे उनसे उनकी रुचि पूछे फिर उसके अनुसार उन्हें कहानियां सुनाए। कहानी सुनाने के दौरान उनकी राय ले तथा उन्हें कहानी को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें और कहानी का अंत बच्चों को निर्धारित करने दे। इस तरह बच्चों का कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होने के साथ-साथ उनका भावनात्मक और रचनात्मक विकास भी होता है।
धैर्य बनाए रखें
बच्चे जब सीखने के दौर में होते हैं, उस समय माता-पिता को धैर्य से काम लेना चाहिए। एक ही दिन में बच्चा आपके अनुसार कार्य नहीं कर सकता। उसे सीखने का समय दे, हर रोज उसके साथ प्रयास करें। हर रोज के प्रयास के साथ लोगों से बातचीत करने की उसकी क्षमता में विकास होगा।
