Toothbrush for Kids: बच्चों को दांतों में होने वाली परेशानी से बचाव के लिए सही टूथब्रश का चुनाव जरूरी है। वर्तमान समय में छोटे बच्चों में कैविटी होना आम समस्या है। इसका बहुत बड़ा कारण है अनहेल्दी खाना। बच्चों के दांतों के सही देखभाल न करने के कारण बच्चों को कई तरह के दांतों की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। भविष्य में इन परेशानियों से बचाव के लिए जरूरी है, आप अपने बच्चों के दांतों की सफाई के लिए सही टूथब्रश का चुनाव करें। बच्चों के टूथब्रश का चुनाव करते हुए जिन बातों का ध्यान रखना जरूरी है वह है;
उम्र के अनुसार टूथब्रश चुनाव
टूथब्रश का चुनाव करते हुए बच्चों की उम्र का ध्यान रखें। आप जीरो से 2 साल, 3 से 5 साल या 6 साल से ऊपर, इस तरह बच्चों का ग्रुप बनाकर टूथब्रश का चुनाव कर सकते हैं।
जीरो से 2 साल के बच्चे का टूथब्रश चुनाव करते समय ध्यान दें, टूथब्रश का हेड छोटा हो तथा ब्रिसल्स बहुत सॉफ्ट हो, ताकि बच्चों के नाजुक मसूड़े किसी भी प्रकार से चोटिल ना हो।
3 से 5 साल के बच्चे के लिए टूथब्रश का हेड थोड़ा बड़ा हो तथा हैंडल का ग्रिप अच्छा हो ताकि बच्चा ब्रश करते हुए खुद को चोटिल ना करें।
6 साल से ज्यादा के बच्चों के लिए उनके हाथों के अनुसार उनके ब्रश के हैंडल का चुनाव करें। टूथब्रश का ब्रिसल्स हो।
ऐसा हो टूथब्रश का हैंडल

टूथब्रश का हेड किनारों से राउंडेड तथा छोटा होना चाहिए, ताकि ब्रश करते समय टूथब्रश को घुमाना आसान हो तथा चोट लगने का खतरा न हो। बच्चों के ब्रश का हैंडल ऐसा हो जो स्लिप ना करें जिसकी ग्रिप अच्छी हो, इससे बच्चा आसानी से हैंडल पड़ सकता है। बच्चों के ब्रश का हैंडल मोटा तथा नॉन स्लीपिंग होना चाहिए।
आकर्षक डिजाइन का टूथब्रश
शुरुआत में बच्चों को ब्रश करना अच्छा नहीं लगता, उन्हें यह एक बोरिंग मॉर्निंग रूटीन लगता है। बच्चे ब्रशिंग से बचना चाहते हैं, अगर आपके साथ भी ऐसी परेशानी है तो आप बच्चों के टूथब्रश को आकर्षक डिजाइन जैसे; उनके पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर या रंग बिरंगा खरीद सकते हैं, ताकि बच्चों को यह डिजाइन आकर्षक लग सके और बच्चा खुशी-खुशी ब्रश करें।
इस तरह कैविटी से बचाव करें
बच्चों के दांतों को कैविटी से बचने के लिए नियमित रूप से ब्रश करना जरूरी है। बच्चों को दिन में दो बार सुबह और रात सोने से पहले ब्रश जरूर करवाएं। दिन में काम से कम दो बार ब्रश करने का नियम बच्चों को कैविटी के खतरे से बचाता है।
मीठे पदार्थ का सेवन दांतों में कैविटी का कारण होता हैं। मीठे पदार्थों के सेवन के बाद बच्चों को कुल्ला जरूर करवाएं है ताकि बच्चा कैविटी से बचा रहें।
बच्चों के लिए फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट का चुनाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें । हर 6 महीने में एक बार डेंटिस्ट से बच्चों के दांतों की जांच करवाएं।
विशेष ध्यान दें: हर 3 महीने में बच्चों के टूथब्रश को चेंज करें। बच्चों के लिए फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट खरीदने से पहले डॉक्टर से पूछे।
