20+ ओडिशा  के ये हैं घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल
famous places in odisha

20+ ओडिशा  के ये हैं घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल

Famous Places in Odisha  : ओडिशा के आसपास कई खूबसूरत जगहे हैं, जहां आप विजिट कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन जगहों के बारे में-

Odisha Mein Ghumne ki Best Jagah: ओडिशा काफी खूबसूरत शहर है, यहां आपको न सिर्फ जगन्नाथ पुरी के दर्शन करने का मौका मिलेगा। बल्कि आपको तरह-तरह के वन्यजीवों से भी रूबरू होने का मौका मिल सकता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। आज इस लेख में हम ओडिशा के ऐसे खूबसूरत जगहों के बारे में बताएंगे, जिसके बारे में आप अबतक अनजान हैं। आइए जानते हैं 20+ ओडिशा में घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल कौन से हैं?

जगह किलोमीटर (शहर से दूरी)
भुवनेश्वर (Bhubaneswar)223 किलोमीटर
पुरी (Puri)240 किलोमीटर
कोणार्क (Konark)265 किलोमीटर
चिलिका लेक (Chilika Lake) 254 किलोमीटर
उदयगिरी और खंडगिरी गुफाएं (Udayagiri and Khandagiri Caves)218 किलोमीटर
कटक (Cuttack)231 किलोमीटर
भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान (Bhitarkanika National Park)371 किलोमीटर
गोपालपुर (Gopalpur)155 किलोमीटर
हीराकुंड डैम (Hirakud Dam)221 किलोमीटर
सतकोसिया टाइगर रिजर्व (Satkosia Tiger Reserve)89 किलोमीटर
ट्राइबल म्यूजियम ओडिशा (Tribal Museum Odisha)222 किलोमीटर
धौली गिरी पहाड़ी (Dhauli Giri Pahadi)231 किलोमीटर
नंदनकानन नेशनल पार्क (Nandankanan National Park)223 किलोमीटर
दारिंगबाड़ी (daringbadi)55 किलोमीटर
टिकरपाड़ा वन्यजीव अभयारण्य (Tikarpada Wildlife Sanctuary)163 किलोमीटर
तालसारी बीच (Talasari Beach)486 किलोमीटर
संबलपुर (Sambalpur)205 किलोमीटर
चांदीपुर (Chandipur)406 किलोमीटर
सिमलीपाल नेशनल पार्क (Simlipal National Park)368 किलोमीटर
बरिपादा (Baripada)449 किलोमीटर
20+ ओडिशा  के ये हैं घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल
Odisha Mein Ghumne ki Best Jagah
bhubaneswar

भुवनेश्वर को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। यह अपनी वास्तुकला और भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता था, वर्तमान में यह काफी बड़ा ओद्योगिक शहर भी बन चुका है। भुवनेश्वर सुंदर ऐतिहासिक मंदिरों से परिपूर्ण एक प्राचीन शहर है, जो पूरे देश से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। शहर के नाम का शाब्दिक अर्थ ब्रह्मांड का भगवान है, जो यहां के मंदिरों की संख्या और स्थानीय लोगों के धार्मिक उत्साह में सही रूप से परिलक्षित होता है।

यह एक शहर है, जहां जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप इस शहर में किसी भी समय विजिट कर सकते हैं।

पुरी जगन्नाथ मंदिर के लिए जाना जाता है। यह चार धाम की तीर्थ यात्रा में से एक स्थल है। पुरी बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित एक समुद्र तट शहर है, जो छोटी यात्रा के लिए पश्चिम बंगाल के लोगों के बीच पसंदीदा में से एक है। इस शहर को भगवान शिव के विश्राम स्थल के रूप में जाना जाता है, पुरी का राजसी इतिहास और विरासत तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व का है। पुरी के पास बहुत सारी जगहें हैं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आप यहां चिल्का झील, पुरी समुद्र तट, गुंडिचा घर और कोणार्क जैसे जगहों की यात्रा कर सकते हैं।]

Puri
Puri

पुरी जाने के लिए आपको किसी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी समय जा सकते हैं।

ओडिशा में स्थित कोणार्क सूर्य मंदिर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया है। यह अपने वार्षिक नृत्य उत्सव और अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। कोणार्क का सूर्य मंदिर एक वास्तुशिल्प चमत्कार है और भारत के सबसे खूबसूरत स्मारकों में से एक है। वार्षिक नृत्य महोत्सव पांच दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव है, जो पूरे देश से अद्वितीय नृत्य प्रतिभाओं को आमंत्रित करता है। यह त्यौहार हमारे देश की समृद्ध सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत का एक भव्य उत्सव है। 

Konark
Konark

इस मंदिर में प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां सुबह 6 बजे से रात के 8 बजे तक मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं।

चिलिका झील एशिया की सबसे बड़ी आंतरिक खारे पानी की झील है, यह पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। नाशपाती के आकार की झील पर छोटे-छोटे द्वीप हैं, जिसके चारों ओर मछली पकड़ने और नमक के भंडार हैं। चिलिका झील में दुनिया का सबसे अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र भी है, जिसका अर्थ है कि यहां वनस्पतियों और जीवों की एक विस्तृत विविधता देखी जा सकती है। 

Chilika Lake
Chilika Lake

इस झील पर जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक जा सकते हैं।

‘उदयगिरि’ का अर्थ है सूर्योदय का पर्वत और यह एक ऐतिहासिक हिंदू अनुष्ठान स्थल है।  उदयगिरि गुफाओं में बड़े पैमाने पर हिंदू देवताओं जैसे- विष्णु, दुर्गा और शिव की प्रतिमाओं के साथ उकेरी गई हैं, जिनमें देवताओं और उनके मंदिरों की पौराणिक कहानियां हैं। उदयगिरि पहाड़ियों में गुप्त काल की हिंदू और जैन धर्म की मूर्तियों को समर्पित बीस गुफाएं हैं। 

udayagiri and khandagiri caves
udayagiri and khandagiri caves

यहां जाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को शुल्क के रूप में 20 रुपये देना होता है। वहीं, आप यहां सुबह 8 बजे से शाम के 5 बजे तक प्रवेश कर सकते हैं।

कटक को ओडिशा की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जाना जाता है। यह एक वाणिज्यिक शहर है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षण करता है। कटक ओडिशा का दूसरा सबसे बड़ा शहर और पूर्व राजधानी भी है। इस शहर में राज्य के स्थानीय हस्तशिल्प का प्रदर्शन और व्यापार किया जाता है। कटक हमेशा सांस्कृतिक गतिविधियों से गुलजार रहता है और बालीयात्रा जैसे विभिन्न त्योहारों की मेजबानी के लिए प्रसिद्ध है।

Cuttack
Cuttack

इस शहर में प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

भारत के ओडिशा में भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यह सबसे शानदार वनस्पतियों और जीवों का घर है। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो यह पक्षियों और वन्यजीवों को देखने के लिए एक बेहतरीन स्थान हो सकता है। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित, भितरकनिका अपने मैंग्रोव जंगलों के लिए जाना जाता है, यहां आपको सभी तरह के जानवर, पक्षियों और स्तनधारियों की विभिन्न प्रजातियां देखने को मिल जाएंगी। 

bhitarkanika national park
bhitarkanika national park

भारतीयों के लिए प्रवेश शुल्क ₹20/व्यक्ति और विदेशियों के लिए 1000 रुपये प्रति व्यक्ति है। आप यहां सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक प्रवेश कर सकते हैं।

ओडिशा में स्थित गोपालपुर एक छोटा और अनोखा शहर है, जो औपनिवेशिक काल में एक समुद्री बंदरगाह के रूप में जाना जाता है, जो व्यापार और वाणिज्य से भरपूर था। वर्तमान में यह पूरी तरह से वीरान हो चुका है। अगर आप ओडिशा में कुछ शांति से पल गुजारना चाहते हैं, तो यहां कुछ पल के लिए जरूर जाएं। 

Gopalpur
Gopalpur

यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप किसी भी समय यहां प्रवेश कर सकते हैं।

हीराकुंड बांध को भारत के सबसे लंबे मानव निर्मित बांध के रूप में जाना जाता है। यह बांध  56 किमी से अधिक लंबा है। यहां आप कुछ फ्रेश पलों को बिता सकते हैं। वर्ष 1956 में बना यह बांध  वास्तुकला का यह अद्भुत नमूना है। यहां आपको प्राकृतिक सुंदरता भरपूर रूप से देखने को मिलेगी। 

hirakud dam
hirakud dam

इस बांध पर जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

भुवनेश्वर से 160 किमी दूर सतकोसिया टाइगर रिजर्व अभयारण्य प्रकृित प्रेमियों के लिए बेस्ट जगह हो सकती है। यह अभयारण्य पूर्वी घाट के नम, पर्णपाती जंगलों में बाघों का घर है। यह हाथियों, पक्षियों और अन्य जानवरों का भी घर है, जिन्हें आप जंगलों में देख सकते हैं। वोटिंग के साथ आपको यहां घड़ियाल, तरह-तरह की मछलियां देखने को मिलेंगी।

satkosia tiger reserve
satkosia tiger reserve

यहां प्रवेश शुल्क के रूप में प्रत्येक व्यक्ति को 40 रुपये देना होता है। वहीं, आप यहा सुबह 6 बजे से शाम के 5 बजे तक प्रवेश कर सकते हैं।

यह सन् 1953 में स्थापित किया गया जनजातीय कला और कलाकृतियों का संग्रहालय है। यहां आपको ओडिशा के 62 जनजातीय समुदायों के जीवन और संस्कृति के बारे में जानने का मौका मिलेगा। इसे भारत में सर्वश्रेष्ठ जनजातीय संग्रहालय में से एक माना जाता है।

भुवनेश्वर में स्थित, इसे लोकप्रिय रूप से जनजातीय संग्रहालय कहा जाता है। संग्रहालय की संकल्पना “मानव संग्रहालय” के रूप में की गई है और शुरुआत में संग्रहालय की कलाकृतियों को एक ही हॉल में प्रदर्शित किया गया था। 1986 में, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (एससीएसटीआरटीआई) के परिसर में पांच आदिवासी झोपड़ियों का निर्माण किया गया था। 

tribal museum odisha
tribal museum odisha

यहां प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे तक जा सकते हैं।

यह ओडिशा के भुवनेश्वर से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित के खूबसूरत पहाड़ी है। यहां आपको एक बड़े चट्टन में अशोक के शिलालेख उत्कीर्ण देखने को मिलेगा। इस पहाड़ी को कलिंग युद्ध क्षेत्र माना जाता है। अगर आप ओडिशा जाएं, तो इस पहाड़ी को देखना बिल्कुल भी न भूलें।

Dhauli Giri Pahadi
Dhauli Giri Pahadi

यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक जा सकते हैं।

नंदनकानन सफेद बाघ और मेलानिस्टिक बाघ का प्रजनन करने वाला दुनिया का पहला चिड़ियाघर है। नंदनकानन दुनिया में भारतीय पैंगोलिन का एकमात्र संरक्षण प्रजनन केंद्र है। नंदनकानन वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ़ ज़ूज़ एंड एक्वेरियम (WAZA) का संस्थागत सदस्य बनने वाला भारत का एकमात्र प्राणी उद्यान है। अगर आप ओडिशा जाएं, तो इस अद्भुत पार्क को देखना बिल्कुल भी न भूलें।

Nandankanan National Park
Nandankanan National Park

यहां प्रवेश के लिए प्रत्येक व्यक्ति को 50 रुपये शुल्क के रूप में देना होता है। आप यहां सुबह 8 बजे  से शाम के 5 बजे तक जा सकते हैं।

दरिंगबाड़ी ओडिशा का एक पहाड़ी शहर है। यह समुद्र तटों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध राज्य में छिपा एक खूबसूरत सा हिल स्टेशन है, जो 3000 फीट की ऊंचाई पर शांतिपूर्ण ढंग से स्थित है। यहां चारों ओर देवदार के पेड़, कॉफी बागान और शानदार घाटियां देखने को मिलेंगी। 

daringbadi
daringbadi

यह एक छोटा सा शहर है, जहां जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। आप यहां किसी भी समय जा सकते हैं।

टिकरपाड़ा वन्यजीव अभयारण्य 795.52 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसकी सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। जबरदस्त सुंदरता, हरे-भरे परिवेश, महानदी नदी के सदाबहार प्रवाह के अलावा यहां की प्रसिद्ध सतकोसिया घाटी और जंगली जानवरों, पक्षियों और प्रजातियों की विशाल विविधता लोगों को मंत्रमुग्ध करती है। 

Tikarpada Wildlife Sanctuary
Tikarpada Wildlife Sanctuary

इस अभ्यारण में प्रवेश के लिए आपको किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। आप यहां सुबह 9 बजे से शाम के 6 बजे तक प्रवेश कर सकते हैं।

ओडिशा के बालेश्वर जिले में स्थित और दीघा से 10 किमी की दूरी पर, तलसारी समुद्र तट काफी शांत  है, जो अपने शानदार मनोरम दृश्यों से सुसज्जित है। अगर आप ओडिशा जाएं, तो इस बीच पर एक बार जरूर विजिट करें। 

Talasari Beach
Talasari Beach

यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां सुबह सूर्योदय से पहले और शाम में सुर्यास्त होने से पहले जाएं।

संबलपुर ओडिशा के पश्चिमी क्षेत्र का प्रवेश द्वार है। यह विपुल नदियों, भव्य पहाड़ियों, हरे-भरे जंगलों और समृद्ध वन्य जीवन से भरपूर है। यह आधुनिकता और संस्कृति का एक सुंदर मिश्रण है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महत्व रखता है। इस स्थान में एक समृद्ध कपड़ा और हथकरघा उद्योग भी है, जो अपने अद्वितीय पैटर्न और शैली के लिए लोकप्रिय है। इसके अलावा, संबलपुर में विशिष्ट उत्कृष्ट लोक गीत-नृत्य और संस्कृति के साथ एक समृद्ध आदिवासी जीवन है। 

Sambalpur
Sambalpur

यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

चांदीपुर ओडिशा के समुद्र तट पर सुरक्षित रूप से संग्रहीत बालेश्वर जिले का एक एकांत समुद्र तटीय गांव है। चांदीपुर को स्थानीय तौर पर चांदीपुर-ऑन-सी के नाम से भी जाना जाता है। यदि प्रकृति की सुंदरता से भरपूर गांव आपको अपनी ओर आकर्षित करती। 

Chandipur
Chandipur

यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी समय जा सकते हैं।

सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान ओडिशा के एक सुंदर और दर्शनीय स्थल में से एक है। मयूरभंज में स्थित यह काफी ज्यादा प्रसिद्ध पार्क है। सिमलीपाल भारत का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है और इसे भारत की प्रमुख बाघ परियोजनाओं में से एक भी माना जाता है। यह क्षेत्र घने जंगलों, मनमोहक घास के मैदानों, चौंका देने वाले झरनों और खूबसूरत नदियों से समृद्ध है। यह महान जैव-विविधता और जीव-जंतुओं की विशाल किस्मों से समृद्ध है, जो इसे वन्यजीव दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए एक शानदार जगह बनाता है। 

simlipal national park
simlipal national park

यहां जाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रवेश शुल्क के रूप में 100 रुपये देना होता है। वहीं, आप यहां सुबह 6 बजे से दोपहर के 2 बजे तक प्रवेश कर सकते हैं।

कोलकाता से 248 किमी और भुवनेश्वर से 256 किमी की दूरी पर स्थि बारीपदा एक शहर है, जो अपनी खूबसूरत संस्कृति और प्रकृति सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां की रथ यात्रा पुरी के बाद सबसे बड़ी और सबसे पुरानी मानी जाती है और इसीलिए बारीपदा को द्वितीया श्रीक्षेत्र (दूसरी पुरी) के नाम से भी जाना जाता है।

Baripada
Baripada

यहां जाने के लिए आपको किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता है। आप यहां किसी भी वक्त जा सकते हैं।

ओडिशा जाने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का माना जाता है। ऐसे में आप अक्टूबर से मार्च के बीच यहां कभी भी जा सकते हैं।

रेलवे मार्ग : रेल मार्ग से भी आप ओडिशा की यात्रा शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आप भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के लिए टिकट लें और यहां पहुंचकर अपनी यात्रा शुरू करें। 

हवाई मार्ग : ओडिशा घूमने के लिए आप हवाई यात्रा के जरिए भी यहां पहुंच सकते हैं। इसके लिए आप अपने शहर से या फिर अपने आसपास के किसी शहर से बीजू पटनायक हवाई अड्डे के लिए एयर टिकट लें। यहां पहुंचकर आप ओडिशा के मनपसंद लोकेशन पर घूमें।

सड़क मार्ग : सड़क मार्ग से भी ओडिशा जाना बहुत ही आसान है। देश के कई प्रसिद्ध शहर से ओडिशा के लिए सीधा राजमार्ग जुड़ा है। आप बस या फिर अपनी गाड़ी से ओडिशा की यात्रा शुरू कर सकते हैं।

होटल स्वास्तिक

पता : रेलवे स्टेशन के सामने, जिला, खरियार रोड, ओडिशा 

होटल लियो कैसल

पता : RR2W+Q55 सी साइड, चक्र तीर्थ रोड, बदासेरी, पुरी, ओडिशा

गोरूमगो प्रतीक रेजीडेंसी दीघा

पता : माला रोड, न्यू दीघा, पश्चिम बंगाल

FAQ | क्या आप जानते हैं

ओडिशा घूमने के लिए कितना पैसा चाहिए?

ओडिशा घूमने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को लगभग 10 से 20 हजार रुपये लग सकते हैं। हालांकि, आपके होटल की बुकिंग और यात्रा करने का जरिया बजट को निर्धारित करता है। ऐसे में खर्चा कम या ज्यादा हो सकता है।

ओडिशा घूमने के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?

ओडिशा घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का महीना माना जाता है।

मुझे ओडिशा में कहां रहना चाहिए?

ओडिशा में आप किसी अच्छे होटल, धर्मशाला या फिर गेस्ट हाउस में रुक सकते हैं।

रात के समय ओडिशा में घूमने के लिए कौन सी जगह हैं?

रात के समय आप पुरी मंदिर, कट्टक, हीराकिंड डैम, संबलपुर जैसी जगहों पर जा सकते हैं।

हम रात में ओडिशा में क्या कर सकते हैं?

रात में आप ओडिशा में शॉपिंग, बीच पर वॉकिंग या फिर मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...