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आरबीआई ने बैंक लॉकर्स को लेकर कई बड़े बदलाव किए हैं, जो इस साल से पूरे देश में लागू हो रहे हैं। इन नए नियमों का मकसद लॉकर सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और ग्राहक के लिए हितैषी बनाना है।
New Bank Locker Rules: अगर आपका बैंक लॉकर है या आप लॉकर लेने की सोच रहे हैं तो आपको दिसंबर 2025 से पहले भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के नए नियमों की जानकारी होना बहुत जरूरी है। आरबीआई ने बैंक लॉकर्स को लेकर कई बड़े बदलाव किए हैं, जो इस साल से पूरे देश में लागू हो रहे हैं। इन नए नियमों का मकसद लॉकर सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और ग्राहक के लिए हितैषी बनाना है।
बायोमेट्रिक से मिलेगी एंट्री!

अब बैंक के लॉकर रूम में एंट्री आसान नहीं होगी। लॉकर रूम में घुसने के लिए आपको फिंगरप्रिंट या आई स्कैन से गुजरना होगा। यानी बिना पहचान के कोई अंदर नहीं जा सकता। इसके अलावा लॉकर एरिया में 24×7 सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग बैंक को 180 दिन तक संभालकर रखनी होगी। अगर कोई गड़बड़ी हुई तो यही रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर काम आएगी।
लॉकर खोलते ही आएगा मैसेज
बैंक लॉकर्स को ग्राहकों के लिए और सुरक्षित बनाने के लिए डबल सिक्योरिटी सिस्टम बनाया गया है। अब जैसे ही आप लॉकर खोलेंगे, उसी वक्त आपके फोन पर एसएमएस या ईमेल अलर्ट आएगा। इससे आपको तुरंत पता चल जाएगा कि आपके लॉकर का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।
बैंक की गलती पर मिलेगा मुआवजा
अगर बैंक की लापरवाही जैसे सुरक्षा में चूक या सीसीटीवी ना चलने से आपके लॉकर से कुछ चोरी या खराब होता है तो बैंक को मुआवजा देना पड़ेगा। आरबीआई ने मुआवजे की रकम भी तय की है। यह आपके सालाना लॉकर रेंट का सौ गुना तक होगा। हालांकि अगर नुकसान प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप, बाढ़ से हुआ है तो बैंक जिम्मेदार नहीं होगा।
लॉकर एग्रीमेंट साइन करना जरूरी
आरबीआई ने सभी बैंकों को कहा है कि वो ग्राहकों से नया लॉकर एग्रीमेंट साइन करवाएं। जिसमें बैंक और ग्राहकों दोनों की जिम्मेदारियां साफ लिखी हों। पहले इस नियम को 2023 तक लागू करना था। लेकिन अब इसकी अंतिम तारीख दिसंबर 2025 कर दी गई है। क्योंकि अभी तक करीब 20 प्रतिशत ग्राहकों ने एग्रीमेंट साइन नहीं किया है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अब बैंक ई-स्टाम्पिंग और स्टाम्प पेपर की सुविधा दे रहे हैं।
आसान हुआ नॉमिनी हैंडओवर
नए नियमों के तहत बैंक लॉकर नॉमिनी धारक को लॉकर का हैंडओवर मिलना काफी आसान हो गया है। अगर लॉकर धारक की मौत हो जाती है तो अब नामांकित व्यक्ति को सिर्फ 15 दिन में लॉकर की एक्ससे मिल सकती है। हालांकि जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य है। ज्वाइंट लॉकर धारकों के मामले में भी, बचे हुए व्यक्ति या नामांकित व्यक्ति को आसानी से लॉकर सौंप दिया जाएगा। पहले ये प्रक्रिया काफी लंबी होती थी।
ये चीजें नहीं रख सकते लॉकर में
लॉकर में कैश, हथियार, ड्रग्स, विस्फोटक या किसी भी खतरनाक चीज को रखना सख्त मना है। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो बैंक न सिर्फ लॉकर बंद कर सकता है बल्कि कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।
बतानी होगी लॉकर उपलब्धता
नए नियमों के तहत अब बैंकों को हर शाखा में लॉकर की उपलब्धता और वेटिंग लिस्ट को सार्वजनिक रूप से अपडेट करना होगा। इससे लॉकर लेने के लिए किसी सिफारिश या जान पहचान की जरूरत नहीं पड़ेगी। लॉकर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा।
