Significance of Coconut
Significance of Coconut

जानिए क्या है नारियल का धार्मिक महत्व

हिन्दू धर्म में नारियल का खास महत्व होता है। हर शुभ काम में नारियल का इस्तेमाल किया जाता है।

Significance of Coconut: नारियल को संस्कृत में ‘श्रीफल’ कहा जाता है और यह माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। जिस तरह से माता लक्ष्मी की पूजा के बिना कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती है, ठीक उसी तरह से बिना नारियल के भी पूजा संपूर्ण नहीं होती है। सभी शुभ कार्यों में नारियल अवश्य चढ़ाया जाता है, ताकि उस शुभ काम में किसी भी प्रकार की कोई बाधा ना आए और कार्य शुभता के साथ पूरा हो सके। हिन्दू धर्म में नारियल का खास महत्व होता है। हर शुभ काम में नारियल का इस्तेमाल किया जाता है। पूजा-पाठ में कलश स्थापना हो, विवाह समारोह हो या फिर नई गाड़ी का पूजन, हर शुभ काम में नारियल को अवश्य शामिल किया जाता है। यहाँ तक कि बेटी की विदाई में भी नारियल का इस्तेमाल किया जाता है।

Why is coconut called Shriphal
Why is coconut called Shriphal

मत्स्यपुराण के अनुसार जब भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी पृथ्वी पर आए थे तो उन्होंने साथ मिलकर सबसे पहले नारियल का पेड़ ही लगाया था। साथ ही माता लक्ष्मी को ‘श्री’ भी कहा जाता है और उन्हें नारियल सबसे ज्यादा प्रिय है, इसी वजह से नारियल को श्रीफल कहा जाता है। 

What is the religious importance of coconut
What is the religious importance of coconut

हिन्दू धर्म में नारियल को एक पवित्र फल माना गया है। नारियल का भोग देवी- देवताओं को अत्यंत प्रिय होता है। यही कारण है कि पूजा-पाठ में नारियल चढ़ाने की परंपरा प्राचीन काल से ही है। इसके बिना हर शुभ काम अधुरा होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब भगवान विष्णु पृथ्वी पर अवतरित हुए थे तो वे अपने साथ माता लक्ष्मी, नारियल वृक्ष और कामधेनु गाय को भी साथ लाए थे। इसी कारण से नारियल के पेड़ को कल्पवृक्ष भी कहा जाता है। नारियल में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है।

नारियल के संबंध में एक अन्य मान्यता यह भी है कि मनुष्य के रूप में नारियल को विश्वामित्र के द्वारा तैयार किया गया था। एक बार जब विश्वामित्र भगवान इन्द्र से नाराज होकर दूसरे स्वर्ग लोक का निर्माण करने लगे, तो उन्होंने दूसरी सृष्टि का निर्माण करते हुए मानव के रूप में नारियल का निर्माण किया। इसी वजह से नारियल के खोल के बाहर दो आंखें और एक मुख की रचना बनी होती है।

On which day should 'Shriphal' be worshipped?
On which day should ‘Shriphal’ be worshipped?

अगर आप ‘श्रीफल’ की पूजा करना चाहते हैं, तो मंगलवार और शुक्रवार का दिन श्रीफल की पूजा करने का सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस दिन श्री फल की पूजा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कुंडली के ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिल जाती है।

  • नारियल के अंदर के पानी को बहुत पवित्र माना जाता है। इसका पानी जब चारों तरफ फैलता है तो नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। 
  • नारियल गणेशजी और भगवान शंकर का पसंदीदा फल है।
  • नारियल को इंसान के शरीर का प्रतीक माना गया है। इसे तोड़ने का मतलब है कि अपने अहम को तोड़ना।
  • नारियल में मौजूद तीन चिन्ह भगवान शंकर की आंखें मानी जाती हैं।

ए अंकिता को मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और खास तौर पर लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट बीट में रुचि रखती हैं। लेखन के अलावा वेब सीरीज़ देखना, घूमना, संगीत सुनना और फोटोग्राफी...