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कई बार ऐसा भी होता है कि लोग बचपन में फिट होते हैं, लेकिन बड़े होने पर उनका वजन कंट्रोल ही नहीं होता है। लोग यही सोचते हैं कि वे ज्यादा खाना नहीं खाते, फिर भी वजन बढ़ता जा रहा है। क्या आप भी ऐसी ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
Parenting Mistakes: ‘मोटापा’ सिर्फ आपकी सुंदरता ही नहीं बिगाड़ता बल्कि यह सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक है। यह कई बीमारियों को न्यौता देता है। कई बार ऐसा भी होता है कि लोग बचपन में फिट होते हैं, लेकिन बड़े होने पर उनका वजन कंट्रोल ही नहीं होता है। लोग यही सोचते हैं कि वे ज्यादा खाना नहीं खाते, फिर भी वजन बढ़ता जा रहा है। क्या आप भी ऐसी ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं। दरअसल, डॉक्टर के अनुसार बड़े होने पर वजन बढ़ने के पीछे आपके बचपन की ईटिंग हैबिट्स काफी हद तक जिम्मेदार होती हैं। हाल ही में एक मशहूर बालरोग विशेषज्ञ ने सेहत के ऐसे ही कई राज खोले हैं, जिन्हें जानना हर पेरेंट्स के लिए जरूरी है।
कमजोर हो रही है सेहत की नींव

पिज्जा, पास्ता, मोमोज, नूडल्स, नाचो, फ्रेंच फ्राइज, बर्गर जैसे जंक फूड आज लगभग हर बच्चे की पहली पसंद बन चुके हैं। पेरेेंट्स यह जानते हैं कि बच्चों की सेहत के लिए ये फूड बहुत ही नुकसानदायक है, लेकिन वे चाहते हुए भी बच्चों को इनसे दूर नहीं कर पाते। क्योंकि यह उनकी खुद की लाइफस्टाइल का भी हिस्सा है। आज किसी भी पार्टी में, आउटिंग पर, मूवी, शॉपिंग जाने पर अधिकांश लोग खुद भी यही जंक फूड खाते हैं और बच्चों को भी खिलाते हैं। लेकिन असल में पेरेंट्स की ये गलतियां बच्चों की सेहत की नींव को आगे तक के लिए कमजोर कर रही हैं। इसका भुगतान बच्चों को जिंदगीभर करना पड़ सकता है।
जानिए क्या है मोटापे का कारण
पिछले दिनों हुए एक पॉडकास्ट में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्पित गुप्ता ने बताया कि बड़े होने पर वजन बढ़ने का एक मुख्य कारण है बचपन में पेरेंट्स की ओर से की गई गलती। यह गलती है बच्चों को जंक फूड खिलाना। डॉ. गुप्ता ने बताया कि मोटे लोगों में पतले लोगों के मुकाबले फैट सेल्स की संख्या ज्यादा होती है। ये फैट सेल्स बचपन के खान पान पर ही निर्भर करते हैं। फैट सेल्स बचपन से लेकर 12 से 18 साल तक की उम्र तक बनते हैं। इस उम्र में बच्चे बहुत ज्यादा जंक फूड, अनहेल्दी फैट खाते हैं तो उनमें फैट सेल्स की संख्या बढ़ने लगती है। ऐसे में अगर बच्चा ओवरईटिंग करता है तो यह संख्या और भी तेजी से बढ़ने लगती है। इस गलत ईटिंग हैबिट्स के कारण हो सकता है कि बच्चा बचपन में मोटा न दिखे, लेकिन बड़े होने पर ये फैट सेल्स ही उसके मोटापे का कारण बन सकते हैं।
पेरेंट्स को चुनना चाहिए सही तरीका
डॉ.गुप्ता के अनुसार अगर बच्चे जंक फूड या अनहेल्दी फैट के साथ कोई न कोई फिजिकल एक्टिविटी करते हैं तो उनमें फैट सेल्स बनेंगे तो सही लेकिन वे बैलेंस भी होने लगते हैं। ऐसे में ये फैट सेल्स मोटापे में नहीं बदलते हैं। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप बच्चों की सेहत की नींव को बचपन से ही मजबूत करें। उन्हें बचपन से ही हेल्दी फूड खाने की आदत डालें और जंक फूड से दूर रखें। बचपन में अपनाया गया खानपान का सही तरीका बच्चों के फिट भविष्य के लिए बहुत जरूरी है।
