Wedding Planning Mistakes
Wedding Planning Mistakes

Wedding Planning Mistakes: शादी हर इंसान की ज़िंदगी का सबसे खास और यादगार दिन होता है। इसमें सिर्फ दो लोग ही नहीं, बल्कि दो परिवार एक-दूसरे से जुड़ते हैं। लेकिन इस खास दिन की तैयारियाँ करते वक़्त कई बार कपल्स जाने-अनजाने में कुछ ऐसी ग़लतियाँ कर बैठते हैं जो बाद में पछतावे का कारण बन सकती हैं। सही प्लानिंग से जहाँ शादी एक खूबसूरत याद बन सकती है, वहीं छोटी-छोटी चूक इसे तनावभरा अनुभव बना सकती है। आइए जानते हैं वो आम ग़लतियाँ जो कपल्स अकसर कर बैठते हैं।

बजट को लेकर लापरवाही

शादी की तैयारियों में जो सबसे पहली और अहम चीज़ होती है, वो है बजट तय करना। बहुत से कपल्स बिना बजट बनाए खर्च करना शुरू कर देते हैं, जिससे बाद में फाइनेंशियल दबाव बढ़ता है। कभी-कभी दिखावे की होड़ में लोग अपने सामर्थ्य से बाहर जाकर खर्च करते हैं, जो आगे चलकर रिश्तों में तनाव ला सकता है।

हर बात में परिवार की बजाय दूसरों की सुनना

शादी में सलाह लेना ज़रूरी होता है, लेकिन अगर हर दूसरी-तीसरी बात पर बाहरी लोगों की सुनना शुरू कर दें, तो प्लानिंग भटक जाती है। कपल्स को चाहिए कि अपनी प्राथमिकताओं को समझें और जरूरी मामलों में माता-पिता या भरोसेमंद लोगों से ही राय लें।

एक-दूसरे की पसंद-नापसंद न समझना

शादी की तैयारी सिर्फ कपड़े या वेन्यू तक सीमित नहीं होती। बहुत बार ऐसा होता है कि एक पार्टनर कुछ चाहता है और दूसरा कुछ और, लेकिन खुलकर बात न करने की वजह से आपसी तालमेल बिगड़ जाता है। ऐसे में ज़रूरी है कि दोनों खुलकर अपनी राय रखें और एक-दूसरे की पसंद का सम्मान करें।

प्रोफेशनल वेडिंग प्लानर को न रखना

हर कोई वेडिंग प्लानर हायर नहीं कर सकता, लेकिन अगर बजट में गुंजाइश हो और समय की कमी हो, तो प्रोफेशनल की मदद लेने से बहुत सी परेशानियाँ कम हो सकती हैं। कई कपल्स सोचते हैं कि वो खुद सब संभाल लेंगे, लेकिन आख़िरी वक्त पर चीज़ें हाथ से निकल सकती हैं।

रियलिस्टिक टाइमलाइन न बनाना

शादी की तैयारियों में समय का प्रबंधन सबसे ज़रूरी होता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि “अभी तो बहुत टाइम है”, और आखिरी के हफ्तों में सब कुछ एक साथ करने लगते हैं, जिससे तनाव और थकावट बढ़ जाती है। अगर समय रहते हर चीज़ की योजना बना ली जाए, तो सब कुछ आसान हो सकता है।

सोशल मीडिया पर ज़रूरत से ज़्यादा फोकस करना

आजकल इंस्टाग्राम और फेसबुक पर शादी की तस्वीरें डालने का ट्रेंड है, लेकिन कई बार कपल्स सिर्फ कैमरे के लिए शादी प्लान करते हैं, जिससे असली भावनाएं कहीं खो जाती हैं। असल मकसद एक-दूसरे के साथ एक नई शुरुआत करना होता है, न कि सिर्फ सोशल मीडिया पर लाइक्स बटोरना।

मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को नजरअंदाज़ करना

शादी के दौरान सिर्फ फिजिकल तैयारियाँ ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी खुद को तैयार रखना ज़रूरी होता है। बहुत से कपल्स इस दौर में इतने बिज़ी हो जाते हैं कि वो अपने रिश्ते की गहराई और एक-दूसरे से बातचीत को समय ही नहीं दे पाते। याद रखिए, एक खुशहाल शादी की शुरुआत, मानसिक शांति और प्यार से होती है।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...