बर्फीले पहाड़ और सुंदर झील, पर्यटकों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है लद्दाख: Ladakh Tour
Ladakh Tour Plan

देश की सबसे सुंदर और सकून देने वाली जगह

इस जगह पर आपको पहाड़ की जो प्राकृतिक छटा और ख़ूबसूरती दिखाई देती है वह कहीं और नहीं मिलेगी। यह देश की सबसे सुंदर और सकून देने वाली जगहों में गिनी जाती है।

Ladakh Tour: लद्दाख को अपनी ख़ूबसूरती के साथ-साथ साहसिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इस जगह पर आपको पहाड़ की जो प्राकृतिक छटा और ख़ूबसूरती दिखाई देती है, वह कहीं और नहीं मिलेगी। यह देश की सबसे सुंदर और सकून देने वाली जगहों में गिनी जाती है। इस जगह पर घूमने और देखने के लिए काफ़ी कुछ है। इस जगह पर आकर बर्फीले पहाड़ और ख़ूबसूरत झीलों को देखना सैलानियों के मन को ख़ुश कर देता है। लद्दाख की यात्रा में आपको कई मंदिरों और मठों को भी देखा जा सकता है। रोड ट्रिप के लिए लद्दाख सबसे अच्छा माना जाता है। 

लद्दाख का इतिहास 

Ladakh Tour
Ladakh History

लद्दाख का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है। यह डोगरा शासन के तहत आया और 1846 में जम्मू और कश्मीर राज्य में शामिल किया गया था। लद्दाख की संस्कृति और कार्य प्रणाली अभी भी तिब्बत के साथ काफी मिलती जुलती है। चीन-सिख युद्ध जोकि 1841-42 के दौरान हुआ था उसमें किंग साम्राज्य ने लद्दाख पर हमला किया था लेकिन लेकिन चीन-तिब्बती सेना हार गई थी। यह भारत का अभिन्न अंग है और देश के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में शुमार किया जाता है। 

लद्दाख की संस्कृति 

लद्दाख की संस्कृति 
Ladakh Culture

लद्दाख की संस्कृति काफी विविधतापूर्ण और समृद्ध है। इस जगह का खानपान, पर्व और त्यौहार सभी को पसंद आती है। लोक कलाओं की दृष्टि से देखा जाए तो लद्दाखी लोग संगीत, साहित्य व नृत्य में काफी प्रतिभाशाली हैं। यहाँ के पर्व और त्योहारों के अवसर पर यहाँ के लोग अपनी कलाओं का भरपूर प्रदर्शन करते हैं। लद्दाख प्रदेश पर तिब्बती बौद्ध धर्म के अलावा भी अन्य सांस्कृतिक प्रभाव् दिखाई देता है। 

लद्दाख के पर्यटन स्थल 

लद्दाख में घूमने और देखने के लिए काफ़ी कुछ है। इस जगह पर आकर लोग सबसे ज़्यादा रोड ट्रिप करना पसंद करते हैं। जिसमें कार राइडिंग से लेकर बाइकिंग तक की साहसिक गतिविधियाँ शामिल है। लद्दाख के गांव बहुत ही ख़ूबसूरत हैं, लोग इन गाँवों को देखने के लिए जाते हैं। होमस्टे में रुकना पसंद करते हैं, खानपान, जीवन से परिचित होते और फोटोग्रपी करते हैं। 

लद्दाख घूमने की कुछ ख़ास जगहें 

पैंगोंग झील 

पैंगोंग झील 
Ladakh Trip

हिमालय में लेह-लद्दाख के पास स्थित पैंगोंग झील देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिनी जताई है। इस जगह की ख़ूबसूरती बहुत बेमिशाल है जिसकी वजह से इस जगह को देखने के लिए हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं। इस जगह पर कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है जिसकी वजह से इस झील को काफी लोकप्रियता मिली है। यह झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता, क्रिस्टल क्लीयर वॉटर और ख़ूबसूरत पहाड़ियों की वजह से जानी जाती है। जिसे देखना हमेशा हमेशा के लिए हमारे यात्रा अनुभवों में रह जाता है। लद्दाख का तापमान हमेशा -5 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। सर्दियों में यह झील तो पूरी तरह से जम जाती है। जिसकी वजह से इस जगह पर हमेशा सर्द रहती है और साहसिक पर्यटन के अनुकूल बना जाती है। 

मैग्नेटिक हिल 

मैग्नेटिक हिल 
Magnetic Hill

लद्दाख में स्थित मैग्नेटिक हिल को ग्रेविटी हिल भी कहा जाता है और यह देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यह जगह लेह शहर से तक़रीबन 30 किमी दूर समुद्र तल से तक़रीबन 14,000 फीट की ऊंचाई पर की ऊँचाई पर स्थित है। इस जगह पर ऐसा पाया गया है कि वाहन गुरुत्वाकर्षण बल या फिर किसी और वजह से अपने आप पहाड़ी की तरफ बढ़ते हैं। लद्दाख में मैगनेटिक हिल का यह रहस्य दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इसी जगह पर पहाड़ी के पूर्वी हिस्से में तिब्बत से निकलने वाली सिंधु नदी बहती है जो कि लद्दाख के सैलानियों के लिए एक ख़ूबसूरत पड़ाव है। इस जगह पर नदी की ख़ूबसूरती को देखना मन को तरोताज़ा कर देता है। 

लेह पैलेस 

लेह पैलेस 
लेह पैलेस 

लेह पैलेस लेह लद्दाख का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है जहां पर हर साल लाखों लोग आते हैं। यह हमारे देश भारत की बड़ी ऐतिहासिक सम्पदाओं में से एक है। इस जगह की ख़ूबसूरती देखते ही बनती है। इस भव्य और आकर्षक संरचना के बारे में जो जानकारी मिलती है उसके मुताबिक़ इसका निर्माण राजा सेंगगे नामग्याल ने 17 वीं शताब्दी में एक शाही महल के रूप में करवाया था और इस हवेली में राजा और उनका पूरा राजसी परिवार रहता था। लेह पैलेस अपने समय में बनाई गई नगर की सबसे ऊँची इमारतों में से एक है। इस महल में कुल नौ मंजिलें हैं जिससे पूरे शहर का ख़ूबसूरत और मनोरम दृश्य दिखाई देता है।

चादर ट्रैक

यह एक ऐसा ट्रेक है जिसे देखने और जानने की इच्छा हर घुमक्कड़ के मन में रहती है। सैलानी इस जगह को देखने और ट्रेक करने के लिए दुनिया के कोने कोने से आते हैं। इस ट्रैक को चादर ट्रैक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ बहाने वाली जांस्कर नदी सर्दियों के दौरान नदी से बर्फ की सफेद चादर में बदल जाती है। जिस पर ट्रेकिंग की जाती है, यह ट्रैक लेह लद्दाख के सबसे कठिन और सबसे साहसिक ट्रेक में से एक है। बावजूद इसके लोगों का क्रेज़ कम नहीं होता, लोग इस जगह पर चलना और डर और साहस का अनुभव एक साथ करना पसंद करते हैं। 

फुगताल मठ

फुकताल मठ को फुगताल मठ के नाम से भी जाना जाता है। यह मठ लद्दाख में जांस्कर क्षेत्र के दक्षिणी और पूर्वी भाग में स्थित है। फुकताल मठ उन उपदेशकों और विद्वानों की जगह मानी जाती है जो प्राचीन काल में इस जगह पर रहते थे। बताया जाता है कि यह जगह ध्यान करने की जगह हुआ करती थी। साथ ही साथ इस जगह पर शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी तमाम तरह की गतिविधियाँ आयोजित की जाती थी। यह एकमात्र ऐसा मठ है जहाँ पर पैदल यात्रा करके पहुंचा जा सकता है इसलिए ट्रेकिंग को प्रेम करने वाले लोगों के लिए एक बहुत खास जगह बन गई है। इस मठ में मानव जीवन और उससे जुड़े अच्छे कामों के लिए प्रार्थना की जाती है। 

 लद्दाख घूमने का सबसे अच्छा समय 

लद्दाख का नाम ऑल टाइम फेवरेट डेस्टिनेशन की लिस्ट में आता है, इस जगह पर हर मौसम का अपना ही मज़ा है। परंतु सितंबर से अक्टूबर में लद्दाख में कई तरह के पर्व और त्योहार आते हैं। इस दौरान यदि आप यात्रा करते हैं तो घूमने के साथ कई फेस्टिवल का लुत्फ भी उठा पाएंगे।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...