हाथ में बंधा हुआ कलावा है उतारना, जाने इससे जुड़ा धार्मिक नियम: Kalawa Rules
Raking off the rule of Kalawa in Hindu tradition

हाथ से कलावा कब और कैसे निकाले

हिन्दू धर्म के अनुसार हाथ में कलावा कैसे बांधा जाता है और उसे उतारने के लिए क्या नियम बताये गये हैं।

Kalawa Rules: हिन्दू धर्म के अनुसार हर पूजा पाठ के दौरान हाथ में कलावा बांधा जाता है। लाल रंग का ये सूती धागा कुछ समय बाद बेरंग और पुराना हो जाता है जिसके बाद लोग उसे उतारकर यहाँ वहां फेंक देते है। लेकिन जिस तरह से कलावा बाँधने की एक प्रक्रिया और नियम है उसी तरह से उसे उतारने का भी नियम है। जिसे हममे से ज्यादातर लोग नहीं ही जानते है। चलिए आज आपको बताते है कि हिन्दू धर्म के अनुसार हाथ में कलावा कैसे बांधा जाता है और उसे उतारने के लिए क्या नियम बताये गये हैं।

कब और कैसे बांधा जाता है कलावा?

Kalawa Rules
Rule of wear and takeoff of kalava

हिन्दू धर्म और शास्त्रों के अनुसार किसी मांगलिक कार्य, त्यौहार, पूजा पाठ, हवन कीर्तन के समय उसमें शामिल होने वाले लोगों के हाथों में कलावा बांधा जाता है। कहा जाता है कि जब भी कलावा बाँधा जाए तो उसे हाथ की कलाई पर तीन से चार बार घुमाना चाहिए और फिर उसमें गाठ देकर बाँध देना चाहिए।

कब खोले कलावा?

Rule of wear and takeoff of kalava
Rule of wear and takeoff of kalava

हिन्दू धर्म के अनुसार कलावा को उतारने के भी नियम बताये गये है लेकिन हम इस नियम की अनदेखी कर देते है जो बहुत अशुभ माना जाता है। लोग किसी भी समय कहीं भी इसे उतारकर यहाँ वहां फेंक देते है जो बिलकुल गलत है इसे इसका अपमान माना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक कलावा को मंगलवार और शनिवार के दिन उतारा जा सकता है जिसे शुभ माना गया है। वहीं किसी त्यौहार के अवसर पर भी आप कलावा को उतारकर नया कलावा बांध सकते है।

उतारे हुए कलावे का क्या करें?

Rule of wear and takeoff of kalawa
Rule of wear and takeoff of kalawa

जब भी आप कलावा उतारते है तो या तो इसे मंदिर के सामान के साथ रख दें जब भी मौका मिले तो इसे किसी नदी में बहा दें। लेकिन इस तरह से आप अगर कलावे को नदी में फेंकते है तो इससे नदी दूषित होती है। इसलिए आप किसी हवन में इसको डालकर इसे नष्ट कर सकते है या फिर कुछ कलावे इक्कठे हो उसे जलाकर उसकी राख को मिट्टी में दबाकर भी उसे नष्ट कर सकते है। ऐसा करने से पवित्र कलावा किसी गंदगी में नहीं जाएगा और न ही किसी के पैर के नीचे दबेगा। जब भी आप कलावा उतारते है तो उसे इस प्रकार ही नष्ट करें।

किस हाथ में बांधना चाहिए कलावा?

Rule of wear and takeoff of kalava
Rule of wear and takeoff of kalava

अक्सर लोगों के दिमाग ये दुविधा बनी रहती है कि किस हाथ में कलावा बांधना चाहिए। हालांकि इसके लिए भी शास्त्रों में नियम तय किये गये है लेकिन फिर भी लोग कलावा बांधते समय गलती कर बैठते है। शास्त्रों के अनुसार महिला और पुरुष दोनों के लिए कलावा बाँधने के अलग अलग नियम बताये गए है। नियम के अनुसार महिलाओं को दायें यानी सीधे हाथ की कलाई में कलावा बंधवाना चाहिए। तो वहीं पुरुषों को बाएं यानि उलटे हाथ की कलाई में कलावा बंधवाने का नियम बताया गया है।

जब भी आप कलावा बंधवा रहे हो तो इस नियम को ध्यान में रखते हुए अपने हाथ में कलावा बंधवाये। इसी के साथ जब भी कलावा उतारे तो बताये हुए शुभ अवसर के साथ उतारकर, पुराने वाले को सही जगह नष्ट करें।         

गायत्री वर्मा को मीडिया क्षेत्र में 7 वर्षों का अनुभव है। वे पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी के साथ बतौर डिजिटल कंटेंट राइटर फ्रीलांस रूप में जुड़ी हुई हैं। विभिन्न विषयों पर प्रभावशाली लेखन की दक्षता रखने वाली गायत्री, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स...