Importance of Festival: लगभग हम सभी का बचपन त्योहारों के इर्दगिर्द बीता है इसलिए पहले त्योहारों पर उत्सुकता की कोई सीमा न थी। त्योहार हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा हैं, यही वजह है कि यह हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। भारत अपने विभिन्न रंगीन त्योहारों के लिए जाना जाता है जो सालभर मनाए जाते हैं। त्योहार सिर्फ सांस्कृतिक या धार्मिक कारणों से ही नहीं मनाए जाते बल्कि ये परिवार के बीच प्रेम और एकता को भी दर्शाते हैं।
त्योहार लोगों को एकसाथ लाते हैं और समुदाय में अपनेपन की भावना पैदा करते हैं। खासकर बच्चे तो बड़ों से ज्यादा त्योहारों का लुत्फ उठाते हैं। लेकिन फिर भी कहीं-न-कहीं बच्चे त्योहारों का मूल्य खो रहे हैं। उनकी उत्सुकता और एनर्जी अब सिर्फ टेक्नोलॉजी और पश्चिमी सभ्यता की ओर झुक रही है। त्योहार क्या हैं और वह हमारे लिए कितने जरूरी हैं इसकी सीख हमें बच्चों को जरूरी देनी चाहिए। पेरेंट्स को चाहिए कि वह अपने बच्चों को त्योहारों से जोड़ें और इसके महत्व के प्रति जाकरूक बनाएं ताकि त्योहारों के प्रति बच्चों की खुशी और उत्साह बरकरार रहे।
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Importance of Festival:परिवार के साथ मनाएं खुशियां

त्योहार लोगों के साथ मनाए जाते हैं। दिवाली हो, होली हो, क्रिसमस हो, ईद हो या कोई पूजा हो लोग एक साथ आते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं ताकि साथ में एक अच्छा समय बिताया जा सके। जब बच्चे किसी उत्सव की तैयारियों में भाग लेते हैं तो वह लोगों और परिवार में अपनी एक खास जगह बना लेते हैं। वह लोगों के साथ काम बांटना सीखते हैं और मिलकर काम करते हैं। पेरेंट्स को बच्चों को सिखाना चाहिए कि त्योहार सिर्फ सेलिब्रेशन नहीं है बल्कि रिश्तों को करीब लाने का एक जरिया भी है।
बच्चे सीखते हैं शेयरिंग

‘शेयरिंग इज केयरिंग’ यह कहावत तो सभी ने सुनी होगी लेकिन क्या सब इसपर अमल करते हैं। त्योहार बच्चों में शेयरिंग की भावना को डेवलप करते हैं और उन्हें दूसरों के प्रति ईमानदार बनाते हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार 95 प्रतिशत पेरेंट्स का मानना है कि त्योहार बच्चों को परंपराओं और संस्कृति के बारे में सबक सिखाने में मदद करते हैं। त्योहार किसी भी संस्कृति को समझने का एक शानदार तरीका है। एक बच्चे को त्योहारों और उत्सवों के दौरान अपनी संस्कृति और देश के बारे में अधिक सिखाया जा सकता है। साथ ही त्योहारों में दोस्तो-रिश्तेदारों से मिलना और परिवार वालों से तोहफे शेयर करने से बच्चों में भी शेयरिंग की भावना पैदा होती है। इसलिए पेरेंट्स बच्चों को शेयरिंग करने के लिए प्रोत्साहित करें।
बच्चों को करें प्रोत्साहित

आजकल बच्चे घर के अलावा स्कूल और सोसाइटी में भी त्योहार मनाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें। बच्चों में त्योहार के प्रति रुझान पैदा करें। उन्हें सिखाएं कि त्योहारों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेने से उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलता है साथ ही दोस्तों के साथ मिलकर त्योहार मनाने से रिश्ते मजबूत होते हैं।
बच्चों के साथ क्रिएटिव बनें

बच्चों को अपनी संस्कृति और सभ्यता के बारे में अवश्य जानकारी होनी चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि कौन सा त्योहार क्यों और कैसे मनाया जाता है। बच्चे ट्रेडिशनल ड्रेस, सजावट और खाना पकाने में मदद करके और अन्य क्रिएटिव कार्य करके त्योहार और समारोहों में व्यक्तिगत रूप से जुड़ सकते हैं। इस काम में पेरेंट्स को बच्चों की मदद करनी चाहिए। उसके साथ क्रिएटिव वर्क करें ताकि बच्चे भी पूरी लगन के साथ त्योहार में शामिल हो सकें।
आदर करना सिखाएं

वर्तमान में बच्चों को पेरेंट्स का अधिक इंवॉल्वमेंट पसंद नहीं आता। यही वजह है कि बच्चे परिवार के सदस्यों की अपेक्षा अपने दोस्तों के साथ समय बिताना ज्यादा पसंद करते हैं। बच्चों की ऐसी आदत कई बार उन्हें बद्तमीज और बड़ों का अनादर करना सिखाती है। एक साथ त्योहार मनाने से बच्चों में बड़ों के प्रति आदर का भाव पैदा होता है साथ ही बुजुर्गों द्वारा पुराने किस्से और कहानियां सुनने से उनका मनोरंजन भी होता है। इसलिए पेरेंट्स बच्चों को आदर करना सिखाएं।
त्योहारों का महत्व सिखाएं
त्योहार हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपनी पौराणिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को त्योहारों के महत्व के बारे में सिखाएं। त्योहारों पर कैसे घर की खास-सज्जा करते हैं या घर में क्या पकवान बनाएं जाते हैं, इसके बारे में बताएं। साथ ही बच्चों को अपने साथ काम कराएं ताकि बच्चे भी इन चीजों को सीख सकें।
