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अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में पढ़ाई की है। जब लोगों को बाबा के वेश में इस आईआईटी इंजीनियर की डिग्रियों के बारे में पता चला तो वह रातों रात सोशल मीडिया पर छा गए। हालांकि इसी बीच खबर आई है कि आईआईटी बाबा को जूना अखाड़े से बाहर कर दिया गया है।
IIT Baba Abhay Singh: महाकुंभ 2025 के महा मेले में इन दिनों बाबाओं के जलवे देखने को मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और यूट्यूबर्स लगातार बाबाओं का इंटरव्यू लेने के लिए उमड़ रहे हैं। हाल ही में ‘आईआईटी बाबा’ सुर्खियों में थे। उनका असली नाम अभय सिंह है। यह हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले हैं। अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में पढ़ाई की है। जब लोगों को बाबा के वेश में इस आईआईटी इंजीनियर की डिग्रियों के बारे में पता चला तो वह रातों रात सोशल मीडिया पर छा गए। हालांकि इसी बीच खबर आई है कि आईआईटी बाबा को जूना अखाड़े से बाहर कर दिया गया है। आखिर क्या है यह मामला, आइए जानते हैं।
अभय सिंह ने दी यह सफाई
मामला सामने आने के बाद इस पर आईआईटी बाबा ने अपनी सफाई दी। मीडिया से बातचीत में अभय सिंह ने बताया कि जब वह महामंडलेश्वर और अन्य संतों से ज्यादा प्रसिद्ध होने लगे, तो संतों को परेशानी होने लगी। उन्हें लगा कि यह तो हमसे ज्यादा प्रसिद्ध हो गया। इस कारण नाराज होकर संतों ने उन्हें अखाड़े से बाहर कर दिया।
अखाड़े का तर्क, किया अनुशासन की अवहेलना
वहीं पूरे मामले को लेकर जूना अखाड़े ने भी अपना तर्क दिया है। जूना अखाड़े ने कहा कि आईआईटी बाबा ने अखाड़े की परंपरा का उल्लंघन किया है। साथ ही अनुशासन की अवहेलना की है। उन्होंने अपने गुरु के बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया, जो संन्यास की मर्यादा के खिलाफ था। जूना अखाड़े के महंत करणपुरी ने आईआईटी वाले बाबा को ढोंगी और मवाली बताया। महंत ने कहा कि वह साधु नहीं थे, बल्कि वह बहुत गलत व्यक्ति थे, जिन्हें हमने अखाड़े से भगा दिया। वहीं जूना अखाड़े के प्रमुख महंत हरि गिरि ने कहा कि अभय सिंह के व्यवहार ने गुरु-शिष्य परंपरा और संन्यास के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। उन्होंने अभय के सोशल मीडिया पर किए गए विवादास्पद पोस्टों की आलोचना की, जिनमें उन्होंने अपने पिता को ‘हिरण्यकश्यप’ है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने अपने गुरु को ‘पागल’ कहा था। अब वह जूना अखाड़े द्वारा निष्कासित किए गए हैं। उन्हें इस अखाड़े और उसके आस-पास के क्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया है।
सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स
अभय सिंह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। उनके इंस्टाग्राम पर डेढ़ लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। जिसपर वे अक्सर पोस्ट करते हैं। अपने एक इंटरव्यू में अभय ने कहा था कि उनके घर का माहौल अच्छा नहीं था। वह हमेशा किसी तरह बाहर जाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि जब वे फोटोग्राफी में रुचि रखते थे, तो उनके परिवार वाले उन्हें लेकर शर्मिंदगी महसूस करते थे और उन्हें यह डर था कि अगर लोग जानेंगे तो क्या कहेंगे। यहां तक कि उन्होंने टॉप डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट से फोटोग्राफी का कोर्स किया था।
पोस्ट में लिखी पेरेंटल ट्रैप की बात
अभय सिंह ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ‘पेरेंटल ट्रैप’ की बात की। उनका कहना था कि कई लोग अपने माता-पिता के लिए कुछ हासिल करने की बात करते हैं, जैसे मुझे अपने पापा के लिए घर बनाना है और वे इसे बहुत गर्व से कहते हैं। बच्चे माता-पिता को भगवान समझने लगते हैं। इसकी एक वजह आध्यात्मिक शिक्षाएं भी हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि माता-पिता भगवान नहीं होते, बल्कि उन्हें भी भगवान ने ही बनाया है। उन्होंने यह भी लिखा कि लोग कलियुग में सतयुग के विचारों को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। असल में माता-पिता को भी आदर्श रूप में बच्चों को पालना चाहिए। न कि उन्हें किसी कार्य के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।
