pitra paksha 2025
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Pitra Paksha 2024 Vastu: पितृ पक्ष भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक चलता है। पितृ पक्ष के दौरान पितरों के प्रसन्न या नाराज होने के संकेतों को समझना महत्वपूर्ण है। इस साल यह 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक है। यह समय अपने पूर्वजों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए समर्पित होता है।
अच्छे सपने, धन लाभ, घर में शांति और धार्मिक रुचि पितरों के प्रसन्न होने के संकेत हो सकते हैं। जबकि बुरे सपने, बीमारियां, कलह और आर्थिक समस्याएं पितरों के नाराज होने के संकेत हो सकते हैं। पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध कर्म, तर्पण, दान, मंत्र जाप और उनके स्मरण जैसे उपाय किए जा सकते हैं।

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पितृ पक्ष के दौरान कौवे को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि पितरों की आत्माएं कौवों में प्रवेश कर सकती हैं। ऐसे में कौवा यदि मुंह में रोटी दबाए या भोजन करता हुआ दिखाई दे तो यह माना जाता है कि पितरों ने वह भोजन ग्रहण किया है और वे प्रसन्न हैं। यह एक शुभ संकेत माना जाता है। इस तरह के दृश्य से यह पता चलता है कि पितरों को किया गया श्राद्ध कर्म सफल रहा है और वे अपने वंशजों पर प्रसन्न हैं।

हिंदू धर्म में काली गाय को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है और कौवे को पितरों का वाहन। जब रास्ते में काली गाय पर कौवा बैठा दिखाई दे, तो यह एक अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है। इसका अर्थ है कि आपके पितर आपसे प्रसन्न हैं। काली गाय धन और समृद्धि की देवी का प्रतीक है, जबकि कौवा पितरों से जुड़ा हुआ है। इन दोनों का एक साथ दिखना यह संकेत देता है कि आपके पितर आपके ऊपर प्रसन्न हैं और आपके जीवन में धन, समृद्धि और सुख शांति लाने वाले हैं। यह संयोग आपके जीवन में आने वाले शुभ समय का सूचक भी माना जाता है।

पितृ पक्ष के दौरान ब्रह्म मुहूर्त (सुबह का प्रथम प्रहर) में गाय का रंभना एक अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है। यह संकेत देता है कि आपके पितर आपसे प्रसन्न हैं और उनकी कृपा आप पर बनी हुई है। हिंदू धर्म में गाय को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है और इसे पवित्र माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त को भी एक पवित्र समय माना जाता है। इन दोनों का संयोग, विशेषकर पितृ पक्ष के दौरान, पितरों के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है।

पितृ पक्ष के दौरान यदि आपके घर में अचानक से काली चींटियां दिखाई देने लगें, तो इसे एक शुभ संकेत माना जाता है। हिंदू धर्म में काली चींटियों को पितरों का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब पितर अपने वंशजों से प्रसन्न होते हैं, तो वे काली चींटियों के रूप में प्रकट होकर अपना आशीर्वाद देते हैं। घर में काली चींटियों का दिखना इस बात का संकेत होता है कि आपके पितर आपके द्वारा किए गए श्राद्ध कर्म और अन्य अनुष्ठानों से प्रसन्न हैं। यह संकेत यह भी देता है कि आपके पितर आपके साथ हैं और आपका भला चाहते हैं।

मैं आयुषी जैन हूं, एक अनुभवी कंटेंट राइटर, जिसने बीते 6 वर्षों में मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को करीब से जाना और लिखा है। मैंने एम.ए. इन एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स किया है, और तभी से मेरी कलम ने वेब स्टोरीज़, ब्रांड...