Summary:किन पौधों के लिए चायपत्ती है सबसे ज्यादा लाभकारी
रोज़ फेंक दी जाने वाली चायपत्ती आपके पौधों के लिए वरदान साबित हो सकती है।
जानिए कैसे यह किचन वेस्ट आपके गार्डन को हरा-भरा और फूलों से लबालब बना सकता है।
Tea Waste Fertilizer Guide: हर किसी के घर में दिन भर में कम से कम चार से पांच कप चाय तो बनती है। लेकिन हम में से ज्यादातर लोग चाय बनने के बाद चायपत्ती फेंक देते है। लेकिन क्या आपको पता है यही चायपत्ती आपके पौधों के ग्रोथ बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकती है, अब आप सोच रहे होंगे कैसे तो चलिए इस आर्टिकल के जरिए आपको बताते है। कैसे आप बची हुई चायपत्ती से एक बेहतरीन खाद्य बना सकते है।
चायपत्ती कितने काम की चीज

चायपत्ती से बनने वाली खाद्य पेड़ पौधों के लिए काफी फायदेमंद होती है। जिसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे पौधों के लिए उपयोगी पोषक तत्व पाए जाते हैं। चायपत्ती की खाद्य में मौजूद न्यूट्रीएंट्स पौधे की जड़, तने और पत्तियों की बढ़ोत्तरी और फूलों के तेजी से विकास में सहायक होते हैं। मैग्निशियम पौधों में होने वाली फोटोसिंथेसिस की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि पौधे में फूल खिलते समय सबसे आवश्यक पोषक तत्व पोटेशियम होता है। जो चायपत्ती में पाया जाता है।
पौधों में चायपत्ती का इस्तेमाल
पौधों में चायपत्ती का इस्तेमाल महीने में एक या दो बार ही किया जाना चाहिए। क्योंकि इसे आब्सॉर्ब होने में समय लगता है। इसके लिए चायपत्ती को आप पौधों के आसपास छिड़क दें, या फिर पौधों के आस-पास की मिट्टी को हटाकर उसमें अंदर की और डाल दें। ध्यान रहे कि पौधों में चायपत्ती की अधिक मात्रा पौधों को बर्बाद भी कर सकती हैं। क्योंकि इसमें नाइट्रोजन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए जरूरत के हिसाब से ही प्रयोग करें।
किन पौधों में करें इस्तेमाल
चायपत्ती को फूल वाले पौधो में इस्तेमाल करना चाहिए। चायपत्ती की खाद्य को गुलाब, मोगरा जैसे फूलों के पौधों के लिए उपयोगी बताया गया है। और इसे टमाटर, बैंगन जैसी सब्जियों के लिए भी उपयोगी बताया गया है।
किन पौधों में ना डाले चायपत्ती

मूली, गाजर और आलू में चायपत्ती की खाद का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इन पौधों को नाइट्रोजन कम मात्रा में चाहिए जबकि चायपत्ती की खाद में काफी नाइट्रोजन होता है।
पौधों पर चायपत्ती की खाद्य डालने के फायदे
चायपत्ती की खाद ऑर्गेनिक होती है, जिसमें टेनिन नामक एसिड मिलता है जो पौधों को बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। इसके अलावा चायपत्ती की खाद मिट्टी के पीएच को अम्लीय बनाकर रखती है। जिसके चलते मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है, और साथ ही मिट्टी की संरचना में भी सुधार होता है। साथ ही खाद्य बनाने में कोई लागत भी नहीं लगती है।
तो अब से आप सभी अपने घर से निकली बची हुई चाय पत्ती को फेंकने के बजाए अपने गार्डन के लिए करें इस्तेमाल और अपने पौधों को बनाए हरा भरा।
