Summary: स्मॉग से सुरक्षा पाना है बेहद आसान, प्रदूषण में भी मिलेगी ताज़ी हवा
स्मॉग के बढ़ते प्रदूषण से बचाव के लिए, अपने घर में नमीयुक्त सफाई, एयर प्यूरीफाइंग प्लांट्स, और प्राकृतिक वेंटिलेशन अपनाकर इनडोर हवा को शुद्ध करें। सुबह 10 बजे के बाद खिड़कियां खोलें और कपूर जैसे नैचुरल एयर क्लीनर्स का उपयोग करके अपने घर को एक स्वस्थ ऑक्सीजन ज़ोन में बदलें।
How to Increase Oxygen Level of House: स्मॉग सीज़न जैसे ही शुरू होता है, बाहर की हवा में धुआं, धूल और प्रदूषण तेजी से बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में घर के अंदर की हवा को साफ रखना बहुत ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि बाहर से आने वाला हर कण धीरे-धीरे हमारे फेफड़ों और इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप अपने घर को एक तरह का ऑक्सीजन ज़ोन बना सकते हैं। आसानी से अपनाये जाने वाले ये तरीके न सिर्फ हवा को शुद्ध करते हैं, बल्कि भरपूर मात्रा में आपको ताज़गी,
बेहतर नींद और एनर्जी भी देते हैं।
खिड़कियां खोलें एक तय समय के बाद

स्मॉग सीज़न में सुबह के शुरुआती घंटे हवा में सबसे ज्यादा खराब कणों से भरे होते हैं। इसलिए सुबह 10 बजे से पहले खिड़कियां खोलने से बचें। 10 बजे के बाद हवा थोड़ी साफ होती है, जिससे घर में बिना ज्यादा प्रदूषण आए ताज़ी हवा प्रवेश कर सकती है। इस छोटे से बदलाव से घर के अंदर की एयर क्वालिटी समय के साथ काफी बेहतर हो जाती है।
सफाई करें
सिर्फ डस्टर से सफाई होने पर धूल हवा में उड़ती है और फिर सांस के साथ अंदर चली जाती है। इसलिए सूखे कपड़े की बजाय हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें। इससे धूल चिपक जाती है और हवा में नहीं फैलती है। खासकर फर्नीचर, खिड़की की रेलिंग और इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की रोज़ाना वाइपिंग बेहद जरूरी है।
नैचुरल एयर क्लीनिंग तरीका
दादी-नानी के नुस्खे कई बार आधुनिक गैजेट्स से भी बेहतर काम करते हैं। घर में कपूर जलाने से हवा में मौजूद बैक्टीरिया और खराब गंध काफी हद तक कम हो जाती है। वहीं थोड़ी देर तक गुड़ और घी को धीमी आंच पर गर्म करने से एक हल्की खुशबू निकलती है जो घर की हवा को ताज़ा बना देती है।
जूतों की सही जगह
जूते घर के अंदर लाने से मिट्टी, धूल और केमिकल्स घर की हवा को और खराब करते हैं। कोशिश करें कि घर के दरवाजे के बाहर ही एक छोटा जूते का स्टैंड या रैक रखें ताकि बाहर की धूल जूते-चप्पलों में ना लग पाए। इससे फ्लोर साफ रहता है और बच्चों में एलर्जी का खतरा भी कम हो जाता है।
एयर-प्यूरीफाइंग इनडोर प्लांट्स

एरेका पाम, स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, पीस लिली जैसे पौधे घर में ऑक्सीजन बढ़ाने के साथ-साथ टॉक्सिन भी कम करते हैं। आप चाहें तो लिविंग रूम, बेडरूम और किचन में छोटे-छोटे प्लांट कॉर्नर बना सकते हैं। पौधों से घर का तापमान संतुलित रहता है और हवा ज्यादा नमीयुक्त बनती है, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है।
वेंटिलेशन बनाए रखें
स्मॉग सीज़न में किचन की गैस, बाथरूम की नमी और साफ-सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल भी इनडोर प्रदूषण को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इसलिए किचन की चिमनी का इस्तेमाल जरूर करें साथ ही बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन चलाएं। अगर हवा के बाहर निकलने का रास्ता अच्छा होगा तो घर के अंदर ताज़ी हवा का फ्लो भी बढ़ेगा।
