Summary: स्मॉग सीज़न में फेफड़ों को बचाएं: जानें वो 5 फूड्स जो अंदर से करेंगे डिटॉक्स
सर्दियों की शुरुआत के साथ दिल्ली-एनसीआर की हवा में घुला प्रदूषण फेफड़ों पर सबसे ज़्यादा असर डालता है। डाइट में शामिल कुछ नेचुरल डिटॉक्स फूड्स आपकी सांसों को हल्का और फेफड़ों को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Superfoods for Lungs: सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में धुंध और धुएं का ज़हर घुल जाता है। सड़कों पर दिखती वह धुंध दरअसल ज़हरीले कणों का बादल है, जो हर सांस के साथ हमारे शरीर के अंदर जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर हमारे फेफड़ों पर पड़ता है। लगातार बढ़ते प्रदूषण से अस्थमा, एलर्जी, ब्रॉन्काइटिस जैसी बीमारियां तेज़ी से बढ़ रही हैं। ऐसे में दवाइयों के साथ-साथ एक और चीज़ है जो हमारी सबसे बड़ी साथी बन सकती है संतुलित और डिटॉक्स करने वाली डाइट।
प्रदूषित हवा से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है और इम्यूनिटी कमजोर पड़ने लगती है। लेकिन अगर हम अपने रोज़ाना के खानपान में ऐसे फूड्स शामिल करें जो विटामिन C, E, और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे तत्वों से भरपूर हों, तो फेफड़ों को काफी हद तक मज़बूती दी जा सकती है। आइए जानते हैं वे 5 फूड्स जो आपके फेफड़ों को अंदर से साफ और सेहतमंद रख सकते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां और ब्रोकोली में एंटीऑक्सीडेंट्स
पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकोली में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फोलेट शरीर में जमा टॉक्सिन्स को कम करते हैं। ये सब्जियां फेफड़ों में सूजन घटाकर उन्हें ज्यादा सक्रिय और स्वस्थ बनाती हैं। अगर आप रोज़ाना इन हरी सब्जियों का सेवन करते हैं, तो सांस लेना भी पहले से आसान महसूस होगा।
लहसुन और अदरक है श्वसन तंत्र के नैचुरल बॉडीगार्ड
लहसुन में पाया जाने वाला allicin और अदरक में मौजूद gingerol दो ऐसे यौगिक हैं जो सूजन और संक्रमण को कम करते हैं। ये दोनों फेफड़ों को साफ रखते हैं और श्वसन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। सर्दियों के इस स्मॉग सीजन में अपने सूप, सब्ज़ी या चाय में लहसुन-अदरक ज़रूर मिलाएं।
नींबू, संतरा और आंवला की खटास में छिपा डिटॉक्स

नींबू, संतरा, मौसमी और आंवला विटामिन C के पावरहाउस हैं। ये न सिर्फ शरीर में जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालते हैं, बल्कि फेफड़ों की कोशिकाओं को रिपेयर करने में भी मदद करते हैं। सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस डालकर पीना या आंवले का जूस लेना फेफड़ों को स्वाभाविक रूप से साफ करने का असरदार तरीका है।
फेफड़ों की ताकत के लिए फैट ओमेगा-3 फैटी एसिड
सालमन और टूना जैसी मछलियाँ, अखरोट, और अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। ये सूजन घटाते हैं और फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं। जो लोग नॉनवेज नहीं खाते, वे अखरोट या अलसी को डेली स्नैक के रूप में ले सकते हैं।
रात का डिटॉक्स हर्बल टी और हल्दी वाला दूध
ग्रीन टी, तुलसी टी या हल्दी वाला दूध शरीर से फ्री रेडिकल्स निकालने का काम करते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन फेफड़ों के टिशूज़ को हील करता है और इंफ्लेमेशन कम करता है। रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना सांस की तकलीफ और गले की जलन दोनों से राहत देता है।

इन बातों का रखें ध्यान
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ खानपान ही नहीं, हाइड्रेशन भी उतना ही जरूरी है। दिनभर में पर्याप्त पानी पीना शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है। साथ ही, स्मॉग वाले दिनों में मास्क पहनें, घर में एयर-प्यूरिफाइंग पौधे लगाएं जैसे एलोवेरा या स्नेक प्लांट, और सुबह-शाम बाहर टहलने से बचें।
