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वाटर टैंक की करें नियमित सफाई: Water Tank Cleaning
Water Tank Cleaning Tips

Water Tank Cleaning: कहते हैं- जल ही जीवन है। घर हो या बाहर पानी का प्रयोग दैनिक जीवन के समस्त कार्यों में मानव ही नहीं पेड़-पौधे, जीव-जंतु सभी करते हैं। जल में बैक्टीरिया, जीवाणु, सूक्ष्म कीट का प्रवेश बहुत शीघ्र होता है, कारण वे हमेशा ठंडी जगहों पर ही वास करते हैं, जिससे पानी क्षण भर में दूषित तो होता ही है साथ ही हमारे स्वास्थ्य पर भी उसका प्रभाव पड़ता है।
एक अनुमान के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत मानव दूषित पानी के शिकार होते हैं उनमें भी 50 प्रतिशत 5 वर्ष से कम आयु के छोटे बच्चे। ऐसे में सोचिए पानी का शुद्ध होना कितना आवश्यक है।
पहले के घरों में पीने के पानी को शुद्ध करने के लिए कपूर, फिटकरी आदि का प्रयोग किया जाता था। वहीं आजकल घर-घर, ऑफिस आदि में एक्वागार्ड, फिल्टर मशीन आदि का प्रयोग किया जाता है। लेकिन मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में रहने वाले परिवार, स्कूल, अस्पताल, पार्क आदि सार्वजनिक स्थानों पर पानी की सप्लाई छतों या बिल्डिंग में लगे बड़े-बड़े आरसीसी सीमेंट, टाइल्स या सिंटैक्स वाटर टैंक द्वारा की जाती है।
घर के अंदर स्टोर किए गये पानी के बर्तन, बोतल आदि की सफाई की ओर तो हम ध्यान देते हैं लेकिन छत पर लगे वॉटर टैंक की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता, जबकि हम भूल जाते हंै अचानक किसी प्रॉब्लम से यदि पानी की आन्तरिक सप्लाई न हो तो हमें उस वाटर टैंक का दूषित पानी पीने केलिए बाध्य होना पड़ता है, नतीजा बिमारियों को स्वयं आमंत्रित करना। सप्लाई पानी का शुद्ध होना बेहद जरूरी है। इसके लिए घर और सार्वजनिक स्थानों पर लगे वॉटर टैंक की सफाई की ओर हमारा ध्यान सदैव होना चाहिए।

सोर्स ऑफ वॉटर सप्लाई

Water Tank Cleaning
वाटर टैंक की करें नियमित सफाई: Water Tank Cleaning 4
  • पानी की सप्लाई मुख्यत: नदियों, बोरिंग, जेटपम्प, नलकूपों द्वारा होती है। स्टोर किया गया पानी।
  • घरों में पीने का पानी बाल्टी, बोतल, फिल्टर, घड़ा, सुराई, जग वहीं अन्य घरेलू कामों के लिए वॉटर टैंक का प्रयोग किया जाता है।

वॉटर टैंक में दूषित पानी के कारण

वॉटर टैंक का पानी दूषित कैसे और क्यों होता है, इसके अनेक कारण हैं-

  • टंकी का ऊंचाई और खुले स्थानों पर होना।
  • टंकी का ढक्कन खुला छोड़ना। टंकी का गलत रख रखाव।
  • सफाई के प्रति लोगों की उदासीनता। धूल मिट्ïटी के कण और वर्षा का पानी एकत्रित होना।
  • टंकी के स्थान पर काई का जमा होना। टंकी के पाइप, पानी की नालियों में जमा कचरा।
  • पनपने वाले कीटाणु, बैक्टीरिया, सूक्ष्म कीट का शीघ्र प्रवेश।
  • दीवारों पर सीलन का होना आदि।

यूं करें वाटर टैंक की सफाई

आज पानी का स्तर इतना गिरता जा रहा है कि हमें उसे साफ करने के साथ-साथ उसकेरख-रखाव की ओर ध्यान रखना आवश्यक हो गया है। पहले घरों में पानी के लिए छोटे टैंकों से काम चल जाता था। लेकिन आज की फास्ट लाइफ और बड़े-बड़े मल्टी स्टोरी मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए बड़े वाटर टैंक रखना समय की जरूरत है।

  • अक्सर हम वाटर टैंक की सफाई साल दो साल में एक बार करते हैं। छोटे बच्चे पानी अधिक पीते हं पानी शुद्ध हो इसके लिए वाटर टैंक की सफाई माह में एक बार याद से अवश्य करवाएं। घर की छोटी टंकी को सप्ताह, 15 दिन में एक बार बिना आलस्य के साफ करना चाहिए।
  • घर की टैंक की सफाई बाहरी मजदूर से न कराके स्वयं करें यदि करवाएं तो उसकी साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
  • टंकी की सफाई शाम के समय न करके सुबह के समय करें। अंधेरे में करने से न तो टंकी की सफाई आप ठीक तरह कर सकेंगे और न ही उस पर लगे धूल-मिट्ïटी के कण दिखेंगे इसलिए सुबह ही सफाई करना उचित है।
  • टंकी में पानी जब कम मात्रा में हो तब सफाई करें। सफाई से पूर्व पूरा पानी निकाल लें यदि टंकी बड़ी है तो अंदर जाकर सतह पर जमी मिट्ïटी बालू और धूल को साफ कपड़े से साफ करें।
  • गंदगी बाहर निकालने के बाद एक बाल्टी साफ पानी डालकर सतह को अच्छे से साफ कर गंदगी बाहर निकाल दें।
  • नल, पाइप, नालियों आदि की भी सफाई अवश्य करें ताकि पानी जब भी निकालें आसानी से और साफ पानी बाहर आए।
  • पानी की सफाई के लिए ‘पोटैशियम परमैग्नेटÓ का घोल और टंकी में क्लोरीन की गोली डालकर रखें।
  • टंकी के बाहर टंकी की सफाई, ढक्कन, वर्षा का एकत्रित पानी, काई आदि की नियमित जांच करें। साफ कपड़े से बाहरी हिस्से को साफ करें। गंदा व दूषित पानी एकत्रित न होने दें। काई जमा होने पर ‘ब्लीचिंग पाउडर छिड़ककर सफाई करें।
  • टंकी में लगी सीढ़ियों की साफ-सफाई अवश्य करें। सफाई करते समय चप्पल पहनकर अंदर न जाएं।
  • सीमेंट की टंकियां यों तो चारों ओर से कवर होती हैं, लेकिन साफ-सफाई और पानी देखने के लिए हम खाली जगह छोड़ देते हैं, उस खाली जगह को हमेशा जालीदार ढक्कन आदि से बंद रखें ताकि पानी दूषित न हो।
  • सीमेंट की दीवारों की साफ-सफाई के बाद सफेद चूना, टाईल्स के बीच जोड़ों को ब्रश से साफ करें ताकि उनमें कीटाणु न पनपे।
  • वॉटर टैंक के लिए आधुनिक उपकरण भी बाजार में उपलब्ध है। हाई वोल्यूम पंप, जेट मशीन, हैवी ड्ïयूटी क्लीनर, यू. वी. रेडिएटर आदि। आप चाहें तो सफाई के लिए कंपनियों के प्रतिनिधि को भी बुलाकर वॉटर टैंक की प्रॉपर सफाई करवा सकते हैं।

सफाई से पूर्व कुछ बातों का खास ध्यान रखें-

वॉटर टैंक जब भी साफ करें या करवाएं कुछ खास और महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान अवश्य रखें ताकि ये आपकी परेशानी का सबब न बनें इसके लिए-

  • अक्सर नलों से सप्लाई पानी से साबुन के पानी की तरह झाग, रंगीन गंदा और बदबूदार पानी आता है ये अशुद्ध पानी घर के अंदर और वाटर टैंक में हम शीघ्रता से स्टोर कर लेते हैं। जरूरी है कि हम पानी की पहले जांच करें उसके बाद पानी स्टोर करें।
  • सफाई कोई भी करे उसका भी स्वच्छ होना परम्ï आवश्यक है जैसे-कपड़े, हाथ-पैर और सफाई में प्रयोग उपकरण की साफ-सफाई।
  • फुल टंकी की सफाई न करके पानी अल्प मात्रा में हो तभी सफाई करें क्योंकि पानी अनमोल है।
  • विद्युत सप्लाई ठीक से हो तभी पानी टंकी में भरें पानी भरने के बाद विद्युत उपकरण बंद करना न भूलें ताकि पानी व्यर्थ बाहर न बहे।
  • सफाई के बाद बाहर डीटीटी का पाउडर छिड़कना न भूलें। ढक्कन हमेशा बंद रखें।
  • बाहर काई जमने की स्थिति में ‘ब्लीचिंग पाउडरÓ डालना न भूलें ताकि सीलन का भय न हो।

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