मेन गेट की दिशा जरूर चैक करें: Direction of Main Gate
Direction of Main Gate

Direction of Main Gate: त्यौहारों की रंगत अपनों के संग ही होती है इसलिए इस त्यौहारी सीज़न में अपने साथ-साथ अपनों के जीवन में भी जागरूकता और खुशियां लाने का प्रयास अवश्य करें। वो कैसे आइए जानें-

अक्टूबर का महीना, गुलाबी ठंड और हवा में एक भीनी सी सुगंध बताती है कि त्यौहारी सीज़न अब शुरू हो गया है। हमारे देश में अलग-अलग धर्मों के अपने-अपने त्यौहार मनाये जाते हैं लेकिन कुछ बातें उन सभी में कॉमन होती हैं जैसे- त्योहारों पर खरीदारी करना, अपनों को गि$फ्ट देना, $खुशी मनाना, नए मकान में प्रवेश करना इत्यादि। विशेषकर नवरात्रों में तो ज़्यादातर लोग अपने नए घर का मुहूर्त भी निकालते हैं। वास्तव में त्यौहारों के माध्यम से कुछ प्राचीन वैज्ञानिक परंपराओं का लाभ आम आदमी के जीवन तक पहुंचाने का एक जरिया है इसलिए हर त्यौहार से संबंधित कुछ विशेष रीतियां हैं, जो हमें निभानी होती हैं। यदि हम उन्हें पूरी श्रद्धा से निभाते हैं, तो उनका लाभ भी पाते हैं।

Also read: फ्लेवर्ड चाय के साथ लें ठंड का मजा

फेसबुक और व्हाट्सऐप के इस दौर में त्यौहारों को परंपरागत रूप से निभाना और भी अधिक आवश्यक हो गया है क्योंकि त्यौहारों के बहाने से ही सही पर लोग एक-दूसरे से मिलने का समय तो निकाल लेते हैं। ये मेलजोल न केवल आपको मानसिक शक्ति प्रदान करता है बल्कि जीवन की वास्तविक आनंद की अनुभूति भी प्रदान करता है।
आप सोचेंगे आजकल रिश्तेदारों से मिलकर आनंद कहां मिलता है लेकिन ऐसा विचार केवल उन्हीं लोगों के मन में आएगा, जिनके संबंधों में तनाव है या जिन्हें रिश्तेदारों की ईगो का सामना करना पड़ता है। आपको ये जानकार हैरानी होगी की ज़्यादातर केसेस में ये तनाव आपके घर और आपके नंबर्स के कारण होता है। जी हां, आपके घर की दीवारों पर किये गए रंगों से लेकर अलमारियों में रखे सामान तक, हर वस्तु आपके अंतर्मन और जीवन को प्रभावित करती है।
न्यूमेरो वास्तु ग्रुप द्वारा की गयी वैज्ञानिक रिसर्च न केवल जीवन और संबंधों में आने वाली इन समस्याओं के सटीक कारणों का पता लगाती है बल्कि आसान न्यूमेरो वास्तु उपायों द्वारा उन्हें ठीक भी करती है। केवल नाम के अक्षरों में बदलाव करके व्यक्ति की ईगो, गुस्सा या अड़ियल रवैये को कम किया जा सकता है आवश्यकता है तो केवल जागरूक होने की। यदि आप अपने अंकों के अपने जीवन पर होने वाले प्रभाव को समझते हैं तो आसानी से आप उनके उपयोग करके अपनी खुशियों को साकार कर सकते हैं। इस त्योहारी सीज़न में नीचे दी गई कुछ विशेष बातों का ध्यान रख कर आप भी अपने जीवन में $खुशियों और आनंद को निमंत्रण दे सकते हैं जैसे-

  1. आपके जन्मांक या भाग्यांक कुछ भी हों पर यदि आपके घर का मेन गेट पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा अथवा दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा के मध्य बना है तो आपकी खुशियों को ग्रहण लगना तय है। यदि इस त्यौहारी सीज़न में आप नया घर ले रहे हैं तो मेन गेट की दिशा को ज़रूर चेक करें। कम से कम ऊपर लिखी दिशाओं में बने गेट वाले घर का चुनाव ना करें।
  2. केवल गेट ही नहीं, आपके घर की किचन और बेडरूम भी इन दिशाओं में न बनायें तो बेहतर होगा, अन्यथा व्यर्थ की चिंताएं, अवसाद, रोग, $खर्चे और पारिवारिक झगड़े पैदा होंगे। पूर्व और दक्षिण-पूर्व के बीच में होने पर तो विशेष रूप से गृह-क्लेश और शुगर, बी.पी. जैसी बीमारियां पैदा करते हैं। यदि आपका बेडरूम भी इस दिशा में है और आपके साथ भी ये परेशानियां हैं तो उसमे हल्का क्रीम कलर करवाने से उसका बुरा प्रभाव कम हो जायेगा। साथ ही बेड की दिशा को पूर्व से हटाकर दक्षिण की दीवार पर कर लें।
  3. त्यौहार मनाने के चक्कर में ज़्यादा $खर्चा न कर बैठें, इसके लिए अपने घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में एक छोटा सा क्रीम कलर का खाली गमला या फ्लॉवर पॉट रखें। घर की इस दिशा से ऑरेंज, पिंक और हरे रंगों को अवश्य हटा दें।
  4. कुछ लोग अज्ञानतावश भगवान का मुंह पूर्व दिशा की ओर करने के चक्कर में दक्षिण-पश्चिम दिशा में बैठकर पूजा करते हैं। ऐसा करने से भगवान प्रसन्न हो या ना हों, लक्ष्मी ज़रूर अप्रसन्न हो जाती हैं। इसलिए ध्यान रखें की पूजा का स्थान केवल उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम में ही बनायें। विशेषकर, इस दीपावली लक्ष्मी पूजन उत्तर-पूर्व दिशा में बैठकर करें। ऐसा करने से धन-लाभ में वृद्धि होगी। इस वर्ष दीपावली पूजन करने से पहले उत्तर-पश्चिम दिशा में यदि कूड़ेदान रखा है तो उसे ज़रूर हटा दें।
  5. नए कपड़े लेते समय अपने भाग्यशाली अंकों और रंगों का ध्यान भी रखें। वैसे हल्का पीला, सुनहरा और क्रीम कलर सभी अंकों वाले लोगों के लिए शुभ रहेगा।

न्यूमेरो वास्तु की रिसर्च के अनुसार यदि अपने रिश्तेदार के नाम की स्पेलिंग आपने-अपने मोबाइल में ठीक अक्षरों के साथ फीड की है तो उनके साथ-साथ आपके संबंधों में भी सुधार ले आएगा।