घर छोटा हो या बड़ा हर किसी के लिए उसका घर सपनों का महल होता है। वहीं ऐसे में अगर आपके घर में वास्तु दोष हो तो आपको अच्छा नहीं लगेगा। घर का हर कोना हमारे लिए बेहद खास होता है। फिर चाहे वो बेडरूम हो या फिर बाथरूम। हर जगह का वास्तु सही होना बेहद जरूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महज एक रंग आपके किचन, बाथरूम के वास्तु दोषों को दूर कर सकता है। इसमें सबसे ज्यादा असर दिखाता है आपके बाथरूम का बिगड़ा हुआ वा स्तु। जो चलिए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से…

बाल्टी और मग का रंग नीला हो

वास्तुशास्त्र के अनुसार, बाथरूम में अगर नीले रंग का सामान है यानी नीली बाल्टी, मग और बैठने वाला पाटा रखें हों तो वह हमारे घर के वास्तु को सही करने का काम करता है। वहीं ये हमारे घर में सुख-शांति और समृद्धि भी बढ़ाता है। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कभी बाल्टी खाली नहीं छूटनी चाहिए, उसमें चाहे एक मग पानी हमेशा भरा रहना चाहिए। ऐसा करने से घर में धन की कभी कमी नहीं होती।

न करें पानी को बर्बाद

पानी हमारे लिए बेहद अमूल्य है। इसे बर्बाद कभी नहीं करना चाहिए। वहीं वा स्तु के अनुसार भी पानी को बर्बाद करना बहुत बुरा माना जाता है। स्नानघर या शौचालय में यदि पानी की बर्बादी होती है तो इससे धन-संपत्ति की हानि होती है। जो लोग जरूरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल करते हैं उन्हें किसी न किसी शारीरिक बीमारी के चलते अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

बाथरुम के सामने शीशा है खराब

स्नानघर के दरवाजे के ठीक सामने लगा शीशा घर और आपकी सेहत के लिए अशुभ माना जाता है। यदि आप स्नान के तुरंत बाद शीशे को देखते हैं तो इसका निगेटिव असर आपकी सेहत पर पड़ता है। बाथरुम का खुला दरवाजा बाहरी नकारात्मक ऊर्जा को खींचने का काम करता है इसलिए कुछ देर स्नानघर को हवा लगने के बाद दरवाजा बंद करना मत भूलें।

एक साथ नहीं होना चाहिए स्नानघर-टॉयलेट

आजकल छोटी जगह और मॉर्डन रहन-सहन के चलते लोग स्नानघर और शौचालय एक साथ बनवाने लगे हैं। लेकिन अगर हम शास्त्रों की बात करें तो स्नानघर और शौचालय एक साथ होना खराब माना जाता है। दरअसल, शास्त्रों के मुताबिक स्नानघर चंद्रमा और शौचालय राहु का प्रतीक है, इन दोनों के इक_ा होने से परिवार के सदस्यों में मनमुटाव, वाद-विवाद, रोग, आर्थिक समस्या बनी रहेगी। यहां तक कि राहु के प्रभाव से स्नानघर का जल विष हो जाएगा और उस जल से नहाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होंगी। इसलिए कोशिश करें कि इन दोनों को एक साथ न बनवाकर अलग-अलग बनवाएं ताकि घर में सुख शांति बनी रहे।

किचन के सामने नहीं होना चाहिए बाथरुम

अगर आपके घर में स्नानघर मंदिर या किचन के सामने है तो ये आपके लिए मुसीबत ला सकता है। क्योंकि स्नानघर मंदिर या किचन के सामने होने से आपको आर्थिक समस्या हो सकती है। वहीं ऐसा होने से आपके घर में वास्तु दोष भी उत्पन्न होने लगते हैं। इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि पानी का बहाव उत्तर एवं पूर्व दिशा की ओर ही होना चाहिए। वहीं अगर आपके घर में किसी भी नल से पानी टपकता है चाहे वो बूंद-बूंद ही क्यों न गिर रहा हो ये वास्तु के हिसाब से बेहद खराब माना जाता है। ऐसा होना वास्तु के अनुसार आर्थिक हानी माना जाता है।

इस दिशा में होना चाहिए शौचालय

आपको जानकर हैरानी होगी कि वास्तु के अनुसार शौचालय में बैठने तक दिशा काफी मायने रखती है। बता दें कि शौचालय में बैठने की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि शौच करते वक्त आपका मुख दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर हो। इससे भी कई तरह की शारीरिक कष्ट खत्म होते हैं। इसके साथ ही अगर शौचालय में एग्जास्ट फैन है, तो उसे उत्तरी या पूर्वी दीवार में रखने का निर्धारण कर लें। पानी का बहाव उत्तर-पूर्व रखें।

जानें इन 8 प्वाइंट्स से कौन सा कोना है बाथरूम के लिए शुभ और अशुभ

घर हो या फिर दफ्तर इन दोनों जगहों पर टॉयलेट होना बेहद जरूरी है। लेकिन कई बार इसकी सही जगह या सही दिशा में न होना आपके लिए मुसीबत और निगेटिविटी ला सकता है। इन दिनों ज्यादातर घरों में रूम के साथ ही टॉयलेट बनाए जाते हैं। ऐसे में बाथरूम से जुड़े ये 8 प्वाइंट्स आपको निगेटिविटी और नुकसान से बचा सकते हैं।

1. नॉर्थ

ये कॅरियर का जोन है। अगर नॉर्थ डायरेक्शन में टॉयलेट होगा तो घर के सदस्यों को करियर संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। यह करियर और इनकम ग्रोथ में बाधा डाल सकता है।

2. साउथ

इस दिशा में टॉयलेट बनाने से तरक्की रुक सकती है। ऐसे में अगर आप मेहनत भी कर रहे होंगे तो भी आपके करियर की ग्रोथ नहीं होगी और आपके काम की भी तारीफ नहीं होगी।

3. ईस्ट

इस दिशा में टॉयलेट बनाने से घर-परिवार के सम्मान और संपन्नता में बाधा आ सकती है। इससे हेल्थ भी खराब हो सकती है।

4. नॉर्थ-ईस्ट

इस दिशा में भूलकर भी टॉयलेट नहीं बनवाना चाहिए। इससे हेल्थ पर भी खराब असर पड़ सकता है और ब्रेन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। इससे आप बिना वजह स्ट्रेस में रहेंगे और शांतिपूर्ण माहौल नहीं मिलेगा।

5. साउथ-वेस्ट

इस दिशा में टॉयलेट बनाने से फैमिली मेंबर्स के बीच अनबन बनी रहती है और रिलेशनशिप भी खराब हो सकते हैं। इससे घर के निवासियों की लाइफ में स्थिरता भी नहीं आती।

6. साउथ-ईस्ट

साउथ-ईस्ट जोन में टॉयलेट बनाना भी नुकसानदायक हो सकता है। ऐसा करना घर से बच्चों के लिए अच्छा नहीं होता, साथ ही उनकी पढ़ाई पर भी निगेटिव असर डाल सकता है।