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Household Budget: एक समय था जब महिलाएं केवल किचन या घर का बजट संभालती थी लेकिन आज समय बदल गया है। अब महिलाएं चाहे सिंगल हो या मैरिड, ज़रूरी शॉपिंग से लेकर इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने तक सारे कार्य पूरी जिम्मेदारी से निभा रही हैं। फाइनेंस फील्ड हो या मनी मैनेजमेंट अब हर जगह उनका इन्वॉल्वेमेंट नजर आता है। पर बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं, उन्हें पता ही नहीं रहता कि कितने पैसे कहां खर्च हो रहे हैं। इसलिए साल के शुरूआत में मार्च का महीना, जिसे हम फाइनेंशियल इयर की शुरुआत मानते हैं, में ही बजट बना कर चलें तो आगे आने वाले हालातों से आप बखूबी निबट सकते हैं। तो देर कैसी, चलिए तैयारी करते हैं बजट बनाने की।

कैसे बनाएं बजट

पहले इयरली बजट तैयार करें

बजट बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास पूरे साल में होने वाली आमदनी का पूरा ब्योरा हो। इसमें आपकी इनहैंड सैलरी के साथ अन्य सोर्सेज से होने वाली आमदनी भी शामिल हो, जैसे- फ्रीलांसिंग, ट्यूशन, रेंट या अन्य किसी काम से आय होती हो। इस आमदनी को साल के बारह महीने में बराबर बांट दें। अब जो हिस्सा एक महीने में आ रहा है, उसी के अनुसार आपको अपने खर्चे चलाने हैं।

मंथली खर्चों की लिस्ट तैयार करें

अपनी सालाना आय को मासिक आय में बांटने के बाद आप अपने मासिक खर्चों की सूची बनाएं। ध्यान रखें आपको घरेलू खर्चों को सबसे ज्यादा अहमियत देने की जरूरत है। कुछ खर्चे ऐसे भी हैं, जिसको हम पूरी तरह नकार नहीं सकते। जैसे-

घरेलू खर्च :

 मंथली राशन, घर का किराया, वाहन या दूसरे इंस्टालमेंट, सोसायटी मेंटेनेंस, डोमेस्टिक वर्कर की सैलरी, बिजली, पानी, फोन, मोबाइल व इंटरनेट बिल के साथ सब्जी फल व रोजमर्रा के खर्चे।

ट्रैवल के खर्चे :

 रोजाना घर से ऑफिस आने-जाने का खर्च। साथ ही साथ वीकएंड पर घूमने का खर्च।

अन्य खर्च :

 स्कूल व ट्यूशन फीस के साथ शॉपिंग व गिफ्ट्स के साथ सभी तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी।

एंटरटेनमेंट टाइम : 

पार्टी व जन्मदिन के साथ बाहर खाने-पीने के प्रोग्राम और फिल्म देखना आदि खर्चों को आप नजर अंदाज नहीं कर सकती।

बैलेंसशीट तैयार करें

जिस प्रकार आप अपने ऑफिस में बैलेंस शीट बनाती है, ठीक उसी प्रकार अपने घर के लिए भी एक बैलेंस शीट तैयार करें, जिसमें से अपनी आमदनी से व्यर्थ के खर्चे हटा सकती हैं। अब जो कुछ बच रहा है, उसे अपनी बचत मानें और आप चाहें तो अपनी इस बचत को इन्वेस्ट भी कर सकती हैं।

इनकम टैक्स रिटर्न का रखें ध्यान

कोई भी इनवेस्टमेंट प्लान करने से पहले अपने सालाना इनकम टैक्स रिटर्न को भी ध्यान में रखें। वर्ष की शुरुआत से इस टैक्स सेविंग को अपने बजट प्लान में शामिल करें। टैक्स सेविंग की योजना बनाने के बाद ही इनवेस्टमेंट प्लान करें। इन्वेस्टमेंट की स्कीम वही लें, जिसमें आयकर की छूट मिलती हो।

खुद बनिए घर की फाइनेंशियल प्लानर

आप अगर सिंगल वूमन हैं तो भी आप कई फैसले खुद लेती रही होंगी और अगर आप मैरिड हैं तो अपने हस्बैंड के आउट ऑफ टाउन होने पर या किसी और कारणवश आपने कई फैसले अकेले लिए होंगे। तो फाइनेंशियल प्लानिंग को भी कुछ ऐसा ही समझें। फाइनेंशियल जानकारी के आधार पर आप एक बेहतर बजट प्लानर बन सकती हैं। बजट प्लानिंग या फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय आपको दूरदर्शी योजना बनाने की जरूरत है जैसे इमरजेंसी सिचुएशन्स के लिए आपको कितनी पूंजी की जरूरत होगी, बच्चों की हायर स्टडीज के लिए कितनी पूंजी की जरूरत पड़ेगी। लास्ट बट नॉट लीस्ट, सबसे बड़ी प्लानिंग आपको अपने बुढ़ापे के लिए करनी होगी यानि अपने रिटायरमेंट के लिए। आप चाहे सिंगल हो या मैरिड दोनों सूरतों में आपको अपने रिटायरमेंट के लिये पूंजी की जरूरत तो पड़ेगी ही। तो लेडीज हो जाइये तैयार अपने ही घर की फाइनेंशियल प्लानर बनने के लिए। 

इन्हें भी आजमाएं

घर का बजट स्वयं तैयार करें

नॉर्मली होममेकर्स घर के छोटे खर्च जैसे- राशन, बिजली, टेलीफोन बिल, दूध, कामवाली के हिसाब के लिए खुद ही बजट तैयार करती हैं, लेकिन आप लोगों को इससे आगे बढऩे की जरूरत है, यानि घर के हर तरह के खर्चे की प्लानिंग आपको ही करना चाहिए। इसके लिए आप अपनी फैमिली की इनकम का विश्लेषण करें और पता लगायें, घर का कुल खर्च ज्यादा है या कम। आप इसके लिए काफी कुछ जानती हैं बस एक विस्तृत ब्यौरा बनाने की जरूरत है, जिससे आप बच्चों की पढ़ाई, होम लोन आदि के लिए सेविंग्स कर सकती हैं।

बचत में कमी का पता लगायें

घर की आय और खर्चों की जानकारी मिलने के बाद अब आपको बचत में हो रही कमियों का पता लगाना है। आय के विश्लेषण के बाद आप इस बात पर विचार करें कि आपकी कमाई सबसे ज्यादा खर्च कहां हो रही है। विश्लेषण करने के बाद यह सोचें कि यह खर्चे कितने जरूरी हैं। आप इसमें कितनी कटौती कर सकती हैं। जैसे- हर वीकेंड घूमने जाने की जगह महीने में एक बार घूमने जायें। शॉपिंग में कटौती करें।

बचत को इनवेस्ट भी करें

महिला चाहे घरेलू हो या ऑफिस गोइंग घर खर्च में से बचत कर ही लेती है। लेकिन आपको बचत के साथ इन्वेस्टमेंट करने की कोशिश करनी चाहिए। किसी बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाएं। अपनी छोटी-छोटी बचत को उसमें जमा कराएं। इसके अलावा एफडी, आरडी, म्यूच्यूअल फंड में भी इन्वेस्ट कर सकती हैं।