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टेक्नोलोजी ने आपकी एक और मुश्किल हल कर दी है। आप अपना आयकर रिटर्न ई-फाइलिंग के माध्यम से आसानी से फाइल कर सकते है। न फॉर्म निकालने की जरूरत, न आयकर विभाग में लंबी कतार में खड़े रहने की। बस घर पर आराम से बैठिए और मिनटों में इंटरनेट द्वारा भर दीजिए आयकर रिटर्न। केवल वेबसाइट पर जाकर फॉर्म-16 अपलोड करके भरना है और बस, जमा कर देना है। प्रक्रिया खत्म होते ही आपके पास फाइलिंग का पुष्टीकरण आ जाएगा।

 

ई-फाइलिंग आयकर रिटर्न वेतनभोगी व्यक्ति के लिए बहुत आसान है। केवल 15 मिनट में आप आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से न सिर्फ 300-1000 रुपये तक की आपकी बचत होगी, बल्कि आपको अपनी आय का ब्यौरा किसी के साथ साझा करने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही, एक फायदा और भी है कि जहां पहले आयकर रिफंड का पैसा निकलवाने के लिए आपको बहुत इंतजार करना पड़ता था, बाबुओं से मिन्नतें, पैसा भी देना पड़ता था, वहीं अब बिना किसी से कहे सुने समय पर आपको आपका पैसा सीधे आपके बैंक खाते में मिल जाएगा। आइए, बताते हैं कि किस तरह इंटरनेट से आप आयकर रिटर्न भर सकते हैं।

 

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बस एक क्लिक से भरें अपना इन्कम टैक्स 3

 

‘रजिस्टर अथवा ‘लॉग इन करें-

आयकर रिटर्न की ई-फाइलिंग करने के लिए

incometaxindia.gov.in inco-

metaxindia.gov.in या फिर 

metaxidiaefiling.gov.in

वेबसाइट पर जाकर अपने पैन नंबर के साथ खुद को रजिस्टर करें। यह एकदम आपके फेसबुक अकाउंट खोलने जितना आसान है। यदि आप पहले भी अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट के माध्यम से रिटर्न भरवा चुके हैं तो आप इसमें रजिस्टर होने में सक्षम नहीं होंगे क्योंकि आपके एकाउंटेंट ने पहले ही आपका पैन नंबर आपके यूजर आईडी के तौर पर इस्तेमाल किया होगा। ऐसे में आपको उनसे पासवर्ड लेकर लॉग इन करना है। 

 

अगर आप अपना पासवर्ड पता नहीं कर पा रहे है या भूल गए है तो आप अपना पासवर्ड रीसेट कर सकते है। यहां आपको पासवर्ड रीसेट करने के लिए तीन तरीके दिखेंगे –

पहले मामले में आपको एक गुप्त सवाल का जवाब देना होगा। दूसरा तरीका है डिजिटल हस्ताक्षर का, जिसे ज़्यादातर लोग इस्तेमाल नहीं करते। तीसरे तरीके में आपको अपना खाता नंबर और निर्धारण वर्ष का विवरण देना पड़ेगा। आयकर विभाग की सूचना मेल की मदद से आप अपनी पावती संख्या प्राप्त कर सकते हैं। यदि आपके सीए ने पिछला रिटर्न भरते वक्त आपकी खाता संख्या नहीं भरी थी तो आप यह विकल्प नहीं चुन सकते।
ध्यान रहे, अगर आप अपना पासवर्ड रीसेट कर लेते हैं तो वह उसी मेल आईडी पर जाएगा जो आपने पहले प्रदान की होगी। यह भी हो सकता है कि आपके सीए ने आपका आयकर रिटर्न भरते वक्त अपनी ही ईमेल आईडी भरी हो।

हम में से बहुत से लोगों ने अपने सीए के साथ यह दिक्कतें जरूर देखी होंगी। सीए ऐसा इसलिए करते हैं जिससे हम खुद अपना रिटर्न फाइल न कर सकें। हालांकि अब स्थिति बिल्कुल उलट हो गई है। आयकर विभाग ने ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने में अलग-अलग खातों के लिए सीमाएं निर्धारित कर दी हैं। इसलिए अब सीए को रिटर्न फाइल करते वक्त आपका ही फोन नंबर व ईमेल आईडी देनी होती है। अगर किसी कारणवश आप अपने विवरण प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, तो फिक्र न करें। आप अपनी जानकारी देते हुए, आयकर विभाग में लॉग इन की असर्मथता बताते हुए मेल भेज दें। वहां से आपको 2-3 दिन में नया पासवर्ड मिल जाएगा।

 

आयकर रिटर्न ई-फाइलिंग
लॉग इन करने के बाद आपको अपना पृष्ठ दिखाई देगा जहां आप रिटर्न फाइल कर सकते है, अपनी पिछली रिटर्न देख सकते हैं और अपनी व्यक्तिगत जानकारी बदल सकते है। सबसे पहले आप अपना फोन नंबर और ईमेल आईडी चेक करें। पृष्ठ के बाएं ऊपरी कोने में आपको ‘क्वीक ई-फाइल आईटीआर के नाम से एक लिंक दिखाई देगा। उस लिंक पर जाने से आप केवल 10 मिनट में ही ई-फाइलिंग पूरी कर सकेंगे।

 

प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज या जानकारी अवश्य होनी चाहिए

-फॉर्म-16
-अन्य आय विवरण
-बैंक खाता संख्या
-आईएफएससी कोड
-व्यक्तिगत विवरण

अगर आप आप वेतनभोगी हैं तो आईटीआर-1 चुनें। अगर आप चालू वित्त वर्ष के लिए रिटर्न फाइल कर रहे हैं तो निर्धारण वर्ष उसी का डालें, परंतु यदि आप पुराना रिटर्न फाइल कर रहे हैं तो निर्धारण वर्ष पिछले साल का डालें। अपने पते की सही व सटीक जानकारी दें। ज़्यादातर लोग डिजिटल हस्ताक्षर वाला विकल्प नहीं चुनते , इसलिए आप भी उसे स्वीकार या अस्वीकार कर सकते हैं।

व्यक्तिगत विवरण भरें
उपरोक्त विवरण प्रस्तुत करने के बाद आपको आईटीआर-1 फॉर्म दिखाई देगा। इस फॉर्म में आपकी अधिकांश व्यक्तिगत विवरण पहले से ही भरा हुआ होगा। आपको सिर्फ अपना लिंग, देश, ईमेल पता और मोबाइल नंबर भरना होगा। यदि आपका पता बदल गया है, तो इसे फॉर्म में भी बदल दें।
आयकर फाइलिंग विवरण इस चरण में आपको आयकर ई-फाइलिंग के बारे में अपनी जानकारी देनी होगी। यहां आप नियोक्ता श्रेणी, आवासीय स्थिति कॉलम व रिटर्न का विवरण बिल्कुल सही- सही भरें।

आय जानकारी दें
ई-फाइलिंग का पहला पृष्ठ पूरा करने के बाद ड्राफ्ट को सेव करना न भूलें। अगले पृष्ठ पर आपको आय का विवरण और टैक्स सेविंग कटौती की जानकारी भरनी होगी इसलिए अपने साथ अपना फॉर्म-16 तैयार रखें। याद रखें आयकर रिटर्न फाइल करते वक्त आपकी ‘वेतन से आय (इन्कम फ्रॉम सैलेरी) सकल आय नहीं कहलाएगी। फॉर्म-16 में यह ‘इन्कम चार्जेबल अंडर हेड सैलेरी के तहत होना चाहिए। इसके बाद आपको खर्च या निवेश का ब्यौरा देने की आवश्यकता होगी। अगर आपने अपने नियोक्ता को सभी जानकारी बिल्कुल सही दी है तो चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है, फॉर्म-16 से बस आंकड़े लीजिए और रिटर्न भर दीजिए।

टैक्स सेविंग इंवेस्टमेंट/व्यय विवरण
आयकर ई-फाइलिंग के इस भाग में आपको अपनी टैक्स सेविंग का विवरण भरना है। टैक्स सेविंग के कई विकल्प होते है। इनमें से कुछ निम्नलिखित है-

ईएलएसएस में निवेश
बीमा प्रीमियम
ईपीएफ कटौती
टैक्स एफडी बचत
ट्यूशन फीस
टैक्स सेविंग के और भी अधिक विकल्प मौजूद हैं। स्वास्थ्य बीमा 80 सी में शामिल नहीं है। उपरोक्त सभी विकल्प 80 सी के निवेश हो सकते हैं। स्वास्थ्य बीमा 80 डी के कॉलम में भरें।

कर अदा करने का विवरण
अब अपनी आय के विवरण और कटौती भरने के बाद आपको स्रोत और अग्रिम कर पर कर कटौती की जानकारी देना होगी, यदि कोई हो तो। इस पृष्ठ पर तीन वर्ग होते हैं, परंतु अगर आपके पास वेतन आय है और उसके लिए टीडीएस की कटौती हुई है तो आपको केवल पहला वर्ग ही भरने की जरूरत है।
एससीएच टीडीएस 1 में आपको नियोक्ता द्वारा आय और कर के भुगतान का विवरण भरना होगा। पहले कॉलम में नियोक्ता का टैन नंबर भरें। आपके फॉर्म-16 में नियोक्ता का टैन नंबर अवश्य होगा। साथ ही, फॉर्म-16 में नियोक्ता के सही नाम की भी जांच कर लें। तीसरे कॉलम में आपको वर्ष का कर योग्य वेतन भरना है। यह कॉलम बी-1 के रूप में ही किया जाना है। अगर आपकी कोई अन्य आय है और कर भुगतान से पहले काट ली गई है,तो दूसरे खंड में जानकारी दें। यदि आपने संपत्ति आय या ब्याज आय के लिए खुद ही कर भर दिया है तो तीसरा खंड भरें।

 

टैक्स देय/धनवापसी की स्थिति
अगले पृष्ठ पर आप अपने टैक्स का विवरण देख सकते हैं। अगर आप किसी भी कर वापसी के लिए योग्य हैं तो यह रिफंड कॉलम के पहले होगा। यह भी संभव है कि आपकी कंपनी ने किसी कारणवश आपके कर की कम कटौती की हो तो टैक्स राशि देय होगी। इस मामले में आपको अपना आयकर का भुगतान करना होगा और फिर आयकर रिटर्न ई-फाइल भरना होगा। तब तक आप अपना भरे हुए फॉर्म को ड्राफ्ट के तौर पर सेव कर लें। याद रहे, टैक्स देय और रिफंड के कॉलम में शून्य होना चाहिए।

बैंक के खाते का विवरण
अगले भाग में आपको अपने बैंक खाते का विवरण देना है। अगर आपका कोई रिफंड है तो ये सभी विवरण बहुत जरूरी हैं शीघ्र प्रतिपूर्ति के लिए। आपको आईएफएससी कोड भी देना होगा। अब इसे प्रस्तुत कर दें, और अपने आईटीआर-वी का प्रिंटआउट निकालना न भूलें। प्रिंटआउट में आईटीआर-वी पर हस्ताक्षर करें और सीपीसी बैंगलौर भेज दें। पूरा पता आईटीआर-वी में ही लिखा होगा। इसे केवल साधारण डाक द्वारा ही भेजें। इसके साथ ही आपकी ऑनलाइन आय कर रिटर्न की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बस, इतनी ही आसानी से खुद का और अपने दोस्त और रिश्तेदारों का रिटर्न भरिए वो भी बिना किसी झंझट और बेहद कम समय में। यहां आपको न तो किसी सीए की जरूरत है और ना ही आपको अपने रिफंड का कुछ हिस्सा किसी के साथ बांटना पड़ेगा। 

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