Dev Diwali Importance: इस साल 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही हिंदू मान्यताओं के सबसे पवित्र महीने कार्तिक मास की समाप्ति होती है और साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान और दीप दान भी किया जाता है। जिसकी अपनी अलग ही मान्यता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन देशभर से श्रद्धालु गंगा घाटों पर स्नान और दीपदान करने पहुंचते हैं। इस दिन को देव दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दीपदान का इतना महत्व क्यों है और इससे व्यक्ति के जीवन में क्या लाभ होता है-
गंगा स्नान का महत्व
कार्तिक मास की पूर्णिमा यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से साल भर किए गए सभी बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही बुरी भावनाओं का विनाश होता है और मन में अच्छे विचारों का वास होता है। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति को सालभर के गंगा स्नान जितना फल मिलता है।
क्या है दीप दान का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा पर सिर्फ गंगा स्नान ही नहीं बल्कि दीपदान का भी खास महत्व है। इस दिन दीप दान करने से पूर्वजों की आत्मा को मुक्ति मिलती है। देशभर से श्रद्धालु काशी में दीपदान करने के लिए इकट्ठा होते हैं।
क्यों कहा जाता है इस दिन को देव दिवाली
कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन देवता दीये जलाते हैं। आम लोगों के लिए दिवाली कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है मगर देवताओं के लिए यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन आता है।
