फ्रेंडशिप-डे, रविवार 1 अगस्त 

साल 1919 में सबसे पहले हॉलमार्क कार्ड के संस्थापक जोस हॉल ने दोस्ती मनाने का सुझाव दिया था। 1935 में पहली बार यूनाइटेड स्टेट्स कांग्रेस ने अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाने की घोषणा की थी। इसे पहली बार अमेरिका में मनाया गया था। इस अवसर पर दोस्तों को फ्रेंडशिप बैंड, कार्ड, गिफ्ट्स दिए जाते हैं। भारत में अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप-डे मनाया जाता है,  लेकिन दक्षिण अमेरिकी देशों में जुलाई महीने को काफी पावन माना जाता है। इसलिए जुलाई के अंत में ही इस दिन को मनाया जाता है. बांग्लादेश और मलेशिया में डिजिटल कम्यूनिकेशंस के तहत यह दिन ज्यादा चर्चित हो गया है। यूनाइटेड नेशंस ने भी इस दिन पर अपनी मुहर लगा दी थी।

हरियाली तीज, रविवार 11 अगस्त 

हरियाली तीज या श्रावणी तीज, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को कहते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार हरियाली तीज जुलाई या अगस्त के महीने में आती है। हरियाली तीज मुख्यत: महिलाओं का पर्व है। सावन के महीने में जब संपूर्ण धरा पर हरियाली की चादर बिछी रहती है, प्रकृति के इस मनोरम क्षण का आनंद लेने के लिए महिलाएं झूले झूलती हैं, लोक गीत गाकर उत्सव मनाती हैं। हरियाली तीज के अवसर पर देशभर में कई जगह मेले लगते हैं और माता पार्वती की सवारी धूमधाम से निकाली जाती है। सुहागन स्त्रियों के लिए यह पर्व बहुत मायने रखता है क्योंकि सौंदर्य और प्रेम का यह उत्सव भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

नाग पंचमी, शुक्रवार 13 अगस्त

हिंदू धर्म में देवी देवताओं की पूजा उपासना के लिये व्रत व त्योहार मनाये जाते हैं साथ ही देवी-देवताओं के प्रतीकों की पूजा अर्चना करने के साथ साथ उपवास रखने के दिन निर्धारित हैं। नाग पंचमी एक ऐसा ही पर्व है। नाग जहां भगवान शिव के गले के हार हैं वहीं भगवान विष्णु की शैय्या भी। लोकजीवन में भी लोगों का नागों से गहरा नाता है। इन्हीं कारणों से नाग की देवता के रूप में पूजा की जाती है। सावन मास के आराध्य देव भगवान शिव माने जाते हैं। साथ ही यह समय वर्षा ऋतु का भी होता है जिसमें माना जाता है कि भू गर्भ से नाग निकल कर भूतल पर आ जाते हैं। वह किसी अहित का कारण न बनें इसके लिये भी नाग देवता को प्रसन्न करने के लिये नाग पंचमी की पूजा की जाती है।

कल्कि जयंती, शुक्रवार 13 अगस्त 

भगवान विष्णु के अब तक नौ अवतार हो चुके हैं और दसवें अवतार की प्रतीक्षा चल रही है। पुराणों के अनुसार कलयुग में भगवान विष्णु जी कल्कि रूप में अवतरित होंगे। भगवान के दसवें अवतार की जो तिथि बताई गई है उसके अनुसार भगवान सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को जन्म लेंगे। भगवान विष्णु जी के कल्कि का अवतार सावन माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन होगा। तदनुसार प्रत्येक वर्ष सावन माह में शुक्ल पक्ष को कल्कि जयंती मनाई जाती है।  

तुलसीदास जंयती, रविवार 15 अगस्त 

भारत वर्ष में श्रावण मास की सप्तमी के दिन तुलसीदास की जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष 15 अगस्त 2021 को तुलसीदास जयंती है। गोस्वामी तुलसीदास  जी ने ‘रामचरितमानसÓ लिखी थी।  गोस्वामी तुलसीदास ने रामभक्ति के द्वारा न केवल अपना जीवन कृतार्थ किया बल्कि सभी को श्रीराम के आदर्शों से बांधने का प्रयास भी किया।  

रक्षा बंधन, रविवार 22 अगस्त 

यह पवित्र पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार 22 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर अपने प्यार का इजहार करती हैं और उसकी सलामती और तरक्की के लिए कामना करती हैं। वहीं, भाई अपनी बहन को उपहार देखकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं और हर स्थिति में उनका साथ देने का संकल्प लेते हैं।

गायत्री जयंती, रविवार 22 अगस्त

गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाती है जो प्राय: गंगा दशहरा का अगला दिन होता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार श्रावण पूर्णिमा के दिन भी यह पर्व मनाया जाता है। गायत्री को हिंदू भारतीय संस्कृति की जन्मदात्री मानते हैं। गायत्री मां से ही चारों वेदों की उत्पति मानी जाती है। इसलिए वेदों का सार भी गायत्री मंत्र को माना जाता है। मान्यता है कि चारों वेदों का ज्ञान लेने के बाद जिस पुण्य की प्राप्ति होती है अकेले गायत्री मंत्र को समझने मात्र से चारों वेदों का ज्ञान मिलता जाता है।

कजरी तीज, बुधवार 25 अगस्त 

कजरी तीज हर साल भादो मास में कृष्ण तृतीया को मनाई जाती है। हिंदू धर्म में साल में 3 बार तीज का त्योहार मनाया जाता है। हरतालिका तीज, हरियाली तीज और कजरी तीज। इस बार कजरी तीज का त्योहार 25 अगस्त 2021, को  मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में मान्यता है कि कजरी तीज के दिन सुहागिनों को पति की लंबी उम्र का वरदान मिलता है, जबकि कुंवारी कन्याओं को अच्छे वर का आर्शीवाद मिलता है। माना जाता है कि इसी दिन मां पार्वती ने भगवान शिव को अपनी कठोर तपस्या से प्राप्त किया था। इस दिन संयुक्त रूप से भगवान शिव और पार्वती की उपासना करनी चाहिए। इससे कुंवारी कन्याओं को अच्छा वर प्राप्त होता है। साथ ही सुहागिनों को सदा सौभाग्यवती होने का वरदान मिलता है।

जनमाष्टमी, 30 अगस्त

कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्स्व है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्र माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में लिया। चूंकि भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठती है। 

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