गणेश पुराण के अनुसार इसी शुभ दिन गणेशजी का जन्म हुआ था। इस दिन का बड़ा आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्त्व है। वहीं किसी भी पूजा पाठ या शुभ कार्य को करने से पहले हमेशा ही गणेश जी का आवाहन किया जाता है। क्योंकि ये विघ्नों का नाश करने वाले तथा मंगलमय वातावरण बनाने वाले कहे गए हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि एक ऐसी चीज है जिसे चढ़ाने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं। अगर नहीं तो हम आज आपको बताएंगे कि वो चीज आखिर क्या है। तो चहिए जातने हैं उस चीज के बारे में…

गणेशजी को विनायक भी कहते हैं। विनायक शब्द का अर्थ है-विशिष्ट नायक। वहीं विनायक को उनकी पूजा में सुपारी, पत्थर, मिट्टी, हल्दी की बुकनी, गोमय दूर्वा आदि से आवाहनादि के किया जाता है। इसके अलावा हवन के अवसर पर तीन दूर्वाओं का प्रयोग किया जाता है। तीन दूर्वाओं का मतलब होता है- आणव, कार्मण और मायिक रूपी तीन बंधनों को भस्मीभूत करना। इससे जीव सत्त्वगुण संपन्न होकर मोक्ष को प्राप्त करता है। लेकिन इनके अलावा गणेश जी को जो खास चीज पसंद है वो है शमी वृक्ष जिसको वह्नि वृक्ष भी कहते हैं। वह्नि-पत्र गणेश जी का प्रिय है।

वह्नि-पत्र से गणेशजी को पूजने से जीव ब्रह्मभाव को प्राप्त कर सकता है। मोदक उनका प्रिय भोज्य है। मोद-आनंद ही मोदक है। इसलिए कहा गया है- आनंदो मोदः प्रमोदः। गणेशजी को इसे अर्पित करने का तात्पर्य है- सदैव आनंद में निमग्न रहना और ब्रह्मानंद में लीन हो जाना।
