googlenews
Feng Shui Tips: फेंगशुई से लाए खुशहाली
Feng Shui Tips for Home

Feng Shui Tips: भारतीय वास्तुशास्त्र भूमि खरीदने से लेकर उसके निर्माण और फिर भवन की आंतरिक व्यवस्था पर पूर्ण रूप से विचार करता है जबकि ‘चीनी फेंगशुई विभिन्न उपायों द्वारा निर्मित भवन या फ्लैट्स की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने के विषय में बताता है, अर्थात् फेंगशुई एक रेमेडियल शास्त्र है जो भवन में बिना किसी तोड़-फोड़ के, थोड़े से परिवर्तन या किन्हीं वस्तु विशेष द्वारा सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने पर बल देता है ताकि मनुष्य सुख-समृद्धि, वैभव एवं सफलता प्राप्त कर सके। फेंगशुई में वस्तु विशेष को महत्त्व दिया गया है, जिन्हें भवन में स्थापित करके आप सुखमय जीवन व्यतीत कर सकते हैं-

  • फुक, लुक और साऊ को क्रमश: सुख- समृद्धि, उच्च श्रेणी और दीर्घायु का देवता माना जाता है। फुक अन्य दोनों देवताओं से लंबे हैं, जिन्हें बीच में रखा जाता है। इनकी पूजा नहीं की जाती। तीनों देवताओं की मूर्तियों को घर के बैठक कक्ष में रखने से सुख, सौभाग्य, सम्मान, ऐश्वर्य, सफलता
    एवं दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
  • बैठक कक्ष की चारों दिशाओं उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में क्रमश: कछुआ, फीनिक्स, ड्रैगन तथा टाइगर का चित्र या पेंटिंग लगाने से मनुष्य सुखी रहता है। कछुआ को धन-ऐश्वर्य की दीर्घायु का, फीनिक्स को सुख-सौभाग्य का, डै्रगन को उन्नति तथा स्वास्थ्य का और टाइगर को निर्भयता एवं सफलता का प्रतीक माना जाता है।
  • शयन कक्ष या कार्यालय के बाहर द्वार पर बागुआ लगाने से भवन नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षित रहता है।
  • भवन या कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने किसी भी प्रकार का वेध या अन्य अशुभता होने पर द्वार के बाहर, ऊपर की ओर पा-कुआ लगाया जाता है। इससे भी नकारात्मक ऊर्जा भवन में प्रवेश नहीं कर पाती।
  • हंसते हुए बुद्ध की मूर्ति को बैठक या अध्ययन कक्ष अथवा कोषागार में लगाने से धन-समृद्धि, सफलता एवं ऐश्वर्य का मार्ग प्रशस्त होता है। लाफिंग बुद्धा को धन-दौलत का देवता कहा जाता है।
  • मुंह में सिक्का लिए तीन टांगों वाले मेंढक की प्रतिमा को शयन कक्ष या बैठक कक्ष में लगाने से सुख-समृद्धि, सफलता और उन्नति की प्राप्ति होती है। इसे मेज आदि पर इस प्रकार लगाएं कि इसका मुंह घर के अंदर की ओर रहे।
  • अविवाहित युवक-युवतियों के कमरे की दक्षिण-पश्चिम दिशा में मेनडेरियन डक का जोड़ा रखें ताकि उनकी शादी शीघ्र हो जाए। विद्यार्थियों द्वारा अपनी मेज पर एजुकेशन टॉवर रखकर पढ़ने से पढ़ाई में ध्यान लगता है तथा विद्या, बुद्धि, विवेक एवं इच्छा शक्ति में वृद्धि होती है।
  • घर के मुख द्वार के अंदर के हैंडल पर तीन भाग्यशाली चीनी सिक्के बांधे जाते हैं। इन सिक्कों को तिजोरी या पर्स में भी रखा जा सकता है। इससे धन में उत्तरोत्तर वृद्धि होती है।
  • पवन घंटी को भवन के मुख्य द्वार, बैठक या कार्यालय में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा की वृद्धि होती है, वास्तु दोष दूर होते हैं तथा खुशहाली प्राप्त होती है।
  • सुनहरी मछली धन और ऐश्वर्य की वृद्धि करती है। इन्हें भवन की उत्तर दिशा में पूर्व की ओर मुंह करके लगाना चाहिए।
  • क्रिस्टल बॉल ऊर्जा बढ़ाने में कारगर होते हैं। इसे पूर्व में लगाने से स्वास्थ्य लाभ, उत्तर-पश्चिम में लगाने से परिवार में परस्पर प्रेम, पश्चिम में लगाने से संतान सुख तथा दक्षिण-पश्चिम में लगाने से दांपत्य सुख की प्राप्ति होती है।
  • घर में सुख-शांति एवं धन-समृद्धि बढ़ाने के लिए हरे रंग के रत्नों का पेड़ उत्तर दिशा में तथा मिश्रित रंग का रत्नों का पेड़ दक्षिणपश्चिम दिशा में लगाना चाहिए।
  • किसी भी कक्ष में बीम का प्रभाव दूर करने के लिए बांसुरियों पर लाल रिबन लपेटकर इस प्रकार लटकाएं कि बांसुरी का मुंह नीचे की ओर रहे और वे आपस में त्रिकोण बनाएं।
  • संयुक्त परिवार को एकजुट बनाए रखने के लिए ड्रैगन के मुंह वाली बोट को भवन के दक्षिण-पश्चिमी कोने में रखना चाहिए।
  • क्रिस्टल ग्लोब को घर या कार्यालय में इस प्रकार रखना चाहिए कि यह आपके सामने रहे। इसे दिन में तीन-चार बार घुमाने से कॅरियर एवं व्यापार में सफलता मिलती है।
  • शयन कक्ष में लव बड्र्स लगाने से पति-पत्नी के आपसी संबंधों में मधुरता आती है।

Leave a comment