हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व होता है, ज्योतिष और हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में परिवर्तन करते हैं, जिसके चलते ये त्यौहार मकर संक्रांति कहलाता है।वैसे तो मकर सक्रांति देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग सांस्कृतिक रूपों में मनाई जाती है, पर इसे मानने का अभिप्राय एक ही होता है। देखा जाए तो सूर्य के दिशा परिवर्तन के चलते मौसम में होने वाले बदलाव का जश्न है मकर संक्रांति। ऐसे में इस दिन सूर्य देवता की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही इस दिन भगवान शिव, विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा अर्चना और दान पुण्य का भी महत्व है। इस तरह से मकर संक्रांति का त्यौहार बेहद शुभ माना जाता है और मान्यता है कि इस दिन किए गए सभी उपाय फलित होते हैं। मकर संक्रांति के अवसर हम आपके लिए ऐसे ही कुछ विशेष उपाय लेकर आए हैं…
  • मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों, कुंड में स्नान का विशेष महत्व है, अगर आप नदी या सरोवर तक नहीं जा पा रहे हैं, तो घर में ही गंगा जल मिलकर उससे स्नान करें। इस पुण्य की प्राप्ति होगी।
  • इस दिन दान का भी विशेष महत्व है, इसलिए यथा शक्ति गरीब लोगों को अनाज या वस्त्र आदी का दान करें। साथ ही इस दिन तिल का भी दान किया जाता है।
  • इस दिन सोने-चांदी के गहने निकाल कर उसे गंगा जल या शुद्ध जल से धोएं और उस पर हल्दी कुमकुम लगाएं, इससे धन में वृ्द्धि होगी। 
  • इस दिन नया झाड़ू खरीद कर लाने से देवी लक्ष्मी की विशेष अनुकम्पा मिलती है। 
  • मकर संक्रांति के दिन बहते जल में चावल और गुड़ प्रवाहित करना बेहद शुभ माना जाता है। 
  • इस दिन तांबे का सिक्का भी जल में प्रवाहित कर सकते हैं, क्योंकि तांबा सूर्य का कारक धातु है, ऐसे में ऐसा करने से सूर्य दोष कम होता है। 

ये भी पढ़े-

जानिए अलग-अलग राज्यों में कैसे मनाई जाती है मकर संक्रांति

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं।