साईं बाबा जिंदगी के हर हिस्से में अपनी सोच और विचारों को लेकर लोगों के बीच किसी न किसी तरह से खास बने रहते हैं। फिर वो ‘सबका मालिक एक है’ कहना हो या हर हर धर्म के लोगों के बीच अपनी जगह बना लेना। साईं बाबा क्रांति को लेकर भी बिलकुल अलग विचार रखते थे। क्रांति जो जीवन बदल दे, क्रांति वो जो जीवन से बुराइयों को हटा खुशियों को जिंदगी में शामिल कर ले। ऐसी ही क्रांति को जीवन में लाने के लिए साईं बाबा ने बिलकुल अलग हटकर विचार रखे थे। इन विचारों पर नजर डालिए ताकि आपके जीवन में भी क्रांति का असल रंग नजर आ सके-
असली क्रांतिकारी बाबा–
क्रांतिकारी के मायने आपकी जिंदगी में कुछ भी हों लेकिन क्या आप भी मानती हैं कि साईं बाबा क्रांतिकारी थे? अगर नहीं तो मान लीजिए क्योंकि यही सच है। असल में साईं बाबा क्रांतिकारी थे। बस उनका क्रांति का तरीका अलग था, वो क्रांति के रास्ते पर चलते हुए हथियार उठाने की सलाह बिलकुल नहीं देते थे। बल्कि उनके हिसाब से क्रांति परिवर्तन मांगती है। और हमेशा बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
सुधार कर लें–
साईं बाबा कहते हैं कि क्रांति का मतलब खुद को बदलना भी है। बदलने से मतलब खुद में सुधार किए जाने से है। अपने अंदर की कमियों को पहचानिए और उनमें सुधार कीजिए, यही है असली क्रांति। बाबा कहते हैं कि जो क्रांति जीवन के अंतस में परिवर्तन लाए, वही असली क्रांति है। साईं बाबा की क्रांति बस यही है। वो कहते हैं, जब आप अपने परमात्मा को महसूस कर सकें तो ही उसे परिवर्तन को क्रांति मानें।
परंपराओं का नाश नहीं–
परंपराओं के लिए भी साईं बाबा के विचार क्रांति से जुड़े हैं। वो कहते हैं कि परंपराओं का नाश कभी क्रांतिकारी कदम नहीं हो सकता। क्रांति के लिए आपको परंपराओं को साथ लेकर चलना होगा। आपको खुद को समझाना होगा कि परंपराएं कभी आपका नुकसान नहीं करेंगी। इसलिए उन्हें नष्ट ना कीजिए बल्कि उन्हें सींचिए। साईं बाबा परंपराओं को सींचने की सलाह देते हैं और मानते हैं कि परंपराओं को सींचने से ही क्रांति आएगी। इसलिए परंपराओं को गले से लगाकर आगे बढ़िए।
वो खास फूल–
क्रांति के लिए आपको एक खास फूल बनना होगा। वो खास फूल जो खुद तो महके ही पूरे बगीचे को भी महका दे। वो फूल जहां रहे, वहां मौजूद हर शख्स को खुश कर दे। यही क्रांति है। कह सकते हैं क्रांति सिर्फ खुद को खुश करना नहीं है। बल्कि सबकी खुशी को समझना ही क्रांति है। उनको खुश करने की पूरी कोशिश करना ही क्रांति है।
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