Ramadan 2025
Ramadan 2025

Ramadan Rules: रमजान का महीना मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र समय होता है। माह-ए-रमजान को इस्लाम का सबसे पाक महीना भी माना गया है जोकि इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शाबान महीने के बाद आता है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौंवा महीना होता है। इस्लाम धर्म से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार रमजान के दौरान ही पैगंबर मोहम्मद को कुरान नाजिल हुई थी।

कब मनाया जाता है रमजान

Ramadan Month 2025
Ramadan Month 2025

इस्लाम के सभी महीने इस्लामी कैलेंडर चंद्र चक्र पर आधारित होते हैं। इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर से रमजान की तारीख करीब 10 दिनों तक बदलती है। तारीखों में बदलाव के कारण ही रमजान की शुरुआत चंद्र वर्ष के नौवें नए चांद के दिखने के बाद या दसवें नए साल के दिखने के बाद तय होती है। साल 2025 में मुबारक महीने रमजान की शुरुआत रविवार 2 मार्च 2025 से हो रही है। 2 मार्च को मुसलमान रमजान का पहला रोजा रखेंगे।


रमजान के महीने में 29 से 30 दोनों का रोजा रखा जाता है और इसके बाद ईद मनाई जाती है। रमजान के दौरान रोजेदारों के लिए रोजा रखने के कुछ विशेष नियम भी होते हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए। मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए रोजा और इससे जुड़े नियमों का पालन करना बुनियादी नियमों में एक होता है। इसलिए यह जान लीजिए कि रमजान शुरू होते ही मुसलमानों को किन कामों से तौबा कर लेना चाहिए। क्योंकि अगर आप रमजान के दौरान इन कामों को करेंगे तो इससे रोजे का सवाब नहीं मिलेगा।

रोजेदार के लिए बुनियादी नियम

Ramadan 2025 Rules for Muslims
Ramadan 2025 Rules for Muslims
  1. रमजान में रोजेदारों के लिए जो चीज सबसे अहम मानी जाती है वह है ‘रोजा’ रखना। क्योंकि मुसलमानों पर रोजा फर्ज किया गया है। रोजा इस्लाम के 5 स्तंभों में है। इन पांच स्तंभों को उर्दू में अरकान-ए-इस्लाम या अरकान-ए-दीन कहा जाता है। इस्लाम के ये 5 स्तंभ हैं-शहादत, नमाज, रोजा, जकात और हज। इसलिए रोजेदार इस बात का खास ध्यान रखें कि रमजान शुरू होते ही रोजे की शुरुआत कर दें। रोजा रखने की शुरुआत सुबह सहरी करने से होती है और शाम में सूर्यास्त के बाद इफ्तार की जाती है। यह सिलसिला रमजान के पूरे महीने चलता है। हालांकि 12 वर्षी से कम आयु के बच्चे, बुजुर्ग, बीमार, वृद्ध और गर्भवती महिलाओं को रोजा ना रखने की छूट दी गई है।
  2. रोजेदारों को रोजे की हालत में टूथब्रश या टूथपेस्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आप रोजा रखने से पहले यानी सहरी से पहले अपने दांतों की सफाई टूथब्रश या टूथपेस्ट आदि से कर सकते हैं। इसी तरह इफ्तार के बाद भी टूथपेस्ट या टूथब्रश का इस्तेमाल किया जाता है। रोजे की हालत में दांत साफ के लिए केवल दातुन का इस्तेमाल करें।
  3. रोजा के दौरान संगीत सुनने, टीवी देखने आदि जैसे कार्यों से भी बचने की सलाह दी जाती है। क्योंकि रमजान में केवल अल्लाह की इबादत करने का हुक्म दिया गया है। इसलिए इस समय अपना अधिक से अधिक समय अल्लाह की इबादत करने में ही गुजारें।
  4. रोजे की हालत में पति-पत्नी को आपसी संबंध भी नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करने पर रोजा टूट सकता है। रोजे की हालत में एक-दूसरे को चूमने या किसी को गलत नजर से देखने की भी मनाही होती है।
  5. रोजे की हालत में रोजेदार गलत और नकारात्मक विचार, क्रोध, ईष्या आदि से भी दूर रहे और किसी की ओर बुरी नजर से ना देखें। इस दौरान मन में गलत विचार लाकर रोजा रखने और अल्लाह की इबादत करने से रोजा का सवाब नहीं मिलता।
  6. रमजान के पाक महीने में गाली-गलौज, वाद-विवाद, लड़ाई-झगड़े जैसे कार्यों से भी दूरी बनाकर रखें। यह महीना धैर्य रखकर मानवता दिखाने का समय होता है। इसलिए इस समय मन और आत्मा को पूरी तरह से पाक रहना चाहिए।
  7. महिलाओं को माहवारी के दौरान रोजा नहीं रखना चाहिए। इस दौरान रोजा रखने से छूट दी गई है। हालांकि माहवारी के खत्म होने के बाद छूटे गए रोजा को बाद में रखकर पूरा करना होता है।

मैं मधु गोयल हूं, मेरठ से हूं और बीते 30 वर्षों से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हूं। मैंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है और हिंदी पत्रिकाओं व डिजिटल मीडिया में लंबे समय से स्वतंत्र लेखिका (Freelance Writer) के रूप में कार्य कर रही हूं। मेरा लेखन बच्चों,...