आज के समय में हमारे देश मं विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली है। ये इस तरक्की के चलते हमारे देश ने कई तरह की उपलब्धियां भी हासिल की है। जिसमें अब कुछ भी अब नामुमकिन नहीं रह गया है। जहां लोग अपनी स्वेक्षा के साथ अपने अंगों का दान कर दूसरों की जान भी बचा रहे हैं। अंगों का दान करना आजकल काफी चलन में है। जहां लोग अंगों के दान के बारे में काफी जागरूक हैं, तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें इस विषयम में जानकारी ना के बराबर होती है। उनके जहन में इस विषय से जुड़े कई मिथ होते हैं, जिससे वो अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। अक्सर ही गलत जानकारी से आप दूसरों को भी गलत जानकारी दे देते हैं, जिसके चलते इससे जुड़े भ्रम लगातार बढ़ रहे हैं। इन सबसे परे ये सोचना कठिन हो जाता है कि मरने के बार आखिर आपका होने क्या वाला है? आपका एक फैसला किसी को नया जीवनदान दे सकता है। शोध की मानें तो ऐसे कई लोग हैं जिनकी मौत किसी न किसी अंग के खराब हो जाने या ना होने से हो जाती है। ऐसे में जागरूक रहना बेहद ही जरूरी है। आज हम इस विषय से जुड़े कई भ्रम को दूर करेंगे। जानिए वो क्या है उसके लिए पढ़िये हमारा ये खास लेख।

1.मिलती है अच्छी देखभाल– कई लोग ये सोचते हैं कि, अगर वो अपने किसी अंग का दान करने के लिए सहमत होते हैं, तो अस्पताल के डॉक्टर्स उनकी जान नहीं बचाएंगे। जो बिलकुल गलत है। दरअसल यहां आपको ये समझने की जरूरत है कि जब भी आप इलाज के लिए किसी अस्पताल में जाते हैं तो वहां के डॉक्टर्स का पहला लक्ष्य यही होता है कि वो आपकी जान बचाए। वो आपकी अच्छी देखभाल करते हैं।

आर्गन डोनेशन विल

2.डेथ सर्टिफिकेट के बारे में– कई लोग हैं जो ये सोचते हैं कि वो जम भी डेथ सर्टिफिकेट पे साइन करते हैं, तो वो वास्तव में मृत घोषित कर दिए जाएंगे। तो आपको बता दें कि ये कोई डेथ सर्टिफिकेट नहीं है। वो आपसे सिर्फ सहमती लेते हैं, कि क्या आपके इसके लिए तैयार हैं? 

3.धर्म को ना करें बदनाम– बहुत से लोग ऐसे हैं जो अंग दान करने को अपने धर्म के खिलाफ समझते हैं। आपको बता दें अंग दान कई धर्मों की मान्यताओं के अनुरूप है। आप अंग दान करना चाहते हैं तो ये जान लीजिये कि ये आपके धर्म के बिलकुल खिलाफ नहीं है। इस नेक काम में आप धर्म को बदनाम ना करें।

4.उम्र का ख्याल–  कुछ लोग 18 साल से कम उम्र के होते हैं, ऐसे में वो अंग दान के लिए खुद को छोटा समझते हैं। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हमारे देश में कई राज्य ऐसे हैं, जिन्होंने  18 साल से कम उम्र के बच्चों को अंग दान करने की परमिशन दे रखी है। आप अपने परिवार के साथ इस विषय में चर्चा करें और उनकी सहमती लें। यहां ध्यान रखने वाली बात ये भी है कई बच्चे होते ऐसे होते हैं, जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की जरूरत होती है। आप उन्हें अंग दान कर सकते हैं।

5.खुद को ना बताएं बीमार– अंग दान की जब भी बात आती है तो कई लोग ऐसे भी होते हैं जो सोचते हैं वो इसके लिए आफी पुराने हैं और उनके अंगों को कोई भी नहीं लेगा। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं तो, यहां आपको बता दें कि अंग दान करने की कोई उम्र सीमा तय नहीं की गयी। आपके अंगों का इस्तेमाल करने का फैसला आपका डॉक्टर्स बखूबी ले सकता है। और बता सकता है आपका कौन सा अंग दान के लिए सही है।

6.कैसे करें अंग दान?- ये सवाल कई लोगों के जहन में उठते हैं जो अंग का दान करना चाहते हैं। तो चलिए अब जान लेते हैं कि अगर किसी को अंग दान करना है तो वो ये कैसे कर सकते हैं।

• आप अपने राज्य की रजिस्ट्री में रजिस्टर करवाएं, आप ये Organdonor.gov में जाकर लिस्ट देख सकते हैं।

• आप ये तभी करें, जहां इससे जुड़ा लाइसेंस हो।

• आप अपने परिजनों की सहमती जरुर लें।

• इन सभी कदमों को क़ानूनी रूप से करें तो बेहतर होगा।

तो ये कुछ ऐसी बाते हैं, जो आपके लिए अंग दान करना मुश्किल नहीं बनाएंगी। अगर आप भी किसी को नया जीवन देने के लिए अपना अंग दान करना चाहते हैं तो किसी भी भ्रम को पनपने ना दें। और अपने परिवार की राय और उनकी सहमती जरुर ले लें।

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