घर पर कैसे करें छठ पूजा?: How to Perform Chhath Puja at home

छठ में इस बार घाट नहीं जा पा रहे हैं ,तो हम आपको बताएंगे कि आप अपने घर पर ही कैसे छठ पूजा कर सकते हैं।

How to Perform Chhath Puja at home : दिवाली के बाद जिस बड़े त्योहार का इंतजार होता है, वो है छठ पूजा। दिवाली की तरह ही सालभर लोग छठ पूजा का इंतजार करते हैं। आपको बता दें कि बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश की कई जगहों पर छठ का पर्व बड़े घूमधाम से मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, छठ पूजा की शुरूआत शुक्रवार 5 नंवबर से होगी और इसका समापन 8 नवंबर को होगा। छठ के तीसरे दिन लोग घाट पर जाकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं, जिसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन किसी कारणवश अगर आप इस बार घाट नहीं जा पा रहे हैं ,तो हम आपको बताएंगे कि आप अपने घर पर ही कैसे छठ पूजा कर सकते हैं।

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How to perform chhath Puja at home

अगर आप छठ पूजा के समय घाट पर नहीं जा रही हैं, तो घर की छत पर भी आप पूजा कर सकती हैं। पूजा करने से पूर्व इस बात का ध्यान रखें कि जिस भी जगह पर आप पूजा करने वाली हैं, उसे अच्छी तरह से साफ कर लें। पहले छठ माता की पूजा करनी होती है फिर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आप अपनी छत पर ही किसी टब या बकेट का इस्तेमाल कर सकती हैं। यदि आपके छत पर हौज बना है तो उसमें भी पानी भरकर आप पूजा कर सकते हैं।

Swimming pool

यदि आप सोसाइटी में रहते हैं तो वहां के स्विमिंग पूल में पूजा कर सकते हैं। सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आप इस पूल में खड़े होकर जल अर्पित कर सकती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि स्विमिंग पूल का पानी साफ होना चाहिए।

अगर आपके पास कोई स्विमिंग पूल नहीं है तो आप अपनी छत पर मिट्टी से एक गोल आकार बनाएं और इसके पास ईंटों से इसे ढक दें। फिर आपको इसके ऊपर एक प्लास्टिक की शीट रखनी होगी और उसे अंदर की तरफ दबाना होगा ताकि आप उसमें खड़ी होकर पूजा कर पाएं। इसके बाद आपको इसमें गोल आकार के हिसाब से पानी को धीरे-धीरे डालना होगा।

Chhath Puja Vidhi
  • छठ पूजा के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि से मुक्त होकर छठ के व्रत का संकल्प लें।
  • छठ पूजा के दिन पूरे दिन अन्न ग्रहण न करें और निर्जला व्रत का पालन करें।
  • छठ के पहले दिन शाम को नदी के तट पर जाएं और वहां स्नान आदि करके सूरज को संध्या अर्घ्य दें।
  • सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए बांस की टोकरी या सूप का ही प्रयोग करें और जल से अर्घ्य दें।
  • टोकरी में फल, फूल, सिंदूर आदि सभी पूजा की सामग्रियां ठीक से रखें।
  • इसके साथ टोकरी में ही ठेकुआ, मालपुआ और अन्य सामानों का भी भोग चढ़ाएं।
  • सूर्य देव को अर्घ्य देते समय ध्यान रखें कि सभी सामग्रियां सूप या टोकरी में रखी होनी चाहिए।
  • पूरे दिन और रात भर निर्जला व्रत का पालन करने के बाद आप अगले दिन सुबह उगते हुए सूरज को अर्घ्य दें।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...