छठ पूजा में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?: Chhath Puja 2024 Samagri List
हम आपको बता रहे हैं छठ पूजा की सामग्री ताकि आपसे कोई सामान छूट न जाए।
Chhath Puja 2024 Samagri List: छठ महापर्व का आरंभ आज से हो रहा है। इस त्योहार में घर की महिलाएं संतान की दीर्घायु के लिए 36 घंटे का निर्जला व्रत करती हैं। यह त्योहार प्रमुख रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। 5 नवंबर को नहाय खाय के साथ इसका आरंभ हो रहा है और फिर 4 दिवसीय इस पर्व का समापन 8 नवंबर को होगा। छठ पूजा को लेकर विशेष नियम होते हैं और इन नियमों का पालन करते हुए यह त्योहार पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। हम आपको बता रहे हैं छठ पूजा की सामग्री ताकि आपसे कोई सामान छूट न जाए।
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छठ पूजा की सामग्री लिस्ट

- गन्ना
- पानी वाला नारियल
- अक्षत
- पीला सिंदूर
- दीपक
- घी
- बाती
- कुमकुम
- चंदन
- धूपबत्ती
- कपूर
- दीपक
- अगरबत्ती
- माचिस
- फूल
- मूली और अदरक का हरा पौधा
- बड़ा वाला मीठा डाभ नींबू
- शरीफा
- केला
- नाशपाती
- शकरकंदी
- सिंघाड़ा
- हरे पान के पत्ते
- साबुत सुपाड़ी
- शहद
- मिठाई
- बांस के सूप
छठ पूजा कैसे करते हैं?

छठ पूजा 4 दिनों का त्योहार है जिसमें षष्ठी तिथि की सांयकाल में सूर्य देवता को गंगा-यमुना या फिर किसी पवित्र नदी या तालाब के किनारे अर्घ्य दिया जाता है। अर्घ्य के दौरान नदी किनारे बांस की टोकरी में मौसमी फल, मिठाई और प्रसाद में ठेकुआ, गन्ना, केले, नारियल, खट्टे के तौर पर डाभ नींबू और चावल के लड्डू भी रखे जाते हैं। इसके बाद पीले रंग के कपड़े से सभी फलों को ढक दिया जाता है और दीए हाथ में लेकर टोकरी को पकड़कर तीन बार डूबकी मारकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस महापर्व में प्रकृति से जुड़ी चीजों का ही भोग लगता है और साफ सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।
छठ पूजा महत्व
छठ पूजा के लिए बेहद कड़े नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना बिल्कुल अनिवार्य है, तभी मनवांछित फल मिलता है। कुछ कथाओं के अनुसार, महिलाएं यह व्रत अपने पुत्र के लंबी उम्र के लिए करती है, लेकिन यदि कोई मन में इच्छा है तो उसे पूरा करने के लिए भी यह व्रत किया जाता है। कहते हैं की छठी मैया से सच्चे दिल से जो भी मांगो वह हर इच्छा पूरी करती है।
