ODL Course: 12वीं कक्षा के बाद अगर आपने प्रवेश परीक्षा दी है और आपको आपकी पसंद के कॉलेज या कोर्स में एडमिशन नहीं मिल पाया है तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि कई शैक्षणिक संस्थान ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कोर्स (ओडीएल) और ऑनलाइन कोर्स का विकल्प देती हैं। जो छात्र रेगुलर कॉलेज में एडमिशन नहीं ले पाए या फिर उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह रोजाना कॉलेज आना-जाना का खर्च उठा सकें। ऐसे में आप ओडीएल और ऑनलाइन कोर्स का विकल्प चुन सकते हैं। देश की कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज ओडीएल और ऑनलाइन कोर्स करवाती हैं जो भविष्य में छात्रों के करियर के लिए उपयोगी होते हैं। यहां आप अपनी पसंद के विषय के कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।
डीईबी-आईडी अनिवार्य

ओडीएल और ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को यूजीसी के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (यूजीसी-डीईबी) वेब पोर्टल, deb.ugc.ac.in पर अपने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी)-आईडी से रजिस्ट्रेशन करवाना होता है और डीईबी-आईडी बनाना होता है। क्योंकि साल 2024 में यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में ओडीएल कोर्स और ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन के लिए डीईबी-आईडी बनाना अनिवार्य किया है। हलांकि ये नियम विदेशी छात्रों के लिए नहीं है।
डीयू और इग्नू में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कोर्स
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के माध्यम से ओडीएल मोड पर कोर्स उपलब्ध करता हैं, जिसमें बीए, बीकॉम, बीबीए, बीएमएस, और लाइब्रेरी साइंस में ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएट डिग्री जैसे कई कोर्स उपलब्ध हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से छात्र एक साथ दो डिग्री प्राप्त कर सकते हैं लेकिन इसमें से एक डिग्री रेगुलर और दूसरी ओडीएल मोड में हो सकती है। डीयू में जून और अगस्त में छात्र अप्लाई कर सकते हैं।
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) में ओडीएल मोड पर बैचलर, मास्टर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्रोग्राम कराये जाते हैं, जो विभिन्न विषय, जैसे-आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, मैनेजमेंट, एजुकेशन और टेक्नोलॉजी में उपलब्ध है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन (PGDDRRM), जनजातीय अध्ययन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और मास्टर ऑफ़ फाइन आर्ट्स-पेंटिंग जैसे कोर्स भी करवाती है। इग्नू में जुलाई और दिसंबर में एडमिशन फॉर्म निकलते हैं।
ओडीएल और ऑनलाइन कोर्स के फायदे

कई छात्र ऐसे होते हैं जो जिनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं होती कि वह रेगुलर कॉलेज कर सकें। उन्हें आर्थिक रूप से परिवार की मदद या खुद के खर्चों को पूरा करने के लिए नौकरी करनी पड़ती है। ऐसे छात्रों के लिए ओडीएल कोर्स और ऑनलाइन कोर्स उनके भविष्य को संवारने में मदद करते हैं। इसके कई फायदे होते हैं, जैसे-
- छात्र इसमें अपनी सुविधा के अनुसार स्किल्स सीख सकते हैं।
- इसके लिए उन्हें घर से बाहर जाने की जरुरत नहीं होती, वह कहीं से भी शिक्षा प्राप्त कर सकते है।
- ये कोर्स सामान्य कोर्स जिसके लिए रोजाना घर से बाहर जाना पड़ता है, उनसे किफायती होते हैं।
- ओडीएल और ऑनलाइन कोर्स विभिन्न विषयों में उपलब्ध होते हैं, जिससे छात्र अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं।
- ऑनलाइन और ओडीएल मोड से प्राप्त डिग्री या सर्टिफिकेट सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों के लिए मान्य होते हैं।
- नौकरी में प्रमोशन के लिए भी ऑनलाइन और ओडीएल कोर्स मददगार साबित हो सकते हैं। साथ ही आप इन कोर्सेस के माध्यम से अपनी स्किल्स को भी डेवलप कर सकते है।
ध्यान रखें ये बातें
लेकिन किसी भी ओडीएल और ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन लेने से पहले कोर्स की फीस और सम्बंधित संस्थान के बारे में पूरी जानकारी जरूर लें। वरना आप मुश्किल में पड़ सकते हैं।
- कोर्स में एडमिशन लेने से पहले ये जरूर सुनिश्चित करें कि सम्बंधित संस्थान यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त हैं या नहीं।
- ओडीएल और ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को यूजीसी के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (यूजीसी-डीईबी) वेब पोर्टल, deb.ugc.ac.in पर अपने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी)-आईडी से रजिस्ट्रेशन करने के बाद डीईबी-आईडी बनाना अनिवार्य है।
- ये जांचे कि यूजीसी ने किन ओडीएल और ऑनलाइन कोर्स को प्रतिबन्ध किया है।
