प्रिय पाठकों,

गृहलक्ष्मी के शब्दों से भरे भावभीने संसार को आपने दिया प्यार और सम्मान। आभारी हैं हम और अब बारी है हमारी। तो लीजिए, गृहलक्ष्मी जुटा लाई है आपके लिए एक अवसर अपनी छिपी प्रतिभा बाहर लाने का, एक प्रभावपूर्ण व्यंग्य रचना के जरिए। व्यंग्य का विषय समसामयिक घटनाओं अथवा विषयों पर लिखा गया हो। हंसाने के साथ कुछ सीख देने वाला और शालीन शब्दों में लिखा गया हो। शब्द संख्या 800-1000 से ज्यादा न हो। रचना वापसी के लिए टिकट लगा लिफाफा साथ रखना न भूलें। कृपया अपनी व्यंग्य की फोटोकापी संभालकर रखें। व्यंग्य पर विचार करने पर लगभग 3 महीने का समय लगता है, अत: व्यंग्य भेजने के 3 महीने बाद ही संपर्क करें। अगर आपका व्यंग्य पुरस्कृत हो चुका हो तो कृपया दुबारा न भेजें। याद रखें, अधिक शब्द संख्या वाला व्यंग्य नहीं चुना जाएगा।