हमारे जीवन में फुटवियर का (जूते, सैंडल, चप्पल, बैली, बूट, स्नीकर्स, लोफर्स, जूती, मोजड़ी) विशेष स्थान है। हमारे पैरों के सुरक्षा कवच के रूप में जाने जाने वाले फुटवियर हमारे व्यक्तित्व में भी चार-चांद लगाते हैं। फुटवियर को पैर का गहना कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं है। फुटवियर हमारे पहनावे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सही फुटवियर का पहनना हमारे पैरों की शोभा बढ़ाने के साथ हमारे मूड को भी दर्शाता है। सही साइज के फुटवियर पहनने से हमारे पैर स्वस्थ रहते हैं और हमारी शारीरिक सक्रियता को भी प्रभावित करने के साथ ये किसी भी बाहरी चोट से सुरक्षित रखते हैं। गलत साइज या बनावट के फुटवियर हमारी हड्डियों और जोड़ों में दर्द और खिंचाव को बढ़ा सकते हैं। हमारे फुटवियर हमारे काम करने के तरीके पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। फुटवियर का मुख्य उद्देश्य विभिन्न गतिविधियां करते समय पैरों की रक्षा करना और उसे आराम पहुंचाना है। फुटवियर आज के युग में एक फैशन प्रतीक भी हैं। लोगों के फुटवियर से उनके फैशन सेंस को समझा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें हर अवसर और मौके के हिसाब से पहने जाने वाले फुटिवयर की उचित जानकारी हो। एक खराब फुटवियर हमारी अच्छी महंगी पोशाक के साथ हमारी छवि भी धूमिल कर सकता है। कई बार गलत साइज के जूते पहनने से महंगी पोशाक होने पर भी हमारी छवि धूमिल हो सकती है। कई बार गलत साइज के जूते पहनने से पैरों में सही तरीके से रक्त संचार नहीं हो पाता, जिससे आपको अक्सर क्रैंप पड़ते हैं और पैरों में दर्द बना रहता है। इसी तरह की और भी कई वजहें हैं, जो आपके जूते को आपके लिए परेशानी का सबब बना सकती हैं।
अत: सही फुटवियर खरीदते समय हमें निम्न पहलुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए-
सही साइज
खरीदते समय हमें सही साइज को मद्देनजर रख कर आरामदेह और सुविधाजनक फुटवियर का चुनाव करना चाहिए। फुटवियर को पहन कर चार-पांच कदम चल कर हमें पैरों की सुविधा सुनिश्चित करनी चाहिए। फुटवियर कहीं से भी हमें काटे नहीं, इस बात का सर्वप्रथम ध्यान रखना चाहिए। जूते न तो बहुत अधिक टाइट होने चाहिए और न ही लूज। फिटेड शूज देखने में काफी अच्छे लगते हैं और हमारे पैरों को आराम भी देते हैं। यदि हमारे पंजे चौड़े हैं तब हमें फिटिंग पर ध्यान देना चाहिए ताकि पंजों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़े।
समय
शाम का समय फुटवियर खरीदने का उचित समय है। इसका मुख्य कारण प्राकृतिक रूप से हमारे पैरों का फैलाव होना है। सुबह के समय हमारे पैर अपेक्षाकृत सिकुड़े हुए होते हैं, जिस कारण छोटे फुटवियर खरीदे जा सकते हैं। शाम के समय खरीदे गए फुटवियर सदा आरामदायक रहते हैं।
सपाट पैर
सपाट पैर, जिन्हें हम फ्लैट फुट भी कहते हैं, उनके लिए हमें ऐसे फुटवियर खरीदने चाहिए जिनका मेहराब बहुत अच्छा हो और ऊंची हील न हो।

हील
ऊंची हील जिसे हम हाई हील कहते हैं, उसमें आराम और सुविधा हेतु हमें इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि फुटवियर के बेस और हील में 3 सेंटीमाटर का अंतर हो।

रंग
ड्रेस और फुटवियर के रंगों का मेल करना अति आवश्यक है, क्योंकि मैचिंग के बिना हम शानदार नहीं दिख सकते। पैटर्न ड्रेस के बेस या प्रमुख रंग से मैचिंग फुटवियर को पहनने से हमारे व्यक्तित्व में निखार आता है। यदि हम पैटर्न फुटवियर के आधार पर अपनी ड्रेस का चुनाव करते हैं, तब भी यही फार्मूला लागू होगा। दुविधा के समय हम प्राकृतिक और कॉमन रंगों के फुटवियर पहन सकते हैं, जिनमें मुख्यत: काला, सफेद, भूरा साबर रंग प्रमुख हैं। हमारी अलमारी में हमारे व्यक्तित्व से मेल करते हर प्रकार के हर मौके पर पहनने वाले फुटवियर होने चाहिए।
मौके के हिसाब से अपने फुटवियर स्टाइल चुनें
फुटवियर हमारी पर्सनैलिटी को निखारने का अहम हिस्सा है। सही फुटवियर के चुनाव से हमारे मूड और व्यक्तित्व का प्रदर्शन होता है। ड्रेस को मद्देनजर रखते हुए फुटवियर पहनें।
कैजुअल ड्रेस –फ्लैट सैंडल, मोजड़ी, छोटी वेज हील वाले जूते, स्नीकर्स।

बिजनेस ड्रेस– पंप शूज, जिनकी हील कम हो, को बिजनेस ड्रेस के साथ पहना जाना चाहिए। यदि हील पसंद है तब हील 4 इंच से कम होनी चाहिए। शूज प्रिंटेड नहीं होने चाहिए और नेचुरल रंगों के ही होने चाहिए।
शाम की ड्रेस और गाउन– हाई हील के स्ट्रैप वाले सैंडल और स्टिलेटोज (पतली संकरी एड़ी वाली सैंडल)।
साड़ी –अलंकृत किटेन हील, वेज हील, शादी विवाह समारोह पर गोल्डन या सिल्वर रंग की हील वाली सैंडल।

सलवार कमीज– जूती, ब्लॉक हील और स्ट्रैप वाले स्टिलेटोज, बैली कोल्हापुरी।
स्कर्ट–स्लिंग वैक्स जूते, सैंडल।

जीन्स–डार्क रंग की जींस के साथ हाई हील स्नीकर्स, लोफर्स। लाइट रंग की जीन्स के साथ फ्लैट सैंडल।
स्ट्रैट पैंट–किटेन हील अंगूठे वाली सैंडल।
जॉगिंग–हल्के स्पोर्ट्स शूज, जिनकी ग्रिप अच्छी हो।
ट्रैकिंग–बूट।

सफर–आरामदायक लोफर्स।
फुटवियर पहनते समय हमें जलवायु और मौसम को भी मद्देनजर रखना चाहिए। हमें फ्लिप फ्लॉप, हवाई चप्पल और स्लिपर्स सिर्फ घर में और समुंदर किनारे बीच पर छुट्टियों में ही पहननी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय हमें निकलने के प्रयोजन अनुसार ही फुटवियर पहनने चाहिए।
