Chandra Dosh
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Overview: भारत के प्रमुख मंदिर जहां मिलती है चंद्र दोष से मुक्ति

चंद्र दोष, मानसिक तनाव और अशांति से मुक्ति के लिए शिव पूजा और भारत के प्रमुख मंदिरों के दर्शन बेहद प्रभावशाली माने गए हैं। जानिए चंद्र दोष के लक्षण और समाधान...

Chandra Dosh Remedy: वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन और माता का प्रतिनिधि ग्रह माना जाता है। यह अत्यंत शीतल, सौम्य और शुभ प्रभाव देने वाला ग्रह है। अगर किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में चंद्रमा मजबूत स्थिति में हो, तो उसका जीवन संतुलित, शांत और प्रतिष्ठापूर्ण रहता है।

ऐसे लोग समाज में मान-सम्मान प्राप्त करते हैं, भावनात्मक रूप से स्थिर रहते हैं और उनके व्यक्तित्व में आकर्षण होता है। चंद्रमा राशि चक्र में सबसे तेज गति से भ्रमण करता है और केवल ढाई दिन में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश कर जाता है। यह कर्क राशि का स्वामी है, वृषभ इसकी उच्च राशि और वृश्चिक इसकी नीच राशि मानी गई है।

चंद्रमा शुभ हो तो सुख, अशुभ हो तो संघर्ष

अगर कुंडली में चंद्रमा बलवान हो तो यह ज्ञान, धन, और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि करता है। ऐसे लोग खुशमिजाज होते हैं, उनके मित्रों का दायरा बड़ा होता है और जीवन में भावनात्मक संतुलन बना रहता है।

इसके विपरीत, यदि चंद्रमा अशुभ ग्रहों जैसे राहु, केतु या शनि के साथ युति करता है या इनसे दृष्ट होता है, तो व्यक्ति मानसिक असंतुलन, भय, तनाव और अस्थिरता से ग्रस्त हो जाता है। राहु या केतु से चंद्रमा की युति “चंद्र ग्रहण दोष” और शनि से युति “विष योग” का निर्माण करती है, जो जीवन में गंभीर मानसिक और भावनात्मक चुनौतियाँ लाती है।

चंद्र दोष के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याएँ

ज्योतिषाचार्य गायत्री शर्मा के अनुसार, कमजोर चंद्रमा व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार भर देता है। ऐसे लोग अक्सर अनजाने भय से पीड़ित रहते हैं, उन्हें नींद न आना, मानसिक थकान, भ्रम और भावनात्मक अस्थिरता जैसी समस्याएं होती हैं।

यह व्यक्ति की याददाश्त, संवाद शैली और पारिवारिक संबंधों को भी प्रभावित करता है। विशेष रूप से मां से जुड़ा रिश्ता कमजोर होता है या उनकी सेहत से जुड़ी परेशानियाँ बनी रहती हैं। इसके अतिरिक्त सांस संबंधी रोग, करियर में रुकावटें और मित्रों से धोखा मिलने जैसी बाधाएं भी सामने आती हैं।

चंद्र दोष से राहत के उपाय

ज्योतिष शास्त्र में चंद्र दोष से छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव की पूजा को अत्यंत प्रभावशाली बताया गया है। सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध अर्पित करना, ब्राह्मणों को चावल, सफेद कपड़ा व चांदी का दान करना तथा सोमवार का व्रत रखना विशेष लाभकारी होता है। मां की सेवा करना भी चंद्रमा को बल देने वाला उपाय माना गया है, क्योंकि चंद्रमा माता का भी प्रतीक है।

भारत के प्रमुख मंदिर जहां मिलती है चंद्र दोष से मुक्ति

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, गुजरात

द्वारका स्थित यह शिवलिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला है। कहा जाता है कि चंद्रदेव ने अपने श्राप से मुक्ति के लिए यहीं शिवजी की उपासना की थी। यही कारण है कि यह मंदिर ‘सोमनाथ’ कहलाता है, सोम’ अर्थात चंद्रमा और ‘नाथ’ अर्थात स्वामी। चंद्र दोष से पीड़ित लोगों को यहां दर्शन करने की विशेष सलाह दी जाती है।

चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, ऋषिकेश, उत्तराखंड

गंगा तट के पास स्थित यह मंदिर भी चंद्र दोष से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि चंद्रमा ने यहां 10 हजार वर्षों तक तप किया था और दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति पाई थी। यह वही स्थान है जहां भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने शीश पर धारण किया था।

चंद्रमौलेश्वर मंदिर, उडुपी, कर्नाटक

उडुपी का यह पवित्र मंदिर उस कथा से जुड़ा है जिसमें चंद्रमा ने चंद्रपुष्करिणी के तट पर भगवान शिव की आराधना कर श्राप से मुक्ति पाई थी। इसी कारण शिव को चंद्रमौलेश्वर कहा गया और यह स्थान आज चंद्र दोष से राहत के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

कैलासंथर मंदिर, थिंगलूर, तमिलनाडु

कुंभकोणम के पास स्थित यह नवग्रह मंदिर भगवान चंद्र को समर्पित है। यहां भगवान चंद्र ने ब्रह्मा के श्राप से छुटकारा पाने के लिए शिव की तपस्या की थी। यह स्थान शिव और चंद्र दोनों के विशेष अनुग्रह के लिए प्रसिद्ध है।

चंद्रोदय मंदिर, वृंदावन, उत्तर प्रदेश

वृंदावन की पुण्यभूमि पर स्थित चंद्रोदय मंदिर को लेकर मान्यता है कि इसके दर्शन से चंद्र दोष का प्रभाव कम होता है। यह मंदिर कुंडली में चंद्रमा को मजबूत करने वाला माना जाता है और चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए बेहद लाभकारी स्थल है।

मैं आयुषी जैन हूं, एक अनुभवी कंटेंट राइटर, जिसने बीते 6 वर्षों में मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को करीब से जाना और लिखा है। मैंने एम.ए. इन एडवर्टाइजिंग और पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर्स किया है, और तभी से मेरी कलम ने वेब स्टोरीज़, ब्रांड...