नवदुर्गा की षष्ठी देवी कात्यायनी की महिमा: Maa Katyayani Katha
Maa Katyayani Katha

चैत्र नवरात्रि में कौन सा पाठ करना चाहिए?: Durga Saptashati Path

अगर आप भी नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करना चाहते हैं, लेकिन यह नहीं समझ पा रहे कि कौन सा पाठ करें, तो चिंता न करें। यहां हम आपको इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं।

Durga Saptashati Path: इस साल चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल को नवमी तिथि पर समाप्त होगी। नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, और लोग व्रत रखते हुए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस दौरान कई लोग तरह तरह के धार्मिक पाठ करते हैं। अगर आप भी नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करना चाहते हैं, लेकिन यह नहीं समझ पा रहे कि कौन सा पाठ करें, तो चिंता न करें। यहां हम आपको इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं।

Durga Saptashati Path
Shree Durga Saptashati

आप चैत्र नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं, जो 700 श्लोकों वाला एक धार्मिक ग्रंथ है और मां दुर्गा के विभिन्न रूपों और उनकी शक्ति का वर्णन करता है। यह ग्रंथ मार्कंडेय पुराण में आता है और विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान, खासकर अष्टमी और नवमी को पढ़ा जाता है, जब मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस ग्रंथ में मां दुर्गा के 9 रूपों, जैसे शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, कात्यायनी, और महागौरी आदि का वर्णन किया गया है, जिनसे मां दुर्गा ने राक्षसों और असुरों से युद्ध कर विजय प्राप्त की। कहा जाता है कि दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से पापों का नाश, मन की शांति, और आध्यात्मिक उन्नति होती है, साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि और रक्षा प्राप्त होती है। आप नवरात्रि के नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती के अलावा दुर्गा चालीसा, हनुमान चालीसा, रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों का भी पाठ कर सकते हैं।

दुर्गा सप्तशती के पाठ को शुरू करने से पहले और करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है, तभी मां दुर्गा की कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी।

दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू करने से पहले यह संकल्प लें कि आप कितने दिन तक और कितने पाठ करेंगे। संकल्प करने के बाद ही पाठ शुरू करें, क्योंकि यह आपके मन की दृढ़ता और सफलता के लिए जरूरी है। साथ ही, संकल्प पूरा करने के बाद ही पाठ खत्म करें। पाठ करते समय हमेशा स्वच्छ और शुद्ध वस्त्र पहनें, जो आपकी आस्था और श्रद्धा को दर्शाते हैं।

पाठ से पहले ब्रह्मचर्य का संकल्प लें और इसे पाठ के समाप्ति तक बनाए रखें। ब्रह्मचर्य के साथ पाठ करने से मानसिक शांति और ध्यान में मदद मिलती है।

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने के लिए लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है। यह रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। पाठ करते समय किसी से बात न करें और पानी भी न पिएं, क्योंकि यह ध्यान भंग कर सकता है।

दुर्गा सप्तशती का पाठ धीरे-धीरे और ध्यान से करें। इसे जल्दबाजी में न करें। आपका पूरा ध्यान मां दुर्गा पर होना चाहिए, क्योंकि पाठ का सही असर तभी होता है जब आप एकाग्रचित्त होकर इसे करें। ध्यान न लगाने पर यह आपके लिए लाभकारी नहीं हो सकता।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...