Chail Himachal Pradesh
Chail Himachal Pradesh

चैल की ख़ास बातें

इस जगह पर एक स्टेडीयम है जिसकी वजह से इसका महत्व और भी बढ़ गया है और यह दुनिया के वैश्विक नक़्शे पर आ गया है।

Chail Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश एक बहुत ही ख़ूबसूरत और अलहदा प्रदेश है। इस जगह पर प्राकृतिक विविधताओं के साथ साथ कई ऐसे छोटे बड़े पर्यटन स्थल हैं जो इस राज्य के अलावा कहीं और नहीं मिल सकते हैं। यही वजह है कि लोग हिमाचल के शहर और गाँवों तक को एक पर्यटक स्थल के तौर पर देखते हैं। चैल, हिमाचल प्रदेश के एक ऐसा ही पर्यटक गांव है। यह चंडीगढ़ से लगभग 100 किमी की दूरी पर स्थित है। इस जगह पर पहले लोग हिमाचल के खानपान और संस्कृति को समझने के लिए आते थे। इस जगह पर एक स्टेडियम है जिसकी वजह से इसका महत्व और भी बढ़ गया है और यह दुनिया के वैश्विक नक़्शे पर आ गया है। जिसकी वजह से देश भर से इस जगह पर घूमने के लिए जाते हैं, आप भी इस जगा पर जाने के विचार बना रहे हैं तो आपको इन जगहों पर ज़रूर जाना चाहिए। 

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Chail Playground

स्कूल प्लेग्राउंड चैल के प्रमुख जगहों में गिना जाता है। यह 7500 फ़ीट की ऊँचाई पर बना एक बहुत ही ख़ूबसूरत स्टेडीयम है। ऐसा कहा जाता है कि कभी महाराजा भूपिंदर सिंह ने इस जगह पर अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में कार्य किया था। वह उस समय क्रिकेट से बेहद प्रेम किया करते थे और उन्होंने ही इस क्रिकेट मैदान का निर्माण करवाया था। वर्तमान में इस मैदान का बहुत ही ज़्यादा महत्व है और पूरी दुनिया में सबसे ऊंचे क्रिकेट मैदान के रूप में जाना जाता है। सैलानी इस मैदान को देखने के लिए आते हैं। 

Sadhupul Lake

साधुपुल झील चैल के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। इस जगह की ख़ूबसूरती और शांत वातावरण हर किसी को प्रभावित करता है। यह जगह ने पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की है। इस जगह पर सैलानी झील देखने के साथ अपना समय बिताने के लिए आते हैं। इस जगह पर एक छोटा सा कैफे भी है जो लोगों को मैगी और ब्रेड-आमलेट जैसे स्नैक्स सर्व करता है। सैलानी झील के ठंडे पानी में पैरों को डुबोकर झील को देखते हुए मैगी खाने का का मजा ले सकते हैं। 

चैल वन्यजीव अभयारण्य चैल की सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक है। इस जगह के प्रति सैलानियों का आकर्षण देखते ही बनता है। यह वन्यजीव अभयारण्य कभी यहाँ के राजघरानों के लिए एक शिकार स्थल हुआ करता था। वर्ष 1976 में भारत सरकार ने इस जगह को एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में मान्यता दी। वर्तमान में यह कई पक्षियों और जानवरों का घर है। इस जगह पर आकर आप तरह तरह के जानवरों को देख सकते हैं। 

Kali Temple

इस जगह पर स्थित काली मंदिर एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। इस जगह पर लोग अपनी धर्मिक और आध्यात्मिक रुचि की वजह से आते हैं और माता काली की पूजा अर्चना करते हैं। यदि आपको शांति और सकून की तलाश है तो आपको इस जगह पर ज़रूर जाना चाहिए। यह मंदिर पेड़ों से घिरा हुआ है जिसकी वजह से काफ़ी मनभावन दृश्य उत्पन्न करता है। इस मंदिर से आसपास की चोटियों का सुंदर नज़ारा दिखाई देता है। 

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...