Deposit Insurance Limit: अगर आप अपनी मेहनत की कमाई बैंक में जमा करते हैं, तो आपके लिए राहत की बड़ी खबर है। सरकार बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा को मौजूदा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने पर विचार कर रही है। इससे देश के लाखों खाताधारकों को आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी और बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास भी मजबूत होगा। फ़िलहाल वित्त मंत्रालय इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है और जल्द ही इस बारे में निर्णय दे सकता है।
क्या है डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्यों है जरूरी
डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC), भारतीय रिजर्व बैंक की स्वामित्व वाली इकाई है जो बैंक में जमा राशि पर बीमा कवर प्रदान करती है। यदि किसी बैंक की वित्तीय हालत खराब हो जाए या वह दिवालिया हो जाए, तो खाताधारकों को DICGC की तय सीमा तक उनका पैसा वापस मिलता है। फिलहाल यह सीमा 5 लाख रुपए है, जिसे 1 अगस्त 2025 से 10 लाख रुपए करने का प्रस्ताव है।
जमा बीमा की सीमा क्यों बढ़ाई जा रही है
देश में पिछले कुछ वर्षों में बैंकिंग संकट और को-ऑपरेटिव बैंकों की समस्याएं बढ़ी हैं। फरवरी 2025 में न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर RBI की कार्रवाई ने सरकार को सतर्क किया। इन हालातों में खाताधारकों की सुरक्षा को बढ़ाने और बैंकों में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार यह बड़ा कदम उठाने जा रही है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार सरकार और वित्त मंत्रालय इसकी संभावनाएं तलाश रहे हैं। वर्तमान में 97% खाताधारक ₹5 लाख सीमा के अंतर्गत कवर हो जाते हैं।
पैसा कब और कैसे मिलता है
अगर कोई बैंक दिवालिया होता है या उस पर मोरेटोरियम लगाया जाता है, तो ग्राहकों को 90 दिनों के भीतर उनका बीमित पैसा वापस मिल जाता है। पहले 45 दिन में बैंक, DICGC को सभी खातों का डेटा भेजता है। अगले 45 दिनों में DICGC, बीमित राशि खाताधारकों को बैंक के माध्यम से वापस लौटाती है।
कौन-कौन से बैंक आते हैं DICGC के दायरे में
देश में काम कर रहे सभी कॉमर्शियल बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लोकल एरिया बैंक और यहां तक कि भारत में कार्यरत विदेशी बैंकों की शाखाएं भी DICGC बीमा कवर में शामिल हैं। यानी अगर आपने किसी अधिकृत बैंक में पैसा जमा किया है, तो आपकी राशि सुरक्षित है, चाहे वह निजी बैंक हो या सरकारी।
कैसे पता करें कि आपका बैंक इंश्योरेंस के दायरे में है
हर बैंक शाखा में DICGC की एक सूचना पर्ची लगी होती है जिसमें यह बताया जाता है कि वह बैंक DICGC से रजिस्टर्ड है। यदि आपको इसकी जानकारी नहीं है, तो आप बैंक अधिकारियों से यह पर्चा मांग सकते हैं या DICGC की वेबसाइट पर जाकर बैंक की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
देश में बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार का यह कदम बेहद अहम है। अगर 10 लाख रुपए तक की जमा बीमा सीमा तय होती है, तो इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि बैंकों में जनता की भागीदारी भी बढ़ेगी।
