( जहां काम सुई करे कहाँ करे तलवार )किसी ने बिलकुल सही कहीं है ये बात सुई तलवार के आगे बहुत छोटी सी चीज कही जाती है, दोनों के आकार में जमीन और आसमान का अंतर होता है, और दोनों के कामों में भी बहुत अंतर है क्योकि सुई जहां जोड़ने का काम करती है वहीं तलवार काटने का काम करती है| इस लिए सुई आपको हर एक के घर में मिल जाएगी पर तलवार हर एक के घर में मिलना तो दूर शायद बहुतों ने कभी देखी भी ना हो अपने जीवन में, सुई जहां फटी चीजों को सिलती है उसको फिर से मजबूती और नया सा कर देती है वहीं पर दूसरी ओर तलवार चीजों को काट देती है इतना ही नहीं कई बार तो अपनों के हाथों अपनों का ही जीवन खत्म का देती है पर क्या आप जानते हैं की घर में सुई को रखने के भी कुछ नियम होते है| अचरज हुआ ना की छोटी सी सुई के भी नियम तो हम कहेंगे की हां जी, तो फिर देर ना करे और जाने सुई से जुड़े कुछ नियम जो की इस प्रकार से हैं|

  • सुई को कभी भी खाली यानि बिना धागे के न रखे| जब भी सुई को प्रयोग करे तो उसके बाद अगर उसमे धागा खत्म भी हो गया हो तो उसके अंदर फिर से धागा डालकर रखे इसके पीछे दो कारण हैं एक तो सुई अगर गलती से कहीं पर गिर जाये या खो जाये तो उसमे अगर धागा डला होगा तो वो आपको आसानी से मिल जाएगी, और किसी के चुभने का डर भी नहीं रहेगा इसके साथ दूसरा कारण जो की सामाजिक है की बड़े बुजुर्ग कहते है की खाली सुई रखने से घर की बहुओं के सुख में कमी आती है, तो फिर सुई को कभी भी बिना धागे के ना रखे यानि धागा डालकर और रील में लगाकर ही रखे|
  • सुई का प्रयोग कभी भी ग्रहण काल में ना करे इसके साथ ही सुहाग व बच्चों से जुड़े व्रत वाले दिन जैसे की करवा चौथ, बड मावस, तीज होई आदि के दिन भी सुई का प्रयोग बड़े बुजुर्ग मना ही करते है तो इन व्रतो में ना करे|
  • सुई कभी भी किसी से भी उपहार में न ले सुई को खुद ही खरीदें, कहते हैं सुई उपहार में लेने से उस इंसान के साथ रिश्ता ख़राब हो जाता हैं इस लिए ऐसा उपहार न ले और ना ही किसी को दे|

विशेष नोट –सुई कभी भी अपनी बहन या बेटी को उसकी शादी में उसको दहेज़ के सामान में न दे क्योकि सुई किसी भी फटे हुए कपडें को सिलती है, इस लिए कहा जाता है कि अगर बहन या बेटी को सुई दी जाती है दहेज़ में तो उस लड़की के रिश्ते उसके मायके के लोगों से इस कदर ख़राब हो जाते है की उनको सही करना नामुमकिन हो जाता है इस के साथ ही उस लड़की को उसके ससुराल में भी रिश्तो में शादी होते ही मधुरता के बजाय कटुता ही मिलती हैं| इस कारण ही बहन या बेटी की शादी में या शादी के बाद कभी भी सुई न दे |तो ये थे सुई से जुड़े नियम इनको जाने और अपनाये|

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