चाकू
- चाकू को रसोई में कील पर लटका कर ना रखें बल्कि किसी डब्बे में उल्टा करके रखे यानि धार व नुकीला हिस्सा नीचे की तरफ रखा हो। उसका नुकीला भाग दिखाई ना दे अन्यथा अशुभता को बढ़ाएगा इसका दिखना।
- चाकू रसोइघर के अलावा शयनकक्ष, ड्रांइगरूम या बच्चों के कमरे में ना रखें। अन्यथा उससे घर में बीमारियां बढ़ने लगेगा। सबकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
- जंग लगे चाकू, आरी, दराती घर में कभी भी ना रखें अन्यथा ये भारी वास्तुदोष उत्पन करेंगे।
- चाकू कभी भी रसोई में दक्षिण पूर्व दिशा में ना रखें क्योंकि ये अग्नि का स्थान माना गया है। इससे लड़ाई, क्रोध एवं द्वेष बढ़ता है। स्वास्थ्य की हानि होती है।
- यथपि कठिन है परंतु फिर भी कोशिश करें कि जब भी आप चाकू से सब्जी या कुछ काटें तो आपका मुंह उत्तर की ओर ना हो क्योंकि उत्तर कुबेर की दिशा है। इससे धन का नाश हो सकता है।
चाकू से करें कुछ उपाय
- अगर रात्रि में बच्चे या बड़े, कोई भी डरते हों व अशुभ सपनों से परेशान रहते हों तो रात्रि में सोते समय तकिए के नीचे चाकू, हींग, नमक की डली को किसी लाल कपड़े में लपेट कर रखें इससे डर नही लगेगा।
- राहू-केतू-शनि के कुप्रभाव से अगर शत्रु बहुत ज्यादा बढ़ गए और शत्रु भी विशेषकर कुटुम्बी हों तो शनिवार की शाम को चाकू को कुछ सिक्कों के साथ दान करें और पीछे मुडकर ना देखें।
- अगर गले में खाने के साथ बाल चला गया हो और इससे गले में खराश आ गई हो तो एक गिलास पानी को 7 बार चाकू से काटकर पिएं, खराश दूर होगा।
- चाकू कभी भी किसी को ना उपहार में दें और ना ही उपहार में लें। चाकू रिश्तों को काटकर रख देगा। अगर कभी किसी से चाकू मंगाए तो उसको पैसे दें ताकि रिश्तों की मिठास पर इसका कोई असर ना पड़े। अगर चाकू आप बिना पैसो के ही लेंगे तो इससे शनि, राहू, केतू आपके लिए अशुभ हो जाएंगे
कैंची
- कैंची भी काटने की ही काम करती है। इसलिए सबसे पहले इसको सफेद कपड़े या कागज में लपेटकर ही रखें। प्रयोग पड़ने पर ही बाहर निकालें।
- किसी को कैंची उधार ना दें और ना ही लें। इसमें ना केवल धन व मान हानि होगी बल्कि कर्ज भी बढ़ेगा।
- बिना वजह हाथ लेकर खाली कैंची ना चलाएं। अगर ऐसा करते हैं तो बेवजह ही किसी से लड़ाई या बदनामी होगी।
- शयनकक्ष में कभी भी कैंची ना रखें। रिश्तों में दरार आ सकती है।
सूई
- सूई फटी चीजों को सिलती है। अत: इसको कभी भी शयनकक्ष, मेहमान कक्ष में ना रखें सूई कभी भी नंगी ना रखें, अर्थात इसमें धागा डालकर गंटक में सीधी अंदर की तरफ लिटाकर रखें। इसकी नोक ऊपर ना रहे अन्यथा अशुभता लाएगी घर में।
तलवार
आजकल ड्रांइगरूम में ढाल में क्रॉस करके लगी हुई तलवारों को टांगने का काफी चलन है। लोग इसको वीरता का प्रतीक मानकर भी लगाते हैं। कुछ लोग इनको स्टैंड शोपीस के रूप में भी घर में सजाते हैं परंतु क्या आप जानते हैं कि इनको इस तरह से प्रयोग करने से शुभता की बजाय अशुभता बढ़ सकती है। चूंकि सबसे ज्यादा इनको लगाने का प्रचलन क्षत्रिय व राजपूत जाति के लोगों में पाया जाता है, अपने कुल की परम्परा को ऐसा करके आगे बढ़ाते हैं। ताकि वे पुरखों के प्रति श्रद्घा व सम्मान तो प्रकट कर ही सके साथ ही अपने बच्चों के खून में भी वीरता, ओज भर सके ऐसा करना बुरा नहीं है बशर्ते कुछ सावधानी रखी जाये तो।
- तलवार को घर में मेहमान कक्ष के अलावा कहीं भी ना लगाए।
- दीवार पर इतनी अधिक ऊंचाई पर लगाएं, जिसको आप या परिवार का सदस्य हाथ बढ़ाकर छू ना सके।
- इस पर कभी भी धूल ना जमे समय-समय पर इसकी सफाई करते रहें।
- तलवार कहीं से खंडित ना हो व इसकी धार में भी जंग लगी ना हो।
- मात्र शो पीस या तस्वीर के रूप से इसको घर के किसी भी कोने मे लगाकर वीरता का अपमान ना करें। दशहरे के दिन इसकी पूजा भी करें। यदि आप उपरोक्त नियमों का पालन नहीं करते हैं तो यही तलवार आपके घर में वास्तुदोष को बढ़ाकर ना केवल आपको धन, सम्मान, स्वास्थ्य का नुकसान करेगी बल्कि आपके मंगल को भी दूषित कर देगी और उस घर में रहने वाले लोगों की आयु का भी ह्रास करेगी। अत: तलवार का प्रयोग करें किंतु सावधानी के साथ।
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