Swastik Astrology: शादी के बाद जब लड़की ससुराल जाती है, तो उसके जीवन में नई जिम्मेदारियां और परंपराएं जुड़ जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ससुराल ले जाने वाले बैग पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना। आपने भी देखा होगा कि जब दुल्हन शादी के बाद अपने कपड़े और सामान के लिए बैग तैयार करती है, तो सबसे पहले उसके ऊपर स्वास्तिक का निशान बनाया जाता है। यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि शुभता और समृद्धि का प्रतीक भी है। हिंदू धर्म में स्वास्तिक को बहुत पवित्र माना गया है। यह परंपरा न केवल एक धार्मिक प्रथा है, बल्कि दुल्हन के नए जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक भी है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह परंपरा नए जीवन की शुभ शुरुआत के प्रतीक के रूप में निभाई जाती है। आशु मैं आपको उसे आर्टिकल के जरिए विस्तार से बताएंगे कि आखिर ससुराल जाने से पहले लड़की अपने बैग पर स्वास्तिक का चिन्ह क्यों बनाती है, तो चलिए जानते हैं।
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सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक
ससुराल के लिए बैग पैक करने से पहले उसे पर स्वास्तिक चिन्ह बनाना पवित्रता का प्रतीक माना गया है। हिंदू धर्म में स्वास्तिक को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। यह मान्यता है कि बैग पर स्वास्तिक बनाकर हम भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जिससे नए जीवन की शुरुआत में कोई बाधा ना आए और हर कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो। इस परंपरा के जरिए दुल्हन यह कामना करती है, कि जो भी सामान वह लेकर जा रही है, वह उसके नए जीवन में खुशहाली और बरकत लेकर आए।
सकारात्मक शुरुआत और समृद्धि की कामना
शादी जैसे पवित्र अवसर पर हर परंपरा का विशेष महत्व होता है और इसी कड़ी में दुल्हन के बैग पर रोली और हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाना भी शामिल है। रोली को सुहाग और मंगलता का प्रतीक माना जाता है, जबकि हल्दी को नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाली मानी जाती है। जब दुल्हन अपने बैग पर इन दोनों चीजों से स्वास्तिक बनाती है, तो यह न केवल शुभता का प्रतीक होता है, बल्कि यह विश्वास भी होता है कि इससे उसका सामान बुरी नजर और नेगेटिव एनर्जी से बचा रहेगा। यह परंपरा नए जीवन की सकारात्मक शुरुआत और समृद्धि की कामना को दर्शाता है।
दुल्हन के जीवन में सुख-समृद्धि
शादी के शुभ अवसर पर दुल्हन का बैग पैक करने की परंपरा का भी खास महत्व है। बैग में सबसे पहले ऊपर की तरफ स्वास्तिक चिन्ह बनाया जाता है। इसके साथ ही बैग में 11 या 21 रुपए और चावल रखना भी अनिवार्य माना जाता है, क्योंकि यह बरकत और धन की प्रतीकात्मक कामना है। यह विश्वास है कि ऐसा करने से दुल्हन के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और किसी चीज की कमी महसूस नहीं होती। इसके बाद ही बैग में काफी सामान रखा जाता है, जिससे शादी का शुभ कार्य सकारात्मक ऊर्जा के साथ शुरू हो सके।
