अपनी कुण्डली के ग्रहों को इन उपायों की मदद से अनुकूल बनाएं
कुण्डली के ग्रह जब अनुकूल हो तो व्यक्ति के सारे काम आसानी से बन जाते हैं। लेकिन जब ग्रहों की दशा अनुकूल ना हो तो व्यक्ति के बने काम भी बिगड़ जाते हैं।
Astro Tips: व्यक्ति के जीवन में जब कभी कोई परेशानी आती है, तो समझ ही नहीं आता क्या करें क्या ना करें? कुंडली के ग्रह जब अनुकूल हो, तो व्यक्ति के सारे काम आसानी से बन जाते हैं, लेकिन जब ग्रहों की दशा अनुकूल ना हो तो व्यक्ति के बने काम भी बिगड़ जाते हैं।
किसी की कुण्डली में ग्रहों की दशा अनुकूल ना हो तो उसके जीवन इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। उसे जीवन में कई कष्ट भी उठाने पड़ते है। आर्थिक नुक़सान भी होता है और साथ ही मानसिक परेशानियों को भी झेलना पड़ जाता है। हालांकि आपको ज्यादा परेशान होने की भी जरूरत नहीं है क्योंकि ज्योतिष और वास्तु में कई उपाय बताएं गए हैं, जिनकी मदद से आप अपने ग्रहों को अनुकूल बना सकते हैं।
कुण्डली का विश्लेषण कराएं

जैसे बीमार होने पर हम अपना रेगुलर चेकअप कराते हैं,वैसे ही जिंदगी में अचानक किसी समस्या से हम ग्रसित हो जाते हैं और उसका समाधान भी नहीं मिल पाता। जैसे, आप बीमार हो लेकिन बीमारी का इलाज नहीं मिल रहा। या फिर आप कभी थके थके महसूस करते हों और बीमार भी ना हो। या, फिर कभी आप जिस काम में हाथ डालते हो वो बिगड़ जा रहा हो। तो,ये सब संकेत हैं कि आपके कुण्डली में ग्रह, नक्षत्रों की दशा बदल रही हो और इससे आपके जीवन पर नकारात्मक असर पड़ रहा हो। ऐसी स्थिति में आप किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह ले कर उसका समाधान लें। इसलिए बीच बीच में अपनी कुण्डली का विश्लेषण कराते रहना चाहिए।
अनुष्ठान

ज्योतिष शास्त्र में कुण्डली विश्लेषण के बाद ग्रहों के बुरे प्रभाव को दूर करने के लिए कुछ पूजा अनुष्ठान कराएं जाते हैं। नवग्रह शांति, रुद्राभिषेक, चंडी पाठ, हवन, महामृत्युंजय जाप कराए जाते हैं। इसके प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक असर पड़ता है,और जीवन में अनुकूलता आती है।
मंत्र जाप

हमारी कुण्डली नौ ग्रहों के प्रभाव से बनती है। अगर ये नौ ग्रह व्यक्ति के जीवन पर बुरा प्रभाव डालने लगते हैं,तो उनसे संबंधित मंत्रो के जाप से व्यक्ति के जीवन में अनुकूलता आती है। ये मंत्र बहुत प्रभावशाली होते हैं। जैसे सूर्य मंत्र,शनि मंत्र, या बीज मंत्र उपाय के तौर पर कारगर होते हैं।
यंत्र की पूजा

हर ग्रहों से संबंधित यंत्र भी होता है, जिसकी तांबे पर आकृति बनी होती है, जिसकी पूजा से व्यक्ति के मारक दोष भी दूर हो जाते हैं।जैसे नवग्रह यंत्र, श्री यंत्र,इत्यादि।
रत्न और दान

जब व्यक्ति के ऊपर ग्रह दोषों का प्रभाव पड़ता है,तो ज्योतिषशास्त्र उपाय के तौर पर ग्रहों से संबंधित रत्न अंगूठी में जड़वाकर,या गले में पहनने की सलाह देती है। वास्तव में ये व्यक्ति के ऊपर छाते का काम करता है,और ग्रहों के बुरे प्रभाव से उसे ज्यादा नुक़सान नहीं हो पाता है।
हिन्दू धर्म में सदियों से दान देने की प्रथा रही है। लेकिन ज्योतिषी में ग्रहों से संबंधित दान देने से व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों का नकारात्मक असर नहीं पड़ता है।
उपवास और व्रत

ग्रहों से संबंधित दोषों को दूर करने में उपवास भी कारगर होता है। और इससे सच्चे भाव के साथ करने पर भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
इन उपायों की मदद से आप भगवान की कृपा प्राप्त करेंगे और ग्रहों को अपने अनुकूल बना पाते हैं।
