ओवर इमोशनल बच्चे को संभालने के लिए अपनाएं ये तरीके: Handle Over Emotional Child
Handle Over Emotional Child

बच्चा है ओवर इमोशनल तो संभालें इन तरीकों से

इमोशनल बच्चे दूसरे बच्चों की तुलना में बहुत ही ज्यादा संवेदनशील होते हैं, उन्हें संभालने के लिए पेरेंट्स को छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता हैI

Handle Over emotional child: बच्चे की परवरिश में पेरेंट्स से अक्सर यह गलती हो जाती है कि वे एक ही तरीके से बच्चे की पेरेंटिंग करते हैंI लेकिन आज के समय में पेरेंट्स को यह बात समझने की जरूरत है कि हर बच्चा अलग और खास होता है, खासकर जब बच्चा कुछ ज्यादा ही इमोशनल होता हैI दरअसल इमोशनल बच्चे दूसरे बच्चों की तुलना में बहुत ही ज्यादा संवेदनशील होते हैं, उन्हें संभालने के लिए पेरेंट्स को छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता हैI इसलिए पेरेंट्स को उन्हें संभालने के लिए कुछ जरूरी तरीके जरूर अपनाने चाहिएI

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Handle Over Emotional Child
Love the child

अगर आपका बच्चा छोटी-छोटी बातों पर रोने लगता है तो इसका मतलब है कि वह ओवर इमोशनल है और उसे खास देखभाल की जरूरत हैI ऐसे में जितना संभव हो आप बच्चे को प्यार करें, समय निकाल कर उससे बातें करें और बातों-बातों में ही उसके मन की बात भी जानने की कोशिश करेंI

strictness
Do not be too strict with the child

अगर आप अपने ओवर इमोशनल बच्चे के साथ ज्यादा सख्ती दिखाते हैं तो आपका बच्चा आपसे दूर हो जाता है और कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि बच्चा बिना बात के भी रोना शुरू कर देता हैI ऐसे में बच्चे को संभालना पेरेंट्स के लिए काफी मुश्किल भरा काम हो जाता हैI इसलिए बच्चे के साथ सख्ती से पेश आने से बचेंI

child's emotions
Try to understand the child’s emotions

पेरेंट्स के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने बच्चे के  इमोशंस को समझें और बच्चे पर ध्यान देंI कई बार ऐसा भी होता है कि पेरेंट्स जब बच्चे के छोटे-छोटे इमोशंस पर ध्यान नहीं देते हैं तो इसकी वजह से बच्चा एक समय के बाद कुछ ज्यादा ही इमोशनल हो जाता है और रोकर अपने इमोशंस को बाहर व्यक्त करना शुरू कर देता हैI

Friendship with child
Help the child in making friends

कम दोस्त होने के कारण भी बच्चे ओवर इमोशनल हो जाते हैंI जब वे देखते हैं कि दूसरे बच्चे उनसे दूरी बनाते हैं या बात नहीं करते हैं तो वे अन्दर ही अन्दर अकेलापन महसूस करते हैं और कोशिश करने के बावजूद भी दोस्ती करने में असफल रहते हैंI ऐसे में पेरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चे को दोस्ती करना सिखाएं और बच्चे को दूसरे बच्चों के साथ समय बिताने दें, ताकि वह दोस्तों से डरने के बजाए उनके साथ अच्छा महसूस करे और खुश रहेI 

Spend more time
Spend more time with the child

कई बार बच्चे अकेलेपन के कारण भी ओवर इमोशनल बन जाते हैं और ऐसे में जब वे अपने पेरेंट्स से थोड़े समय के लिए भी दूर होते हैं तो रोना शुरू कर देते हैंI कभी-कभी तो वे छोटी-छोटी बातों के कारण भी इतने डर जाते हैं कि रोकर अपने इमोशंस पेरेंट्स को बताते हैंI ऐसे में पेरेंट्स को हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि वे अपने बच्चे के साथ  ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं और घर में बच्चे के लिए खुशनुमा माहौल बनाने की कोशिश करेंI

ए अंकिता को मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और खास तौर पर लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट बीट में रुचि रखती हैं। लेखन के अलावा वेब सीरीज़ देखना, घूमना, संगीत सुनना और फोटोग्राफी...