बच्चा है ओवर इमोशनल तो संभालें इन तरीकों से
इमोशनल बच्चे दूसरे बच्चों की तुलना में बहुत ही ज्यादा संवेदनशील होते हैं, उन्हें संभालने के लिए पेरेंट्स को छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता हैI
Handle Over emotional child: बच्चे की परवरिश में पेरेंट्स से अक्सर यह गलती हो जाती है कि वे एक ही तरीके से बच्चे की पेरेंटिंग करते हैंI लेकिन आज के समय में पेरेंट्स को यह बात समझने की जरूरत है कि हर बच्चा अलग और खास होता है, खासकर जब बच्चा कुछ ज्यादा ही इमोशनल होता हैI दरअसल इमोशनल बच्चे दूसरे बच्चों की तुलना में बहुत ही ज्यादा संवेदनशील होते हैं, उन्हें संभालने के लिए पेरेंट्स को छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता हैI इसलिए पेरेंट्स को उन्हें संभालने के लिए कुछ जरूरी तरीके जरूर अपनाने चाहिएI
Also read: इन 6 लक्षणों से जानें कि कहीं आप एलीफेंट पेरेंट्स तो नहीं
बच्चे को प्यार करें

अगर आपका बच्चा छोटी-छोटी बातों पर रोने लगता है तो इसका मतलब है कि वह ओवर इमोशनल है और उसे खास देखभाल की जरूरत हैI ऐसे में जितना संभव हो आप बच्चे को प्यार करें, समय निकाल कर उससे बातें करें और बातों-बातों में ही उसके मन की बात भी जानने की कोशिश करेंI
बच्चे के साथ ज्यादा सख्ती ना दिखाएँ

अगर आप अपने ओवर इमोशनल बच्चे के साथ ज्यादा सख्ती दिखाते हैं तो आपका बच्चा आपसे दूर हो जाता है और कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि बच्चा बिना बात के भी रोना शुरू कर देता हैI ऐसे में बच्चे को संभालना पेरेंट्स के लिए काफी मुश्किल भरा काम हो जाता हैI इसलिए बच्चे के साथ सख्ती से पेश आने से बचेंI
बच्चे के इमोशंस को समझने की कोशिश करें

पेरेंट्स के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने बच्चे के इमोशंस को समझें और बच्चे पर ध्यान देंI कई बार ऐसा भी होता है कि पेरेंट्स जब बच्चे के छोटे-छोटे इमोशंस पर ध्यान नहीं देते हैं तो इसकी वजह से बच्चा एक समय के बाद कुछ ज्यादा ही इमोशनल हो जाता है और रोकर अपने इमोशंस को बाहर व्यक्त करना शुरू कर देता हैI
दोस्ती करने में बच्चे की मदद करें

कम दोस्त होने के कारण भी बच्चे ओवर इमोशनल हो जाते हैंI जब वे देखते हैं कि दूसरे बच्चे उनसे दूरी बनाते हैं या बात नहीं करते हैं तो वे अन्दर ही अन्दर अकेलापन महसूस करते हैं और कोशिश करने के बावजूद भी दोस्ती करने में असफल रहते हैंI ऐसे में पेरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चे को दोस्ती करना सिखाएं और बच्चे को दूसरे बच्चों के साथ समय बिताने दें, ताकि वह दोस्तों से डरने के बजाए उनके साथ अच्छा महसूस करे और खुश रहेI
बच्चे के साथ ज्यादा समय बिताएं

कई बार बच्चे अकेलेपन के कारण भी ओवर इमोशनल बन जाते हैं और ऐसे में जब वे अपने पेरेंट्स से थोड़े समय के लिए भी दूर होते हैं तो रोना शुरू कर देते हैंI कभी-कभी तो वे छोटी-छोटी बातों के कारण भी इतने डर जाते हैं कि रोकर अपने इमोशंस पेरेंट्स को बताते हैंI ऐसे में पेरेंट्स को हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि वे अपने बच्चे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं और घर में बच्चे के लिए खुशनुमा माहौल बनाने की कोशिश करेंI
